ऐतिहासिक साक्ष्यों से बदल सकती है राम वन गमन पथ की रूपरेखा

जगदलपुर.

भगवान राम के वनवास से जुड़ी मान्यताओं और बस्तर की ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने वाली राम वन गमन पथ परियोजना अब नए सिरे से तैयार हो सकती है। पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना के मार्ग चयन और खर्च को लेकर विवाद उठे थे।

अब भाजपा सरकार परियोजना को ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक प्रमाणों के आधार पर आगे बढ़ाने की तैयारी में है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पर्यटन विभाग ने दूसरे चरण के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में गठित समिति की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। इस समिति ने भगवान राम के वनगमन मार्ग से जुड़े स्थलों का अध्ययन किया था।

बस्तर संभाग में कांकेर के रामपुर जुनावनी, केशकाल और गढ़धनोरा को इस मार्ग से जोड़ने की बात है। इसके अलावा चित्रकोट, रामपाल, तीरथगढ़ और कोटमसर की गुफा भी प्रस्तावित स्थलों में शामिल हैं। दंतेवाड़ा में बारसूर और मां दंतेश्वरी मंदिर तथा सुकमा में रामाराम और इंजरम को भी इस परिपथ से जोड़ने की योजना है। पूर्व में मार्ग चयन और करोड़ों रुपये के खर्च को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगे थे, जिनकी जांच कराने का निर्णय भी लिया गया है। अब पर्यटन विभाग संशोधित प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजेगा। बड़ा सवाल यह है कि नई योजना में ऐतिहासिक तथ्यों को कितनी प्राथमिकता मिलती है और बस्तर के इन धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों को पर्यटन के लिहाज से कितना विकसित किया जाता है।

More From Author

भोपाल के 27 जोनों में बिजली व्यवस्था पर नजर रखेंगी 225 टीमें, शाम 4 बजे से तैनाती

इंडी गठबंधन के नेतृत्वकर्ताओं में क्लैरिटी, कैपेसिटी और क्रेडिबिलिटी का अभाव: मुख्यमंत्री

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 14151/1

RO No. 14159/77

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.