इंदौर में सहकारी समिति प्रबंधक के ठिकानों पर छापेमारी, 731% मिली अनुपातहीन संपत्ति

धार
धार जिले में किसानों को खाद – बीज और ऋण उपलब्ध कराने वाली सहकारी समिति का प्रबंधक ही भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों की संपत्ति जुटाने में लगा था। महज 13 साल की नौकरी में उसने आलीशान कोठी से लेकर जेसीबी, कार और ट्रैक्टर तक का साम्राज्य खड़ा कर लिया। बुधवार को इंदौर लोकायुक्त की तीन टीमों ने जब एक साथ उसके तीन ठिकानों पर दबिश दी तो देर शाम तक काली कमाई की परतें खुलती चली गईं।

नालछा आदिम जाति सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के सोडपुर स्थित आलीशान मकान, नालछा के व्यावसायिक भवन और मांडव में खरीदी गई कृषि भूमि की जांच में आय से अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है। शुरुआती जांच में करीब 3 करोड़ 32 लाख 61 हजार 575 रुपए का अनुमानित व्यय सामने आया है, जबकि वेतन 25 लाख और कृषि से 15 लाख कुल आय करीब 40 लाख रुपए बताई गई है।

संपत्ति का आंकड़ा 731% पार
लोकायुक्त के अनुसार, अनुपातहीन संपत्ति का आंकड़ा 731 फीसदी तक पहुंच गया है। लोकायुक्त की टीम सोडपुर स्थित शेरसिंह ठाकुर के घर पहुंची। उस समय घर का दरवाजा खुला था और शेरसिंह बरामदे में बैठा था। अचानक अलग-अलग वाहनों से पहुंची टीम को देखकर वो कुछ समझ पाता, इससे पहले अधिकारियों ने घर की तलाशी लेनी शुरू कर दी। इसी दौरान दो अन्य टीमें नालछा और मांडव में भी जांच के लिए पहुंच गईं। तीनों ठिकानों पर एक साथ चली कार्रवाई में मकान, जमीन, वाहन, आभूषण और घरेलू साज-सज्जा पर किए गए खर्च का ब्योरा जुटाया गया।

एक साथ तीन स्थानों पर मारे छापे
डीएसपी आनंद चौहान के नेतृत्व में निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया सहित अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने तीनों स्थानों पर कार्रवाई की। जांच और संपत्ति के मूल्यांकन की प्रक्रिया जारी है।

कोठी की सजावट पर ही 1.22 करोड़ खर्च, जेसीबी और तीन ट्रैक्टर मिले
सोडपुर में शेरसिंह का दो मंजिला आलीशान मकान देखकर लोकायुक्त अधिकारी भी हैरान रह गए। मकान के भीतर इंटीरियर और सजावट पर ही करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपए खर्च किए जाने का आकलन है। घर के बाहर जेसीबी, कार, तीन ट्रैक्टर और बुलेट सहित कई वाहन मिले। जांच में सामने आया कि इन वाहनों का इस्तेमाल सरकारी ठेके लेने और पंचायतों में निर्माण कार्य कराने के लिए भी किया जाता था। महज 13 साल की सेवा में इस तरह संपत्ति जुटाने के मामले ने सहकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार के तौर-तरीकों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

पत्नी के नाम जमीन, खुद के नाम मकान और व्यावसायिक भवन
लोकायुक्त जांच में शेरसिंह और उसकी पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर कई संपत्तियों का पता चला है। इसमें सोडपुर में शेरसिंह के नाम 2400 वर्गफीट जमीन पर दो मंजिला मकान, अनुमानित लागत 97 लाख रुपए मिले। नालछा के मांडव रोड पर 1350 वर्गफीट का व्यावसायिक भवन, अनुमानित कीमत 20 लाख रुपए मिले। सोडपुर में पत्नी कविता ठाकुर के नाम 0.645 हेक्टेयर कृषि भूमि मिली, जिसकी अनुमानित कीमत 8 लाख रुपए है। मांडव में भी पत्नी के नाम 2.526 हेक्टेयर कृषि भूमि, जिसकी खरीद पर करीब 42 लाख रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है। इसके अलावा वाहन और आभूषण करीब 53 लाख रुपए के वाहन और 6 लाख 72 हजार 655 रुपए के मिले हैं।

लोन दिलाने के नाम पर कमीशन, ब्याज पर रुपए देकर भी जुटाई संपत्ति

अफसरों के अनुसार, सहकारी समिति प्रबंधक के पद पर रहते हुए शेरसिंह पर ग्रामीणों को ऋण दिलाने के बदले कमीशन लेने और ब्याज पर रुपए चलाने के आरोप भी सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि वह जरूरतमंदों को रुपए देकर उनकी जमीन गिरवी रखता था। वहीं, समिति से लोन दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से कमीशन वसूले जाने की भी शिकायतें थीं। लोकायुक्त अब संपत्ति के साथ आय के ज्ञात स्रोतों और धन के लेन-देन की भी पड़ताल कर रही है।

एक वोट से हारी पत्नी, कोर्ट के आदेश पर बनी सरपंच
शेरसिंह का क्षेत्र में राजनीतिक रसूख भी बताया जा रहा है। पिछले पंचायत चुनाव में उसकी पत्नी कविता ठाकुर सरपंच पद का चुनाव एक वोट से हार गई थीं। संजय धनसिंह सरपंच निर्वाचित हुए थे। इसके बाद चुनाव परिणाम को लेकर मामला कोर्ट पहुंचा। न्यायालय के फैसले के बाद करीब डेढ़ महीने पहले कविता ठाकुर को सरपंच नियुक्त किया गया। बताया जा रहा है कि शेरसिंह धरमपुरी विधायक कालूसिंह ठाकुर के करीबी लोगों में शामिल है।

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