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  • किसानों के लिए जरूरी खबर: समर्थन मूल्य पर धान-ज्वार-बाजरा उपार्जन हेतु 10 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

    किसानों के लिए जरूरी खबर: समर्थन मूल्य पर धान-ज्वार-बाजरा उपार्जन हेतु 10 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन

    समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये पंजीयन 10 अक्टूबर तक

    किसान निर्धारित समय पर करायें पंजीयन : खाद्य मंत्री राजपूत

    भोपाल

    खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिये किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। किसान 10 अक्टूबर तक पंजीयन करा सकते हैं। पंजीयन 15 सितम्बर से शुरू हो रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। प्रदेश में 1100 से अधिक पंजीयन केन्द्र बनाये गये हैं।

    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। प्रति पंजीयन के लिये 50 रूपये से अधिक शुल्क नहीं लिया जाएगा। किसान पंजीयन के लिए भूमि संबंधी दस्तावेज़ एवं किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा।

    सिकमी/बटाईदार/कोटवार एवं वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था ‌द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर उपलब्ध होगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा।

    उपार्जित फसल के भुगतान हेतु बैंक खाता

    किसान द्वारा समर्थन मूल्य पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या उत्पन्न होने पर किसान ‌द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराये गए बैंक खाते में भुगतान किया जा सकेगा। किसान पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और IFSC कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। पंजीयन व्यवस्था में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।

    सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार पंजीयन केन्द्रों को क्रियाशील रखा जाए जिससे किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सके। इस कार्य के लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। आधार नंबर से बैंक खाता लिंक कराने के लिए बैंकों के साथ भी समन्वय आवश्यक होगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिये पंजीयन के दौरान ही 1 रूपये का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/जेआईटी पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा।

    आधार नंबर का वेरिफिकेशन

    पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी से या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जबकि किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा।

    किसानों को करें एसएमएस

    विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं। किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएँ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये गये हैं।

     

  • छोटे-छोटे बदलावों से बनेगा बड़ा जनआंदोलन, मंत्री राजपूत ने दोहराया प्रधानमंत्री का संदेश

    छोटे-छोटे बदलावों से बनेगा बड़ा जनआंदोलन, मंत्री राजपूत ने दोहराया प्रधानमंत्री का संदेश

    दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर प्रधानमंत्री जी के संदेश को जन आंदोलन बनाएं : मंत्री राजपूत

    मंत्रालय से पैदल पहुंचे शासकीय निवास स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और सादगी का दिया संदेश

    भोपाल 
    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने शुक्रवार को विभागीय समीक्षा बैठक के उपरांत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील को अपनी दिनचर्या में शामिल करते हुए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, अनुशासित जीवनशैली और सादगी का प्रेरणादायक संदेश दिया। मंत्री राजपूत मुख्यमंत्री सचिवालय से अपने शासकीय निवास सी-2, 74 बंगले तक पैदल पहुंचे। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव लाकर प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को आंदोलन का रूप दें। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पैदल चलने और अनावश्यक वाहन उपयोग से बचने का प्रयास करने की भी अपील की।

    मंत्री राजपूत ने कहा कि भागदौड़ भरी जीवनशैली और लगातार बढ़ते तनाव के बीच स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। नियमित पैदल चलना न केवल शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखता है, बल्कि मानसिक शांति, सकारात्मक सोच और ऊर्जा भी प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग प्रतिदिन कुछ समय पैदल चलने की आदत विकसित करें तो कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकता है। इसलिए हर व्यक्ति को अपनी दिनचर्या में योग, व्यायाम और पैदल चलने जैसी गतिविधियों को शामिल करना चाहिए। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी हमारा योगदान बढ़ेगा। मंत्री राजपूत ने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों और समाज के जिम्मेदार लोगों को स्वयं उदाहरण प्रस्तुत कर समाज को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास करना चाहिए।

    राजपूत ने कहा कि सादगीपूर्ण जीवनशैली भारतीय संस्कृति की पहचान रही है और आज के समय में इसकी प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें व्यक्ति के जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं।

     

  • मंत्री राजपूत का संदेश: साधारण जीवन में ही मिलता सच्चा आनंद, श्रीकृष्ण से सीखें कर्म और धैर्य

    मंत्री राजपूत का संदेश: साधारण जीवन में ही मिलता सच्चा आनंद, श्रीकृष्ण से सीखें कर्म और धैर्य

    साधारण जीवन ही सच्चा आनंद देता है, श्रीकृष्ण से सीखें धैर्य और कर्म का महत्व : मंत्री राजपूत

     मंत्री राजपूत का संदेश: साधारण जीवन में ही मिलता सच्चा आनंद, श्रीकृष्ण से सीखें कर्म और धैर्य

    श्रीकृष्ण की शिक्षा: साधारण जीवन और कर्म के महत्व पर मंत्री राजपूत ने दी प्रेरक सीख
    राहतगढ़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भव्य शोभायात्रा और मेधावी सम्मान समारोह में शामिल हुए खाद्य मंत्री

    भोपाल

    श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर राहतगढ़ में यादव महासभा द्वारा भव्य शोभायात्रा और मेधावी विद्यार्थी प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पूरा नगर श्रीकृष्ण के जयकारों और भक्ति गीतों से गूंज उठा। शोभायात्रा में समाज के विभिन्न वर्गों और 70 से अधिक ग्रामों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

    खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों का अध्ययन आवश्यक है। सत्य, अहिंसा और प्रेम ही जीवन के सच्चे मार्ग हैं। हमारा अधिकार केवल कर्म पर है, फल पर नहीं। हमें प्रतिकूल परिस्थितियों में भी धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि शांत मन वाला व्यक्ति हर चुनौती का समाधान पा लेता है।उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का स्वभाव नटखट जरूर था, लेकिन उन्होंने सदैव जीवन के कठिनतम समय में भी संतुलन बनाए रखा। यही धैर्य और विवेक हमें भी अपनाना चाहिए।

    25 लाख की सहायता और मेधावी छात्रों को सम्मान

    खाद्य मंत्री राजपूत ने यादव समाज के निर्माणाधीन भवन के लिए 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाज का विकास तभी संभव है जब हम शिक्षा, संस्कृति और एकता को प्राथमिकता दें। इस अवसर पर उन्होंने 65 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले यादव समाज के 85 मेधावी विद्यार्थियों को 2-2 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि, शील्ड और प्रमाणपत्र प्रदान किए। यह पहल समाज में शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने के लिए की गई। साथ ही उन्होंने कारसदेव बाबा के चबूतरे का लोकार्पण किया और उपस्थित समाजजनों को साधारण जीवन और उच्च विचारों का संदेश दिया।

    विनम्रता से व्यक्ति की पहचान

    खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा कि जीवन जितना साधारण होगा, उसे जीने में उतना ही अधिक आनंद आता है। पद और पैसे से व्यक्ति बड़ा नहीं बनता, बल्कि उसके व्यवहार और विनम्रता से उसकी पहचान होती है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उदाहरण देते हुए कहा, हमारे मुख्यमंत्री इतने बड़े पद पर होते हुए भी विनम्र और शालीन हैं। वे लगातार गरीबों और आमजनों के हित के लिए कार्य कर रहे हैं।

    भव्य शोभा यात्रा और जनसमूह की रही उपस्थिति

    इस कार्यक्रम ने न केवल जन्माष्टमी के धार्मिक महत्व को रेखांकित किया, बल्कि समाज में शिक्षा, एकता और संस्कारों के प्रति जागरूकता का भी संदेश दिया। शोभायात्रा में सजे-धजे रथ, ढोल-नगाड़े, बैंड-बाजे, और श्रीकृष्ण की झांकियों ने पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना दिया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने फूलों की वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।

     

  • खाद्य मंत्री के अनुरोध पर केंद्र का बड़ा कदम, जनता को मिलेगा सीधा लाभ

    खाद्य मंत्री के अनुरोध पर केंद्र का बड़ा कदम, जनता को मिलेगा सीधा लाभ

    भोपाल 

    प्रदेश के पात्र हितग्राहियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अब अधिक मात्रा में गेहूं मिलेगा। वर्षों से लंबित इस मांग को खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के आग्रह पर केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब पात्र परिवारों को मिलने वाले खाद्यान्न में 75 प्रतिशत गेहूं और 25 प्रतिशत चावल वितरित किया जाएगा। अभी तक चावल और गेहूं 60:40 के अनुपात में वितरित किया जाता था। विभिन्न जिलों के दौरे पर मंत्री राजपूत से कई बार नागरिकों ने अनुरोध किया कि वर्तमान वितरण व्यवस्था में बदलाव कर गेहूं की मात्रा बढ़ाकर 75 फीसदी और चावल की 25 फीसदी कर दी जाय। गौरतलब है कि खाद्य मंत्री राजपूत ने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर गेहूँ की मात्रा बढ़ाने का आग्रह किया था।

    केंद्र का फैसला नीतिगत बदलाव की दिशा में एक मिसाल

    खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा है कि राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय न केवल जनहितैषी है, बल्कि यह केंद्र–राज्य समन्वय का भी सशक्त उदाहरण है। यह दर्शाता है कि यदि मांग व्यवहारिक हो तो नीतिगत बदलाव संभव हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार पीडीएस को अधिक पारदर्शी और हितग्राही केंद्रित बनाने के लिए आधार प्रमाणीकरण, डिजिटल वितरण ट्रैकिंग और ई-केवाईसी जैसी आधुनिक तकनीकों को तेजी से लागू किया जा रहा है।

    मंत्री राजपूत ने माना केंद्रीय मंत्री का आभार

    खाद्य मंत्री राजपूत ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े इस महत्वपूर्ण और सारगर्भित त्वरित निर्णय पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पीडीएस के माध्यम से खाद्यान्न में चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाने के अनुरोध को महज एक हफ्ते के अंदर ही स्वीकार कर उसमें बदलाव के आदेश जारी करना यह बताता है कि केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार जनहित के लिए किसी भी निर्णय पर त्वरित अमल करती है। केंद्र से लेकर राज्य तक सरकार का लक्ष्य अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुविधाओं का विस्तार है।

     

  • हितग्राहियों को खाद्यान्न लेने में नहीं हो कोई असुविधा : खाद्य मंत्री राजपूत

    हितग्राहियों को खाद्यान्न लेने में नहीं हो कोई असुविधा : खाद्य मंत्री राजपूत

    भोपाल

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में 5 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को प्रति माह लगभग 2 लाख 90 हजार मीट्रिक टन नि:शुल्क खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी 27 हजार 944 उचित मूल्य दुकानों में पीओएस मशीन स्थापित की जा चुकी हैं। मंत्री राजपूत ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।

    उचित मूल्य दुकानों में परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा बायोमेट्रिक सत्यापन/ओटीपी के माध्यम से राशन प्राप्त किया जा सकता है। अशक्त एवं दिव्यांगजनों के लिये नॉमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके तहत यह लोग जिस व्यक्ति को नामांकित कर देते हैं, उन्हें खाद्यान्न प्रदान किया जाता है। राशन वितरण की सूचना हितग्राही को एसएमएस के माध्यम से भी देने का प्रावधान है। प्रदेश में लगभग 653 उचित मूल्य दुकानें शेडो एरिया में हैं, यहां पर समग्र परिवार आईडी के माध्यम से खाद्यान्न का वितरण किया जाता है।

     

  • मंत्री राजपूत के कैबिन से चांदी की मूर्तियां गायब, 1 महीने बाद भी नहीं मिला सुराग

    मंत्री राजपूत के कैबिन से चांदी की मूर्तियां गायब, 1 महीने बाद भी नहीं मिला सुराग

     भोपाल
     मंत्रालय में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के चेंबर से भगवान गणेश की मूर्ति चोरी हो गई. अज्ञात चोरों ने चांदी की मूर्ति पर हाथ साफ किया है. इस वारदात के बाद मंत्रालय के सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं. सवाल उठना भी लाजमी है. जहां 24 घंटे पुलिस की मुस्तैदी हो, अगर वहां ऐसी वारदात को अंजाम दिया जाता है तो यह सिक्योरिटी पर प्रश्न चिंह है.

    दरअसल, मंत्रालय के वीवी-2 बिल्डिंग में मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का चेंबर है. आशंका जताई जा रही है कि इस वारदात को तब अंजाम दिया गया, जब मंत्री गोविंद सिंह राजपूत मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पहले पूजा करने पहुंचे. मामले में कर्मचारियों की संलिप्तता की संभावना जाहिर की जा रही है.

    वैसे तो मंत्री का चेंबर लॉक नहीं रहता है. चेंबर में कई जरूरी दस्तावेजों के साथ गणेश जी की मूर्ति भी रखी हुई थी. खुद मंत्री का कहना है कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की कोई उम्मीद नहीं थी. ऐसी चोरी पहली बार हुई है. फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि आरोपियों को पकड़ा जा सके.

  • मंत्री राजपूत ने सपत्नीक विवाह समारोह में मांगलिक गीत पर किया नृत्य

    मंत्री राजपूत ने सपत्नीक विवाह समारोह में मांगलिक गीत पर किया नृत्य

    जैसीनगर
    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द्र सिंह राजपूत ने कहा जाता है कि एक बेटी का कन्यादान अगर कोई कर दे तो उसे यज्ञ का पुण्य मिलता है। जैसीनगर में बुधवार को आयोजित कन्यादान योजना में 600 से अधिक बेटियां हैं, जिनका कन्यादान हम ले रहे हैं, जो कि महायज्ञ के समान है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से बेटियों के पिता की चिंताएं दूर हुई हैं, इस योजना ने बेटियों के पिता के माथे का पसीना पोंछने का काम किया है। मुख्यमंत्री कन्यादान योजना एवं शादी समारोह एक महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री राजपूत ने यह बात सुरखी विधानसभा क्षेत्र के जैसीनगर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह समारोह में व्यक्त किये।

     मंत्री राजपूत ने कहा कि जैसीनगर में यह शादी समारोह एक महापर्व की तरह मनाया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले बेटियां बोझ समझी जाती थीं, लेकिन राज्य सरकार अब बेटियों के जन्म से लेकर शादी तक पूरा खर्च वहन करती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे लगातार प्रयासों से हमारी बेटियां वरदान बन गई हैं।

    मंत्री ने विवाह समारोह में सपत्नीक किया नृत्य

    मंत्री गोविंद सिंह राजपूत तथा मंच पर सभी अतिथियों ने वैवाहिक जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर मंगलकामनाओं के साथ उन्हें विवाह की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और उनकी पत्नी श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने नृत्य किया एवं वर-वधू को आशीर्वाद दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत एवं आकाश सिंह राजपूत ने भी बुंदेली गीतों पर जमकर नृत्य किया।     

    सांसद श्रीमती लता वानखेड़े ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेटियों बहनों  को अनेक योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि पहले जहां एक बेटी का कन्यादान करने में परिवार कई परेशानियों से गुजरता था।  आज सरकार के माध्यम से एक साथ  इतनी बेटियों का कन्यादान करने का हम सब को सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। मंत्री राजपूत द्वारा अपने क्षेत्र के लिए किये जाने वाले कार्य हमेशा से ही सुर्खियों में रहे हैं। इस कन्यादान में उनके द्वारा की गई व्यवस्थाएं प्रशंसनीय हैं।

    जिला पंचायत अध्यक्ष हीरा सिंह राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह योजना के माध्यम से जहां सभी वर्गों का कन्यादान किया जाकर परिजनों की चिंताएं भी दूर की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा बेटियों की शादी में 49000 की राशि उनके खाते में हस्तांतरित कर रही है। इससे वह अपना जीवन सुख में व्यतीत कर सकेंगी। उन्होंने सभी नव दंपतियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने कहा कि आज मेरा सौभाग्य है कि मुझे सुरखी विधानसभा क्षेत्र में दो दिन में एक हजार से अधिक बेटियों का कन्यादान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। श्रीमती सविता सिंह राजपूत ने बुंदेली बन्ना मांगलिक गीत की प्रस्तुत दी। इस अवसर पर मंत्री राजपूत के आमंत्रण पर बुंदेलखंड की गायिका सुकविता शर्मा ने बुंदेली मांगलिक गीतों की प्रस्तुत दी।  इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वर वधू के परिजन मौजूद थे।