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  • मध्यप्रदेश पर्यटन की प्रमोशनल फिल्म ‘द सितारिस्ट’ को e4m PrimeTime Awards में मिला गोल्ड अवॉर्ड

    मध्यप्रदेश पर्यटन की प्रमोशनल फिल्म ‘द सितारिस्ट’ को e4m PrimeTime Awards में मिला गोल्ड अवॉर्ड

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पर्यटन की प्रदेश के नैसर्गिक सौंदर्य, वैभवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति को प्रदर्शित करती प्रमोशनल फिल्म ‘द सितारिस्ट’ को e4m PrimeTime Awards में गोल्ड अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। मध्यप्रदेश पर्यटन की फिल्म को उत्कृष्ट रचनात्मकता और प्रभावी संचार के लिए यह प्रतिष्ठित अवॉर्ड प्रदान किया गया है। फिल्म के माध्यम से मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं, प्राकृतिक सौंदर्य और विविध पर्यटन अनुभवों को आधुनिक, भावनात्मक और आकर्षक अंदाज में सामने रखा गया है।

    सचिव पर्यटन और पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. ने कहा कि “मध्यप्रदेश की पहचान केवल इसके प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसकी समृद्ध कला, संस्कृति, संगीत और परंपराएं भी इसकी विशिष्ट पहचान हैं। ‘द सितारिस्ट’ इसी सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन वैभव को एक संवेदनशील एवं रचनात्मक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास है। इस प्रतिष्ठित अवॉर्ड से सम्मानित होना मध्यप्रदेश पर्यटन की रचनात्मक डेस्टिनेशन प्रमोशनल पहल के लिए गौरव की बात है।

    इस फिल्म में प्रख्यात सितार वादक एवं संगीतकार पंडित रवि शंकर की पुत्री और शिष्या सुश्री अनुष्का शंकर मुख्य भूमिका में रहीं। जो एक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कलाकार हैं, जिन्हें British House of Commons Shield, Songlines Music Award सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हैं। अनुष्का शंकर 14 बार Grammy Awards के लिए भी नामांकित हो चुकी हैं। यह फिल्म रचनात्मक संस्था स्पेन कम्युनिकेशन के सहयोग से बनाई गयी है।

     

  • मध्य प्रदेश पर्यटन ने IFTM Top Resa पेरिस और टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में लहराया परचम

    मध्य प्रदेश पर्यटन ने IFTM Top Resa पेरिस और टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में लहराया परचम

    वैश्विक मंच पर और सशक्त हुई ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की पहचान
    अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर मध्यप्रदेश का दमदार प्रदर्शन

    भोपाल 
    म.प्र. टूरिज्म बोर्ड ने अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन जगत के दो प्रतिष्ठित ट्रैवल मार्ट—IFTM Top Resa 2025 (पेरिस, फ़्रांस) और Tourism Expo Japan 2025 (आईची स्काई एक्सपो, जापान) में मध्यप्रदेश की विशिष्ट और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई। इन वैश्विक मंचों पर अतुल्य भारत का हृदय मध्यप्रदेश ने अपनी सांस्कृतिक गहराई, प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की विविध संभावनाओं को सजीव कर दिया। इन ट्रैवल मार्ट और एक्सपो में बने आकर्षक एमपी पवेलियन ने मध्यप्रदेश को अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक आकर्षक और अपरिहार्य गंतव्य के रूप में पुनः प्रतिष्ठित किया।

    पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश ने वैश्विक पर्यटन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। पेरिस और जापान जैसे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर ‘अतुल्य भारत का हृदय’ के रूप में हमारे राज्य की विविधता, सांस्कृतिक गहराई और प्राकृतिक धरोहर को प्रदर्शित करना हमारे लिए गर्व का विषय है। इन आयोजनों से हमें न केवल नए बाज़ारों तक पहुंच मिली है, बल्कि फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख देशों के साथ साझेदारी को भी मजबूती मिली है। मुझे विश्वास है कि इन प्रयासों से मध्य प्रदेश एक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में और अधिक स्थापित होगा।

    अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति, गृह और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ यादव का विज़न है कि मध्य प्रदेश के समृद्ध सांस्कृतिक परिदृश्य की सुगन्ध वैश्विक स्तर पर फैले और पर्यटन विभाग इस दिशा में दिन रात काम कर रहा है। मध्य प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी हमारी इसी रणनीति का हिस्सा है। इन आयोजनों ने यह संदेश दिया कि मध्य प्रदेश केवल घूमने की जगह नहीं, बल्कि एक अनुभव है जो आगंतुकों की स्मृतियों में बस जाता है। हमारे प्रयास राज्य को वैश्विक यात्रा मानचित्र पर प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित करने और पर्यटकों को प्रामाणिक, अनुभवात्मक यात्राएं प्रदान करने की दिशा में निरंतर जारी रहेंगे।

    IFTM Top Resa 2025 : मध्यप्रदेश बना आकर्षण का केंद्र
    फ्रांस के पेरिस में 23-25 सितंबर 2025, के दौरान Porte de Versailles exhibition center में मध्य प्रदेश के पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, पेरिस के आर्थिक एवं वाणिज्यिक विंग के काउंसलर और हेड ऑफ़ चांसरी श्री नवीन कुमार ने किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक डॉ. इलैयाराजा टी. और मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के उप संचालक (इवेंट्स एवं मार्केटिंग) श्री युवराज पाडोले सहित कई प्रमुख हितधारक उपस्थित रहे। इस विशेष पैवेलियन ने वैश्विक यात्रा व्यापार समुदाय का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया और राज्य की धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य तथा आधुनिक पर्यटन पहलों का प्रभावशाली परिचय कराया।

    टोक्यो में टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 : पूर्वी एशिया में बनी प्रदेश की पहचान
    जापान के आईची स्काई एक्सपो में 25 सितंबर 2025 से शुरू हुए टूरिज्म एक्सपो जापान 2025 में भी मध्य प्रदेश पर्यटन ने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। यहां पैवेलियन का उद्घाटन भारतीय दूतावास, टोक्यो की मंत्री (वाणिज्य एवं आर्थिक) श्रीमती देबजानी चक्रवर्ती ने किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड की अपर प्रबंध संचालक सुश्री बिदिशा मुखर्जी ने किया। उनके साथ सहायक प्रबंधक श्री राकेश गोलिया और पर्यटन उद्योग के प्रमुख साझेदार श्री अतुल सिंह (एमपी इनकमिंग) भी मौजूद रहे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश का पैवेलियन जापानी पर्यटकों और उद्योग प्रतिनिधियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना, जिसने राज्य की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधताओं को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उजागर किया।

    ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता एमपी पवेलियन
    दोनों मेलों में मध्य प्रदेश का पैवेलियन ‘अतुल्य भारत का हृदय’ की वास्तविक झलक पेश करता रहा। इसमें राज्य की तीनों यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों—खजुराहो के मंदिरों की अद्वितीय शिल्पकला, सांची के स्तूपों की बौद्धिक शांति और भीमबेटका की प्राचीन शैलाश्रयों की ऐतिहासिक गहराई—को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही कान्हा, बांधवगढ़ और पेंच जैसे विश्वप्रसिद्ध बाघ अभयारण्यों के वन्यजीव पर्यटन ने रोमांच और संरक्षण का संदेश दिया। उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर जैसे पवित्र नगरों की झलकियों ने राज्य की आध्यात्मिक प्रवाह को दर्शाया, जबकि जनजातीय परंपराओं, हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन की पहलों ने सतत विकास और सामुदायिक सहभागिता की दिशा में मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता को स्पष्ट किया।

    फ्रांस, यूरोप और जापान के ट्रैवल बाजार में मध्यप्रदेश की पहुंच
    मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने इन आयोजनों के माध्यम से फ्रांस, यूरोप और जापान जैसे प्रमुख बाज़ारों में टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ रणनीतिक संबंधों को सुदृढ़ किया। यह पहल बोर्ड की दीर्घकालिक वैश्विक पहुंच रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को विश्व पर्यटन मानचित्र पर एक अनिवार्य गंतव्य के रूप में स्थापित करना और अनुभवात्मक, प्रामाणिक यात्राओं के प्रति आकर्षित अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों तक पहुंचना है।

     

  • MP टूरिज्म में लगेगा 3500 करोड़, नए डेस्टिनेशन और सुविधा से बढ़ेगी चमक

    MP टूरिज्म में लगेगा 3500 करोड़, नए डेस्टिनेशन और सुविधा से बढ़ेगी चमक

    ग्वालियर
     मध्यप्रदेश का टूरिज्म अब और फलेगा-फूलेगा। खासकर ग्वालियर पर्यटन के नक्शे पर अपनी अलग ही पहचान बनाएगा। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में पर्यटन की बेहतर व्यवस्था होगी। जो लोग यहां घूमने आएंगे उन्हें रहने की 5-7 स्टार सुविधा मिलेगी। दरअसल, उद्योगपतियों-निवेशकों को मध्यप्रदेश निवेश के लिए आकर्षित कर रहा है। इसी कड़ी में निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल-सागर संभाग में बड़े निवेश की इच्छा जताई है। निवेशक इस क्षेत्र में 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश कर सकते हैं। उद्योगपतियों ने निवेश की यह इच्छा 30 अगस्त को ग्वालियर में आयोजित 'ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव' में जताई। उनके इस निवेश से टूरिज्म में इजाफा होगा, साथ ही लोगों को रोजगार भी मिलेगा। इससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति होगी। 

    मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में प्रमुख निवेशकों ने ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में 3500 करोड़ से अधिक के निवेश की इच्छा जताई है। इस तरह उन्होंने इन क्षेत्रों में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया है। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। आज पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 7 जमीनों के लिए 6 निवेशकों को लेटर ऑफ अलॉटमेंट जारी किए गए हैं। प्रदेश में इससे सीधे तौर पर 60 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के असंख्य अवसर पैदा होंगे। इन जमीनों पर होटल, रिसॉर्ट और इको टूरिज्म यूनिट आदि का निर्माण किया जाएगा।

    भविष्य में दिखेंगे सुखद परिणाम

    सीएम डॉ. यादव ने कहा कि आज कॉन्क्लेव में ग्वालियर की धरती पर 25 से अधिक प्रमुख इन्वेस्टर्स, देशभर से 125 से अधिक ट्रैवल-टूर ऑपरेटर, 500 से अधिक हितधारक और स्थानीय कलाकार शामिल हुए हैं। इन सभी के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई है। इसके भविष्य में निश्चित ही अच्छे और सुखद परिणाम देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में समय बदल रहा है। आज का दिन बेहद खास है। यहां पहली ही बार हो रही रीजनल कॉन्क्लेव जबरदस्त रही। ग्वालियर के पास आगरा, मथुरा, दिल्ली है। ग्वालियर देश की राजधानी का सबसे नजदीकी केंद्र है। धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से देखें तो मथुरा-वृंदावन का नजदीकी क्षेत्र है। ग्वालियर का ऐतिहासिक महत्व है। राजा मानसिंह का किला और उसकी अपनी गाथा विशेष है। ऐसा लगता है  जैसे स्वर्ग को कोई टुकड़ा यहां किले के रूप में आसमान से आ गया हो।  ग्वालियर का इतिहास समृद्ध है। बड़े-बड़े सत्ताधीश बुरे समय में यहां के किले की जेल में ही बंदी बनाए गए। 

    ग्वालियर वह जगह है जहां बुरे दौर में भी आध्यात्मिक ताकतों का प्रकटीकरण हुआ। मितावली-पड़ावली का चौंसठ योगिनी का मंदिर असल में हमारी पुरानी लोकसभा के भवन की प्लानिंग है। जब 1912 में दिल्ली बनी तो संसद का निर्माण किया गया। अब नई संसद भवन को विदिशा के मंदिर के डिजाइन पर बनाकर तैयार किया गया है। इसमें बना डोम सांची स्तूप की कॉपी है। हमारे यहां चीते गांवों में घूमते नजर आते हैं। प्रदेश में मनुष्य और वन्य प्राणियों के बीच सहअस्तित्व नजर आता है। ग्वालियर संगीत सम्राट तानसेन और बैजू बावरा की विरासत है। रीवा के बाद अब पर्यटन विकास के लिए ग्वालियर में सौगात मिल रही है। इंडिगो कंपनी ने सीएसआर के माध्यम से ग्वालियर किलों के विकास के लिए 100 करोड़ की राशि दी है। प्रधानमंत्री मोदी दुनिया में देश की विरासत और पर्यटन केंद्रों को आगे बढ़ा रहे हैं। मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया के माध्यम से स्वदेशी और स्वाबलंवन के लिए काम कर रहे हैं। 

    इतिहास और विरासत है प्रदेश की पहचान

    प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भावसिंह लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश में पर्यटन का केंद्र बने, इसके लिए सरकार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के पास आइडियाज का भंडार है और उन्हें जमीन पर उतारने का कार्य भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश को भी विकसित होना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सरकार हर सेक्टर के विकास पर विशेष जोर दे रही है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में वाइल्ड लाइफ की विविधता हैं। एमपी टाइगर स्टेट, चीता स्टेट और घड़ियाल स्टेट भी है। सांची के स्तूप, भीम बैठिका और खजुराहो के मंदिर यूनेस्को की स्थाई सूची में शामिल हैं। 15 स्थल अस्थायी सूची में दर्ज हैं। जबकि देशभर में यूनेस्को की विश्व धरोहरों की संख्या 62 है। उन्होंने कहा कि राज्य में नई पर्यटन नीति लागू की गई है। निवेशकों को सर्व सुविधाएं देते हुए रेड कारपेट बिछाकर आकर्षित किया जा रहा है। निवेशक मध्य प्रदेश आएं आपको कोई परेशानी नहीं होगी। मध्यप्रदेश को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली अवॉर्ड मिला हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, जंगल, पर्यटन, शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में देश का महत्वपूर्ण राज्य है और प्रदेश दुनिया में आगे बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यकाल में प्रदेश में उद्योग और निवेश का वातावरण बना है। प्रदेश में संभागीय स्तर पर छोटे शहरों में आयोजित रीजनल कॉन्क्लेव से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बल देंगे। निवेशकों का रुझान प्रदेश के विकास को नई गति प्रदान करेगा। प्रमुख सचिव, पर्यटन-संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश अपने इतिहास और विरासत के लिए पहचान रखता है। प्रदेश में 750 से अधिक संरक्षित केंद्र हैं। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों में प्रदेश की एक चौथाई से अधिक 18 साइट शामिल हैं। ग्वालियर विश्व के 54 चिह्नित शहरों में शामिल है। ग्वालियर को सांस्कृतिक महत्व से क्रिएटिव सिटी ऑफ म्यूजिक घोषित किया गया है। यह शहर तानसेन और बैजू बावरा के लिए जाना जाता है। प्रदेश का 30 प्रतिशत क्षेत्र जंगलों से आच्छादित है। प्रदेश में 12 नेशनल पार्क हैं। सबसे अधिक टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश में हैं। हाल ही में श्योपुर क्षेत्र में चीतों को दोबारा बसाया गया है। उनका कुनबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग, भगवान राम और कृष्ण के फुट प्रिंट यहां हैं। मां नर्मदा के सौंदर्य देखने के लिए लोग आते हैं। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में होम स्टे बनाए गए हैं। ग्वालियर किला, जयविलास पैलेस, गुरुद्वारा, संगीत सम्राट तानसेन का समाधि स्थल ग्वालियर में है। प्रदेश में पर्यटन क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। जीआईएस में 18 नई नीतियां लागू की गईं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया गया है। टूरिज्म पॉलिसी के कारण आज बड़े निवेश प्राप्त हो रहे हैं। 15 से 30 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी दी जा रही है। 100 करोड़ के निवेश पर 30 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जा रही है। प्रदेश में 50 से अधिक स्थल हैं, जहां उद्योगपति निवेश कर सकते हैं। 

    मेहमानों ने कही ये बात

    प्रसिद्ध अभिनेता और कलाकार पीयूष मिश्रा ने कहा कि ग्वालियर में रहकर मैंने सिनेमा के काम करने का सपना देखा। यहां पिता से कहा था कि मैं एक दिन अमिताभ बच्चन के साथ काम करूंगा। वह सपना 2015 में उस वक्त पूरा हुआ जब मैंने उनके साथ पिंक फिल्म की। ग्वालियर में नाट्य की ट्रेनिंग पुराने समय से दी जा रही है। यह कलाकारों की जननी है। मध्यप्रदेश फिल्म नीति ने प्रदेश में फिल्म शूटिंग को आसान बनाया है। यहां की जनता शूटिंग फ्रेंडली और मिलनसार है। मध्यप्रदेश में छोटे बॉक्स ऑफिस सेंटर खोले जाएं, ताकि फिल्म क्षेत्र में करियर बनाने की चाह रखने वालों को प्रशिक्षित किया जा सके। बॉलीवुड में प्रदेश फिल्म पॉलिसी को लेकर काफी हलचल है। पिछले 5 साल में फिल्म शूटिंग को लेकर मध्यप्रदेश में काफी कार्य हुए हैं। फिल्मकारों को ग्वालियर और उसके आसपास की लोकेशन पसंद आ रही हैं। वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस्सार समूह-एविड लर्निंग के सीईओ असद लाल ने कहा कि मैं यहां फिक्की नेशनल टूरिज्म एंड कल्चर कमेटी के प्रतिनिधि के तौर पर उपस्थित हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत टूरिज्म और कल्चर के क्षेत्र में तेज गति से आगे बढ़ रहा है, जिसकी झलक जी20 जैसे आयोजनों में देखने को मिलती है। टूरिज्म देश के आर्थिक विकास और सॉफ्ट पावर में अहम स्थान रखता है। फिक्की के सदस्य टूरिज्म मॉडल, पीपीपी के माध्यम से इस सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स के अध्यक्ष रवि गोसाईं ने कहा कि पर्यटन विकास निगम और राज्य सरकार की ओर से आयोजित यह कॉन्क्लेव सबसे अलग है। ग्वालियर पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध है। एसोसिएशन के 2000 मेंबर मध्यप्रदेश को दुनिया के पटल पर लाने में सरकार का पूरा सहयोग करेंगे। नीमराना होटल्स के अमन नाथ ने कहा कि भारतीय पर्यटन और संस्कृति के पुनर्जागरण के लिए 40 साल से काम कर रहा हूं। हमारी कंपनी ने देशभर में 32 प्रोजेक्ट किए हैं। ग्वालियर में देवदाज एक पुराना महल भी इसमें शामिल है। मध्यप्रदेश में सबकुछ है। इसे देश का दिल कहते हैं। जबकि, यह भारत की नाभि है। मध्यप्रदेश देश के मध्य में हैं। इसलिए यह सबसे अच्छी लोकेशन है।

    सीएम की इनके साथ हुई वन-टू-वन मीटिंग

    नीमराना होटल्स के निदेशक अमन नाथ, भारत और दक्षिण एशिया, एकौर के उपाध्यक्ष-संचालन विनीत मिश्रा, भारतीय टूर ऑपरेटर संघ के अध्यक्ष रवि गोसाईं, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक केके मुहम्मद, आगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर इन इंडिया के सीईओ श्री रतीश नंदा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एस्सार समूह और एविड लर्निंग के सीईओ रॉयल ओपेरा हाउस मुंबई के क्यूरेटर असद लालजी, मॉडर्न मस्ती प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अंकुर माहेश्वरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिबरेट होटल्स एंड रिसॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड (अलिवा होटल्स एंड रिसॉर्टस) आकाश भाटिया, आर्चर हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक आरती भट्ट, महाप्रबंधक एवं राष्ट्रीय प्रमुख जोन बाय द पार्क होटल्स एपीजे सुरेंद्र पार्क होटल्स विकास अहलूवालिया, वेडिंगलाइन के सह-संस्थापक, निवेशक चेतन बोहरा, आई एक्सप्लोर एडवेंचर एक्टिविटीज एलएलपी के सीईओ मनीष सिंघल, समर्थ सौम्या समूह के अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल, डांग्याच ग्रुप के निदेशक सचिन गुप्ता, गीतकार-नाटककार पीयूष मिश्रा, पर्व सिविकॉन एलएलपी-ग्वालियर नवोदय हेल्थकेयर निदेशक-प्रयास माटीस्पेशलिट के अध्यक्ष, आकाश एंटरप्राइजेज पटल के प्रोपराइटर आकाश गोस्वामी, सोनिया लॉजिंग एंड हॉस्पिटैलिटी के सीईओ अनूप गुप्ता, प्रकृति एवं वन्यजीव फोटोग्राफर प्रोप्राइटर, अपरूपा डे फोटोग्राफी की अपरूपा डे, मॉडर्न एम्यूजमेंट इक्विपमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक आरपी माहेश्वरी, टेम्पल गर्ल भारत के मंदिरों के पीछे की आवाज की संस्थापक नम्रता मोहन, लायन ग्रुप के एमपी और सीईओ नवनीत शर्मा, सिंहपुर लेकव्यू के निदेशक नीरज कंसल की मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ वन-टू-वन चर्चा हुई। 

    ये हैं बड़े निवेशक

    सर्वेल लैंड डेवलपर्स 1000 करोड़, श्रुति इंफ्रास्ट्रक्चर 500 करोड़, जोन बाय द पार्क 500 करोड़, 24 कैरेट डेवलपर्स 250 करोड़, सोनिया लॉजिंग एंड हॉस्पिटैलिटी 200 करोड़, मॉडर्न ग्रुप ऑफ कंपनीज 150 करोड़, एमपीटीबी 102 करोड़, सिंगपुर लेकव्यू रिजॉर्ट 100 करोड़, आकाश एंटरप्राइजेज 100 करोड़, लायन ग्रुप 100 करोड़, दत्ता बिल्डकॉन 100 करोड़ का निवेश कर सकते हैं।

    इन्हें दिए गए लैटर ऑफ अवॉर्ड 

    ग्वालियर रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में मंदसौर-धार में  निवेश करने वाले अरुण तिवारी, बुरहानपुर में निवेश करने वाले यश जैन, शाजापुर में निवेश करने वाली स्मृति मुकुल थोराट, विदिशा में निवेश करने वाले अमित उपाध्याय, मंदसौर में निवेश करने वाले संजय पाव, जबलपुर में निवेश करने वाले विकास नेमा-प्रवीण नायक को लैटर ऑफ अवॉर्ड दिए गए। 

    विरासतों के संरक्षण के लिए अहम शिलान्यास-विमोचन

    सीएम डॉ. यादव ने बताया कि ग्वालियर-चंबल और सागर के पर्यटन को बढ़ावा देने, विरासतों के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण शिलान्यास एवं विमोचन कार्य किए गए हैं। इसमें स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत, ग्वालियर में ऐतिहासिक फूलबाग क्षेत्र का 17 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास, राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्ववि‌द्यालय के लिए 58.46 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शिलान्यास शामिल हैं। कार्यक्रम में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का विमोचन किया गया। साथ ही, ग्वालियर किले के संरक्षण, सौंदर्गीकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के उ‌द्देश्य से कार्य योजना का विमोचन किया गया। इंडिगो ने किले के सौंदर्यीकरण के लिए सीएसआर पॉलिसी के तहत 100 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही है। 

    इनके बीच हुआ एमओयू

    ग्वालियर किले के संरक्षण-सौंदर्गीकरण-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग, मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग, मध्य प्रदेश हेरिटेज डेवलपमेंट ट्रस्ट (MPHDT), इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो) और आगा खान कल्चरल सर्विसेज फोरम (AKCSF) के बीच एमओयू किया गया। प्रदेश के पर्यटन स्थलों, गतिविधियों और आयोजनों के व्यापक स्तर पर इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग और प्रचार-प्रसार के लिए याप डिजिटल, क्रायोन्स एडवरटाइजिंग, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लिमिटेड, कॉन्सेप्ट कम्युनिकेशन्स साथ अनुबंध किया गया।

    प्रदेश के शिल्पकारों के लिए Craftgroom वेबसाइट का विमोचन

    मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ने डेलबर्टो संस्था के साथ मिलकर पारंपरिक शिल्प-बुनाई कला को बढ़ावा देने के लिए शिल्पकारों के उत्पादों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म क्राफ्टग्रूम (Craftgroom) उपलब्ध कराने की पहल की है। इससे देश-विदेश के पर्यटक और कला प्रेमी कहीं से भी आकर्षक हस्तशिल्प व सूवेनियर खरीद सकेंगे। साथ ही, शिल्पकारों को घर बैठे ही बिक्री का लाभ मिलेगा।