मध्य प्रदेश में बिजली नेटवर्क होगा मजबूत, 17 सबस्टेशन और 400 किमी नई लाइनों से ग्रामीणों-किसानों को मिलेगा लाभ

 भोपाल 
एमपी में बड़े स्तर पर ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। बिजली की बढ़ती मांग और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति को मजबूत करने के लिए प्रोजेक्ट काम शुरू किया है। एमपी पावर पर ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा प्रदेश में 17 नए सबस्टेशन और करीब 400 किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण की परियोजना पर काम किया जा रहा है। परियोजना से प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का नेटवर्क मजबूत होगा।

प्रोजेक्ट के तहत कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हो चुके हैं। हरदा जिले के सोडलपुर में 132/33 केवी और सोडलपुर-सुल्तानपुर 132 केवी डीसीएसएस ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे करीब 1 लाख ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं। सीहोर जिले के जवारजोड़ में 132/33 केवी तथा आष्टा-सोनकच्छ 132 केवी लाइन के कार्य से करीब 75 हजार लोगों को लाभ मिला है।

रायसेन के पठारी में और गैरतगंज पंठारी में भी करीब 75 हजार किसानों और ग्रामीणों को फायदा पहुंचा है। रतलाम जिले के धोधर व जावरा दालोदा भी करीब 75 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं। वहीं देवास जिले के चौबाराधीरा में 132/33 केवी और सोनकच्छ चौबाराधीरा 132 केवी डीसीएसएस ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण से करीब 1 लाख लोगों को विद्युत सुविधा मिली है। बुरहानपुर जिले में बहादुरपुर-बड़गांव 132 केवी डीसीएसएस ट्रांसमिशन लाइन का निर्माण भी पूरा किया जा चुका है, जिससे करीब 75 हजार किसान और ग्रामीण लाभान्वित हुए हैं।

एआइएस का रखरखाव आसान
एआइएस (एयर इंसुलटेड सब स्टेशन का रखखाव आसान होता है। भविष्य में इसका विस्तार करना भी आसान है। रायसेन और खरगोन जिलों में 2-2 सब स्टेशन बन रहे हैं। हरदा, नर्मदा पुरम, रतलाम, अलीराजपुर, राजगढ़, देवास, सीहोर, गुना, बैतूल, उज्जैन जिलों में एक एक सब स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही करीब 400 किमी लंबी ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण किया जा रहा है। इन प्रोजेक्ट्स का उद्देश्य बिजली के ट्रांसमिशन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है, जिससे भविष्य में बढ़ने वाली ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।

मंडीदीप जीआइएस स्टेशन का 80% कार्य पूर्ण
मंडीदीप में जीआइएस स्टेशन का 80% काम पूरा हो गया है ये मार्च तक पूरा हो जाएगा। मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) पीथमपुर और भोपाल में भी जीआइएस स्टेशन का जल्द निर्माण शुरू करने वाला है। मंडीदीप के जीआइएस स्टेशन से औद्योगिक ग्रोथ के लिए हाईटेक पावर बैकअप मिलेगा। साथ ही 1 लाख से ज्यादा आबादी को भी फायदा होगा। भोपाल के दक्षिण व पश्चिम हिस्सों को ट्रांसमिशन नेटवर्क से भी मजबूती मिलेगी। गैस इंसुलेटेड (जीआइएस) तकनीक में स्विचगियर के प्रमुख हिस्से सीलबंद धातु आवरण में रहते हैं। धूल, नमी और प्रदूषण से होने वाले फॉल्ट और ट्रिपिंग की आशंका भी कम रहती है। ऐसे सब स्टेशन का निर्माण पारंपरिक सब स्टेशन के मुकाबले 70 से 90% कम जमीन में होता है। एक जीआइएस स्टेशन 400 केवी सब स्टेशन क्षेत्र को लंबे समय तक विश्वसनीय ट्रांसमिशन क्षमता उपलब्ध कराएगा।

प्रोजेक्ट से विकास की रफ्तार बढ़ी
मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रस्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट हेड अक्षय प्रधान ने बताया कि प्रोजेक्ट से प्रदेश के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के साथ बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता में सुधार की उम्मीद हैं। नए सब स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनों का यह नेटवर्क औद्योगिक, कृषि और घरेलू बिजली जरूरतों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा। मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क, विश्वसनीय बिजली व्यवस्था की दिशा में ये परियोजना एक अहम कदम साबित होगी।

बिजली व्यवस्था को बेहतर करने की दिशा में इन सब स्टेशंस और जीआइएस स्टेशन का खास रोल रहेगा। इन परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने आवश्यक स्वीकृतियां भी हो चुकी हैं। कुछ सब स्टेशंस के शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों को लाभमिलने भी लगा है। मंडीदीप में जीआइएस का सिविल वर्क 80% पूरा हो चका है। मार्च तक ये भी शुरू हो जाएगा। – प्रद्युम्न सिंह तोमर, ऊर्जा मंत्री

More From Author

Rafale Nuclear Capability: परमाणु हथियार ले जाने वाले राफेल की तैनाती पर फ्रांस का फोकस, रूस को रोकने की रणनीति

दीपावली पर कार्बाइड गन के इस्तेमाल पर सख्ती, भोपाल में दो महीने तक प्रतिबंध; नियम तोड़ने वालों को चेतावनी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14099/197

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.