पटवारियों की हड़ताल से राजनांदगांव में कामकाज प्रभावित, राजस्व सेवाओं पर असर

राजनांदगांव.

पटवारियों की हड़ताल के चलते राजस्व विभाग से जुड़े विभिन्न कार्य प्रभावित हो रहे हैं। दो दिनों से यही स्थिति देखने को मिल रही है। तहसील कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हड़ताल के कारण फसलों का भौतिक सत्यापन का काम भी नहीं हो पा रहा है, जिससे किसनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने से लेकर किसान पंजीयन तथा जमीन संबंधी कार्यों तक पर इसका असर देखने को मिल रहा है। इसके साथ-साथ अन्य कार्यों पर भी असर पड़ने लगा है। राजनांदगांव जिले में भी छत्तीसगढ़ राजस्व संघ के आह्वान पर पटवारी हड़ताल पर चले गए हैं। पटवारी राजस्व व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। जमीन के रिकॉर्ड, सीमांकन से जुड़ी प्रक्रिया, भूमि संबंधी रिपोर्ट और विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए आवश्यक सत्यापन में उनकी भूमिका रहती है। ऐसे में उनके हड़ताल पर रहने से संबंधित प्रक्रियाओं में देरी हो रही है। इसका असर विद्यार्थियों, किसानों और जमीन संबंधी काम कराने वाले नागरिकों पर पड़ रहा है। दो दिनों से शहर तथा जिले में यही स्थिति देखने को मिल रही है।

पीवी ऐप की समस्याओं को लेकर आंदोलन
छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 13 अक्टूबर से शुरू हुई है। पटवारी संघ का कहना है कि फसल के भौतिक सत्यापन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पीवी ऐप में तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं। हड़ताल का असर आगामी धान खरीदी की तैयारियों पर भी पड़ने की आशंका है। किसान पंजीयन और फसल सत्यापन में देरी होने से किसानों को परेशानी हो सकती है। वहीं आय और जाति प्रमाण पत्र की जरूरत वाले विद्यार्थियों तथा अन्य आवेदकों को भी इंतजार करना पड़ सकता है। 

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