योगी सरकार की सामूहिक विवाह योजना से 28,833 जोड़ों को मिला सहारा, जरूरतमंद परिवारों को राहत

योगी सरकार की सामूहिक विवाह योजना बनी जरूरतमंद परिवारों का सहारा, 28,833 जोड़ों ने थामा एक-दूजे का हाथ

72,540 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य, अब तक 1.16 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त

हरदोई प्रदेश में पहले और सीतापुर दूसरे स्थान पर, पारदर्शी व्यवस्था से लाभार्थियों को मिल रही सहायता

एक जोड़े के विवाह पर एक लाख रुपये का प्रावधान, बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराने में मददगार बनी योजना

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह को सम्मानजनक और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल कर रही है। समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो रही है। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक प्रदेश में 28,833 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है। सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 72,540 जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया है।

योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को आर्थिक सहयोग मिलने के साथ ही सामूहिक विवाह समारोहों के जरिए सामाजिक समरसता और समानता को भी बढ़ावा मिल रहा है। जरूरतमंद परिवारों को बेटियों के विवाह की आर्थिक चिंता से राहत देने के उद्देश्य से संचालित यह योजना सरकार की जनकल्याणकारी पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

लक्ष्य के मुकाबले मिले 1.16 लाख से अधिक आवेदन

समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक प्रदेशभर से 1,16,668 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 34,845 आवेदन स्वीकृत किए गए हैं, जबकि जांच में 11,679 आवेदन अपात्र पाए गए। पात्रता के आधार पर आवेदनों की जांच और विवाह की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।  जिलावार आंकड़ों में हरदोई 1,385 जोड़ों के विवाह के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। सीतापुर में 1,335 जोड़ों के विवाह संपन्न हुए हैं। आजमगढ़ में 1,242 और पीलीभीत में 1,271 जोड़ों का विवाह कराया गया है। ये आंकड़े प्रदेश के विभिन्न जिलों में योजना के क्रियान्वयन को दर्शाते हैं।

एक लाख रुपये की सहायता से गृहस्थी बसाने में सहयोग

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े के विवाह पर कुल एक लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है। इसमें 64 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में गृहस्थी बसाने के लिए दिए जाते हैं। वहीं, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की आवश्यक व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य विवाह के अवसर पर परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। योजना के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को नई गृहस्थी शुरू करने में सहयोग मिलता है। सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने में सहारा दे रही है।

ई-केवाईसी और डिजिटल सत्यापन से पारदर्शिता पर जोर

योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। आवेदकों के सत्यापन के लिए ई-केवाईसी की व्यवस्था है, जबकि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आय और जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही आधार आधारित भुगतान व्यवस्था के जरिए पात्र लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सहायता राशि पहुंचाने का प्रावधान है।

More From Author

मंत्री काश्यप बोले- प्रदेश में निवेश की संभावनाओं वाले सभी क्षेत्रों को मिलेगा प्रोत्साहन

Tiger Shroff Firing Case: राधा-बबीता पर हथियार पहुंचाने का आरोप, पुलिस हिरासत में पूछताछ से खुलेंगे राज?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14099/197

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.