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  • खजुराहो के जवारी मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर, सदियों पुरानी विष्णु प्रतिमा का गायब सिर मिला

    खजुराहो के जवारी मंदिर से जुड़ी बड़ी खबर, सदियों पुरानी विष्णु प्रतिमा का गायब सिर मिला

    खजुराहो
    मध्य प्रदेश
    के खजुराहों स्थित जवारी मंदिर में स्थापित 11वीं सदी की भगवान विष्णु की खंडित प्रतिमा का गायब सिर ASI को मिल गया है। इस मूर्ति की मरम्मत को लेकर मामला हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था। अब ASI एक्सपर्ट्स से जांच करवाने के बाद इसे वापस मूर्ति पर लगाने की योजना बना रहा है।

    काम पूरा करने के लिए तीन साल की डेडलाइन
    ASI के डायरेक्टर जनरल यदुबीर सिंह रावत ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि रिसर्च में देरी रोकने के लिए आर्कियोलॉजिकल खुदाई के काम को तीन साल में पूरा करने की डेडलाइन तय की गई है।

    साथ ही ज्यादातर संरक्षण प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी मिलने का समय घटाकर 15-20 दिन कर दिया गया है। उन्होंने उज्जैन के वैश्य टेकरी में शुरुआती खुदाई की योजना के बारे में भी बताया, जहां एक बौद्ध स्तूप हो सकता है जो सांची के स्तूप से भी बड़ा हो सकता है। हालांकि इसके असली आकार और महत्व का अभी पता लगाया जाना बाकी है।

    सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था मामला
    खजुराहो के जवारी मंदिर में सिर कटी विष्णु की मूर्ति को लेकर विवाद पिछले साल सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था, जब वकील राकेश दलाल ने सात फीट ऊंची मूर्ति की मरम्मत, उसे बदलने या फिर से बनाने की मांग की थी।

    याचिका खारिज करते हुए तत्कालीन CJI बी.आर.गवई ने कहा था, 'जाओ और देवता से ही कुछ करने को कहो।' हालांकि बाद में गवई ने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया था, लेकिन एक वकील ने कोर्टरूम के अंदर उन पर जूता फेंकने की कोशिश की थी।

    ASI के स्टोर में मिला गायब सिर
    रावत ने बताया कि मूर्ति का गायब सिर ASI के स्टोर में मिला है। उन्होंने कहा, 'ब्रिक्स समिट के लिए भोपाल दौरे के दौरान मुझे पता चला कि मूर्ति का सिर मिल गया है उसे हमारे स्टोर में रखा गया था।'

    उन्होंने आगे कहा,'इंचार्ज ने मुझे बताया कि शायद किसी ने इसे चुराने के लिए सिर तोड़ने की कोशिश की थी, लेकिन कामयाब नहीं हो पाया। हम एक्सपर्ट्स से इसकी जांच करवा रहे हैं और जल्द ही इसे वापस मूर्ति पर लगा देंगे।'

  • जवारी मंदिर के सामने बगलामुखी हवन: मूर्ति याचिका लगाने वाले राकेश दलाल ने विधि विधान से किया पूजा-अर्चन

    जवारी मंदिर के सामने बगलामुखी हवन: मूर्ति याचिका लगाने वाले राकेश दलाल ने विधि विधान से किया पूजा-अर्चन

    छतरपुर
     सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई पर जूता उछालने वाले वकील राकेश किशोर इस समय खजुराहो में हैं। जिन्होंने बुधवार को मंदिर के दर्शन कर ध्यान लगाया था। गुरुवार को खजुराहो के जवारी मंदिर की मूर्ति को लेकर याचिका लगाने वाले राकेश दलाल ने जवारी मंदिर के सामने बगलामुखी हवन किया, जहां विधि विधान से पूजा अर्चना की गई है।

    साथ ही वकील राकेश किशोर ने खजुराहो मंदिर देखे। अब वो मातंगेश्वर महादेव की पूजा करने भी जा सकते हैं। उनकी गतिविधियों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम भी नजर बनाए हुए हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण खजुराहो के अधिकारियों ने बताया कि जहां हवन पूजन किया गया है वह क्षेत्र प्रतिबंधित क्षेत्र के दायरे में नहीं है।

  • खजुराहो में अगले दशक में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, 2000 करोड़ होंगे खर्च

    खजुराहो में अगले दशक में विकसित होंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, 2000 करोड़ होंगे खर्च

    खजुराहो 

    भारत सरकार अब यूनेस्को की मान्यता प्राप्त खजुराहो को अगले दस सालों में विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की योजना तैयार कर रही है। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने दो माह पहले ही इसका खाका तैयार कर लिया है। मप्र पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक बिदिशा मुखर्जी के अनुसार, सरकार चुनिंदा पर्यटन केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में है। इसके लिए केवल खजुराहो में अगले 10 वर्षों में 2000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस राशि से वहां रोड़ कनेक्टिविटी, पर्यटक गाइडिंग, सिटी ऐप व 'वन टूरिज्म कार्ड' जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

    खजुराहो को क्यों चुना

    खजुराहो पहले से ही दुनियाभर में अपने मंदिरों की विशिष्ट वास्तुकला और मूर्तिकला के लिए प्रसिद्ध है, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। केंद्र सरकार की योजना यूनेस्को की सूची में शामिल चुनिंदा स्थलों को विश्वस्तरीय बेंचमार्क पर विकसित करने की है. जिसके लिए खजुराहो का चयन किया गया है। खजुराहो हवाई अड्डे श्रेष्ठ एयरपोर्ट में भी शामिल है।

    टिकाऊ विकास पर होगा फोकस

        प्रोत्साहन लैंड, व अनुदानः सब्सिडी, राज्यग ग्रांट और इंसेंटिव्स उपलब्ध कराएगी, ताकि निजी निवेश आकर्षित हो सके।
        स्वच्छता और पर्यावरणः सफाई और सफाई सेवाओं पर 2 सफाई विशेष जोर, पर्यावरणीय दृष्टिकोण से हरित मानकों का पालन होगा।

    ये होगा खास

        आधुनिक सुविधाएं: सड़क मार्ग, रेल-हवाई संपर्क बेहतर होगा. पाथवेज, एकोमोडेशन, पर्यटक सुविधा केंद्र, सिविक एमेनिटीज आदि पिक सीजन को ध्यान में रखते हुए बनेंगे।

        सांस्कृतिक और कलात्मक केंद्रः मध्य प्रदेश और भारत की विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक ऐतिहासिक, पुरातात्विक और भव्य कला केंद्र बनाया जाएगा।

        वन टूरिज्म कार्डः सभी प्रकार की बुकिंग के लिए एक वन टूरिज्म कार्ड बनेगा, जिससे बुकिंग आसान होगी। इसी कार्ड से होटल, म्यूजियम, मंदिर, बस, ट्रेन, एयरपोर्ट आदि पर भी पेमेंट कर सकेंगे।

        आधुनिक होटलः दुनिया के 20 से अधिक चर्चित होटलों को बनाया जाएगा, जिसका पूरा इंफास्ट्रक्चर आधुनिक, कला और तकनीक से परिपूर्ण होगा।

    यह हमारे लिए ऐतिहासिक अवसर है कि खजुराहो को न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में एक उत्कृष्ट पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाए। इस निवेश योजना से न केवल ठोस बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे, बल्कि स्थानीय संस्कृति और कलाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाएंगे। – शिव शेखर शुक्ला, एसीएस, पर्यटन विभाग