RE-2 पर निगम की कार्रवाई के दौरान हंगामा, पथराव के बाद पुलिस का लाठीचार्ज; 2 घायल, 2 हिरासत में

इंदौर
 इंदौर में इस समय विकास कार्यों की तेजी और प्रशासनिक चुनौतियों की दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं. एक तरफ जहां शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हुई है. आरई-2 प्रोजेक्ट की तीन साल से अटकी कनेक्टिविटी को पूरा करने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने बड़ा अभियान शुरू किया है. बंगाली चौराहे से पिपलियाना के बीच सड़क निर्माण में बाधा बन रही तीन बस्तियों- पिपलियाना-शेरकांकड़, शिवनगर और शिव दर्शन नगर में बुलडोजर की कार्रवाई जारी है. इस दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशानस पथराव किया. इसका वीडियो भी सामने आया है. पथराव को देखते हुए पुलिस ने लाठी चार्ज किया। 

टीम जेसीबी, पोकलेन और पुलिस बल के साथ बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर पहुंची। कार्रवाई का कुछ लोगों ने विरोध किया। इसके बाद रिमूवल टीम और पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने प्लास्टिक पाइप से लोगों को खदेड़कर स्थिति नियंत्रित की। पथराव में दो लोगों को चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।

पिपलियाना-शेरकांकड़ में 70 से ज्यादा, शिवनगर में 115 और शिव दर्शन नगर में 72 आवासों को चिन्हित किया गया है.  लगभग 300 परिवारों के मकानों और अन्य अवैध निर्माणों को हटाकर सड़क के एक किलोमीटर हिस्से को खाली कराया जा रहा है. मौके पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम का अमला तैनात है. इसके बावजूद लोगों ने विरोध और पथराव किया. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया. माहौल शांत होते ही तुरंत ही काम किया जाएगा। 

4.25 किमी लंबी सड़क, 3.20 किमी काम पूरा
एसडीएम घनश्याम धनगर के अनुसार, RE-2 की कुल लंबाई 4.25 किमी और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें 3.20 किमी सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। करीब एक किलोमीटर हिस्सा तीन साल से अधूरा है। प्रोजेक्ट पर करीब 55 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं। सड़क के रास्ते में कुल सात बस्तियां बाधक हैं।

325 परिवारों का हो चुका व्यवस्थापन
पिपलियाहाना-बिचौली कांकड़ क्षेत्र में 325 परिवारों का पहले ही व्यवस्थापन किया जा चुका है। इनमें 303 परिवार आवासीय प्रकोष्ठों में रह रहे हैं। कोर्ट के स्थगन आदेश के कारण 22 मकान नहीं हटाए गए थे। कोर्ट के निर्णय के बाद इन परिवारों को आवास आवंटित कर 15 दिन का नोटिस दिया गया है। वहीं, 22 मकानों के अलावा बने 58 अवैध कच्चे झोपड़े हटाए जा चुके हैं।

शांति नगर, पंचमुखी हनुमान मंदिर नायता रोड, स्कंदधाम कॉलोनी और आरटीओ के पास की बस्ती के परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के नीलगिरि परिसर में शिफ्ट किया जा चुका है।

अब शिव नगर और शिव दर्शन नगर की बारी
शिव नगर में 80 मकानों में 117 परिवार और शिव दर्शन नगर में 55 मकानों में 72 परिवार रह रहे हैं। इनका भी नीलगिरि परिसर में व्यवस्थापन किया जाना है। निगम के अनुसार, बाधाएं हटने के बाद RE-2 के बचे हिस्से का निर्माण शुरू कराया जाएगा।

सड़क पूरी होने से भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र को वैकल्पिक कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे आवागमन आसान होने के साथ मुख्य मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

स्वच्छता पर हड़ताल की मार
दूसरी ओर, देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर की पहचान पर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से असर पड़ा है. अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर वाल्मीकि समाज और सफाईकर्मी काम बंद हड़ताल पर चले गए हैं, जिससे शहर के कई इलाकों में सफाई व्यवस्था ठप हो गई है। 

जगह-जगह लगे कचरे के ढेर
नेहरू नगर सहित कई रेजिडेंशियल और कमर्शियल एरिया की सड़कों पर कचरे के अंबार लग गए हैं. कचरा गाड़ियां न आने और डोर-टू-डोर कलेक्शन रुकने से गलियों में बदबू फैल रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था कर शहर को वापस साफ सुथरा बनाने और हड़तालियों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास में जुटा है। 

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