MP Ladli Laxmi Yojana: बेटियों की उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर जोर, पात्र बालिकाओं को मिलेगी एक लाख रुपये की राशि

युवा वर्ष 2027 में लाड़ली लक्ष्मी योजना से बेटियों की उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मिलेगी नई दिशा

21 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली पात्र बालिकाओं को मिलेगी एक लाख रुपये की परिपक्वता राशि
पात्र बालिकाओं को समय पर छात्रवृत्ति और परिपक्वता राशि का लाभ सुनिश्चित करने के दिये निर्देश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा वर्ष 2027 को युवा वर्ष घोषित किए जाने के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी बालिकाओं की उच्च शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। महिला बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया ने कहा है कि वर्ष 2007 में बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रारंभ हुई यह योजना अब बालिकाओं को शिक्षा के विभिन्न पड़ावों से आगे बढ़ाते हुए उच्च शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जोड़ रही है। प्रदेश की 54 लाख 32 हजार से अधिक पंजीकृत लाड़ली लक्ष्मीयों के लिए युवा वर्ष 2027 नई संभावनाओं और अवसरों का वर्ष होगा। मंत्री सुनिर्मला भूरिया मंगलवार को विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, छात्रवृत्ति वितरण, पात्र हितग्राहियों को परिपक्वता राशि के भुगतान तथा लंबित प्रकरणों के निराकरण की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए योजना का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा घोषित युवा वर्ष 2027 के दृष्टिगत बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएं।

2007 की लाड़ली लक्ष्मीयाँ अब युवा पीढ़ी का हिस्सा, 2027 में शुरू होगा परिपक्वता राशि भुगतान का महत्वपूर्ण चरण

मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिये वर्ष 2027 विशेष महत्व रखता है। योजना के प्रारंभिक वर्षों में पंजीकृत बालिकाएं अब 21 वर्ष की आयु पूरी करने की ओर अग्रसर हैं। वर्ष 2006 में जन्मी पात्र बालिकाएं वर्ष 2027 में 21 वर्ष की होंगी। निर्धारित शर्तें पूरी करने पर उन्हें एक लाख रुपये की एकमुश्त परिपक्वता राशि प्राप्त करने की पात्रता होगी। इस प्रकार युवा वर्ष 2027 बालिकाओं को शिक्षा के साथ आर्थिक संबल प्रदान करने का महत्वपूर्ण अवसर बनेगा। योजना के अंतर्गत कक्षा 12वीं की मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होने तथा विवाह की स्थिति में निर्धारित न्यूनतम वैधानिक आयु का पालन करने जैसी पात्रता शर्तें लागू हैं। परिपक्वता राशि के भुगतान के लिए सुपरवाइजर, परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी और कलेक्टर स्तर पर सत्यापन की व्यवस्था की गई है। मंत्री सुभूरिया ने निर्देश दिए कि पात्र बालिकाओं के दस्तावेजों का सत्यापन समयबद्ध तरीके से किया जाए, जिससे भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो।

16 लाख से अधिक बालिकाओं को 1179 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति

प्रदेश में मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत अब तक 54 लाख 32 हजार 45 बालिकाओं का पंजीयन किया जा चुका है। योजना के माध्यम से 16 लाख 7 हजार बालिकाओं को कुल 1179 करोड़ 33 लाख रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई है। बालिकाओं को कक्षा छठवीं में प्रवेश पर 2 हजार रुपये, नौवीं में 4 हजार रुपये तथा 11वीं और 12वीं में प्रवेश पर 6-6 हजार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 के अंतर्गत स्नातक अथवा व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने वाली पात्र बालिकाओं को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दो समान किस्तों में प्रदान की जाती है। यह प्रावधान बालिकाओं को स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान करता है।

लाड़ली लक्ष्मी योजना में आर्थिक सहायता बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार

योजना के अंतर्गत बालिकाओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता में वृद्धि के प्रस्ताव भी तैयार किए गए हैं। वर्तमान में 1 लाख 43 हजार रुपये के आश्वासन प्रमाण-पत्र के स्थान पर 2 लाख रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके साथ ही कक्षा छठवीं में छात्रवृत्ति 2 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपये, नौवीं में 4 हजार से 8 हजार रुपये, 11वीं में 6 हजार से 10 हजार रुपये तथा 12वीं में 6 हजार से 12 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि 25 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये और 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर देय परिपक्वता राशि एक लाख से बढ़ाकर सवा लाख रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। ये दरें अभी प्रस्तावित हैं और स्वीकृति के बाद ही प्रभावी होंगी।

वर्ष 2026-27 में 1801 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान

राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1801 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार 12 अक्टूबर 2026 तक 1167 करोड़ रुपये व्यय किए जा चुके हैं। यह राशि बालिकाओं को योजना के निर्धारित लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में उपयोग की जा रही है।

बैठक में सचिव महिला एवं बाल विकास श्रीमती जी. वी. रश्मि और आयुक्त महिला एवं बाल विकास संदीप जी. आर. उपस्थित थे।

 

More From Author

Karwa Chauth 2026: 29 अक्टूबर को रखेंगी सुहागिनें व्रत, जानें किन गलतियों से बचना जरूरी

Bhopal Master Plan: वन क्षेत्रों और बाघों के प्रजनन जोन से गुजरेंगी सड़कें, प्लानिंग पर उठे सवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14099/197

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.