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  • स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर ऑवर में मिल रही 20 प्रतिशत छूट

    स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर ऑवर में मिल रही 20 प्रतिशत छूट

    भोपाल (ग्रामीण) के 11 हजार 653 उपभोक्ताओं को अक्टूबर माह में 24 लाख 9 हजार की छूट

     स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर ऑवर में मिल रही 20 प्रतिशत छूट

    प्रदेश के उपभोक्ताओं को मिली 4 करोड़ 66 लाख 34 हजार रूपये की छूट

    भोपाल 

    मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्य क्षेत्र में 3 लाख 61 हजार 856 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके मासिक विद्युत बिल में टाइम ऑफ डे (ToD) छूट का लाभ प्रदान करते हुए अक्टूबर माह में कुल 4 करोड़ 66 लाख 34 हजार की रियायत प्रदान की गई है। इसमें भोपाल ग्रामीण के 11 हजार 653 उपभोक्ताओं को 24 लाख 9 हजार रूपए की दिन के टैरिफ में छूट मिली है। कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी खपत के आधार पर टाइम ऑफ डे (ToD) छूट अंतर्गत यह रियायत प्रदान की गई है।

     मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  क्षितिज सिंघल ने बताया है कि कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटरिंग पहल के अंतर्गत माह अक्टूबर 2025 के दौरान यह छूट प्रदान की गई है। दिन के टैरिफ में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है। कंपनी ने बताया है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जिसमें घरेलू, गैर घरेलू, सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और निम्न दाब औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सोलर ऑवर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को ही दी जा रही है।

     प्रबंध संचालक  सिंघल ने आमजन एवं उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने परिसर में स्मार्ट मीटर लगाने में सहयोग करें और स्मार्ट मीटर लगवाने से न घबराएं। स्मार्ट मीटर उनके लिए हर तरह से फायदेमंद है और स्मार्ट मीटर की सटीक रीडिंग और बिलिंग के साथ ही कार्य प्रणाली में भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।

    स्मार्ट मीटर से ऊर्जा बचत में मिलती है मदद

     स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद मिलती है। स्मार्ट मीटर बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती। ऐप से मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बनाया जा सकता है। उपभोक्ता ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन मोबाइल ऐप के द्वारा किसी भी समय कहीं से भी देख सकते हैं। स्मार्ट मीटर ऊर्जा की खपत को कम करने में सहायक होकर पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को भी कम करता है।

     

  • भोपाल में स्मार्ट मीटर विरोध तेज, 200 यूनिट मुफ्त बिजली समेत कई मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन

    भोपाल में स्मार्ट मीटर विरोध तेज, 200 यूनिट मुफ्त बिजली समेत कई मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन

    भोपाल

    स्मार्ट मीटर के विरोध में 6 अक्टूबर को भोपाल में बड़ा प्रदर्शन होगा। मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन (एमईसीए) के बैनरतले प्रदेशभर से उपभोक्ता डॉ. अंबेडकर पार्क में जुटेंगे। वे 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने, बिजली के रेट कम करने जैसी 11 मांग भी सरकार के सामने रखेंगे। स्मार्ट मीटर के लगातार विरोध के बीच मध्य प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग ने स्मार्ट मीटर को अनिवार्यता का नियम तीन साल आगे बढ़ाकर 31 मार्च 2028 तक के लिए बढ़ा दिया है। इस एक फैसले ने स्मार्ट मीटर अभियान की रफ्तार को फिलहाल के लिए रोक दिया है।

    दरअसल पूर्व, मध्य और पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियों (डिस्काम्स) ने आयोग से स्मार्ट मीटर लगाने की अनिवार्यता की अवधि बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। कंपनियों का तर्क था कि स्मार्ट मीटर मात्र बिजली खपत मापने का एक यंत्र नहीं है, बल्कि एक वृहद विद्युत प्रणाली है।

    एसोसिएशन की प्रदेश संयोजक रचना अग्रवाल और लोकेश शर्मा ने बताया, मध्यप्रदेश सहित देशभर में बिजली उपभोक्ताओं द्वारा बिजली के प्री-पेड स्मार्ट मीटर का विरोध किया जा रहा है। ये विरोध कोई औपचारिकता या कोई निहित स्वार्थ पर आधारित राजनीतिक विरोध नहीं है, बल्कि हमारी दैनिक आय और जीवन मरण के प्रश्न से जुड़ा है।

    हाल ही में इसके दुष्परिणाम भी सामने आए हैं। बैठक में मुदित भटनागर, सतीश ओझा, आरती शर्मा आदि पदाधिकारी भी मौजूद थे।

    पदाधिकारी बोले-प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थिति ठीक नहीं स्मार्ट मीटर से अत्यधिक बढ़े हुए बिजली बिलों की समस्या मध्यप्रदेश के सभी जिलों में है। भोपाल में ही उपभोक्ताओं ने बताया कि उनका बिल हर महीने भरने के बावजूद एक उपभोक्ता का 10 हजार, दूसरे का 20 हजार, तीसरे का 29 हजार रुपए आया है।

    ग्वालियर में उपभोक्ता जिसका एक कमरे का घर है, के बिल 5 हजार रुपए तक आ रहे हैं। ग्वालियर के 3 उपभोक्ताओं ने बताया कि महीने में दो बार बिल आ गया है। दोनों 6-6 हजार का है। गुना, सीहोर, विदिशा, सतना, इंदौर, देवास, दमोह, जबलपुर आदि जिलों में भी आम उपभोक्ता जिसके बिजली बिल 700-800 आते थे, वे हजारों में आ रहे हैं।

    गुना में एक किसान को 2 लाख से ज्यादा का बिजली बिल दिया गया। जहां-जहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, उन सभी जिलों में उपभोक्ता बिजली बिलों से पीड़ित है। लोग अपने गहने और बर्तन बेचकर बिल भर रहे हैं।

    इसमें मीटर के साथ नेटवर्किंग, मीटर डेटा मैनेजमेंट, बिलिंग, सर्वर आदि का एकीकरण आवश्यक है। इसके लिए उनके के पास प्रशिक्षित कर्मियों की कमी है। इधर, स्मार्ट मीटर से अनाप-शनाप बिल की वजह से उपभोक्ताओं का विरोध लगातार बना हुआ था।

    कंपनियों ने आयोग के सामने तो स्वीकार नहीं किया, लेकिन इस याचिका में उन्होंने स्वीकार कर लिया कि सर्वर का एकीकरण नहीं होने और अप्रशिक्षित कर्मियों की वजह से स्मार्ट मीटर की रीडिंग में गलतियां हो रही हैं। अब तीनों कंपनियां पहले तकनीकी कमी दूर करेंगी। इस बीच नए प्रशिक्षित कर्मचारियों की भर्ती होगी। उसके बाद ही स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान में तेजी लाई जाएगी।
    कंपनी ने दिए हैं ये तर्क

        फिलहाल पूरे देश में स्मार्ट मीटर की कमी बनी हुई है।
        आरडीएसएस योजना के तहत मीटरिंग प्रोजेक्ट में कई समस्याएं हैं।
        टेंडर प्रक्रिया में देरी हो रही है।
        अलग-अलग डिस्काम्स की अपनी-अपनी समस्याएं हैं।

    उपभोक्ताओं को मिलेंगी ये राहत

        बिजली कंपनियां शहरी क्षेत्र में नए कनेक्शन के तहत स्मार्ट मीटर न होने पर सामान्य मीटर भी लगा सकेंगी।
        ग्रामीण क्षेत्र में नान-स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं।
        पुराने खराब, जले, रुके हुए मीटर भी अब 31 मार्च 2028 तक बदले जा सकेंगे।

    फैक्ट फाइल

        1.37 करोड़ स्मार्ट मीटर मप्र में लगाए जाने हैं।
        38.47 लाख पहले चरण में स्वीकृत।
        99.22 लाख दूसरे चरण में स्वीकृत।
        12.56 लाख मीटर तीनों डिस्काम ने अब तक लगाए।

    इसलिए विरोध

        स्मार्ट मीटर मोबाइल रीचार्ज की तरह प्री-पेड क्षमता वाले डिवाइस के साथ है। जिसे कंपनी मोबाइल फोन की तरह कभी भी प्री-पेड कर सकती है।
        इसकी मानीटरिंग व कमांड भी सेंट्रल सिस्टम के तहत है। इसमें कंपनी के लिए उपभोक्ता की यूनिट्स को भी बदलना असंभव नहीं है।
        मीटर टाइम आफ डे (TOD) का आकलन करने की क्षमता रखता है। दिन-रात का अलग-अलग रेट है।
        मीटर में कोई खराबी आ जाने की स्थिति में मीटर को बदलने पर फिर से यह रकम चुकानी होगी। यह जबरदस्त बोझ है, जो कि आम उपभोक्ता के ऊपर डाला जा रहा है।
        स्मार्ट मीटर का बिल नहीं चुका पाने की स्थिति में बिजली तुरंत काट दी जा रही है। जुड़वाने के नाम पर 350 रुपए उपभोक्ता से लिए जा रहे हैं, जबकि हमारी सिक्योरिटी राशि बिजली विभाग के पास पहले से ही जमा है।
        बिजली बिल की हार्ड कॉपी नहीं दी जा रही है। जिससे अशिक्षित और तकनीकी रूप से अक्षम उपभोक्ताओं के लिए समस्या पैदा हो गई है।
        हर उपभोक्ता के पास स्मार्ट फोन नहीं है। बिजली का बिल भरने के लिए ही लोगों को फिर मोबाइल खरीदना होगा।
        बिजली कंपनी से हमारा अनुबंध पोस्टपेड मीटर के लिए है, न कि प्री-पेड मीटर के लिए। फिर इस प्रीपेड क्षमता वाले मीटर को क्यों लगाया गया है?

  • स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को एप से मिलेगी शटडाउन की सूचना

    स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को एप से मिलेगी शटडाउन की सूचना

    भोपाल

    गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अपने सभी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए Smart MPCZ मोबाइल एप लॉन्च किया है। यह एप कंपनी के पोर्टल पर उपलब्ध क्यूआर कोड के माध्यम से और गूगल प्ले स्टोर से दिए गए लिंक https://play.google.com/store/apps/details?id=com.mpcz.consumerapp को ओपन करके भी डाउनलोड किया जा सकता है। इस एप की मदद से उपभोक्ता बिजली खपत प्रोफाइल और अकाउंट की जानकारी देखने के साथ ही उपभोग पैटर्न की जानकारी भी देख सकते हैं। उपभोक्ता कंज्यूमर आईडी को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जोड़कर एप का उपयोग कर सकते हैं। इस एप से एक ओर जहां उपभोक्ताओं को शटडाउन की सूचनाएँ प्राप्त होती रहेंगी, वहीं दूसरी ओर मीटर की स्थिति की जाँच, उपयोग की गई बिजली की जानकारी के साथ ही उपभोक्ता सेवा केन्द्र 1912 से संपर्क करने की सुविधा भी मिलेगी। उपभोक्ता इस Smart MPCZ एप से अनेक सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे तथा अपनी बिजली खपत को बेहतर ढंग से मैनेज भी कर सकेंगे।

     

  • भोपाल में अबतक लगे 35 हजार स्मार्ट मीटर, बैलेंस खत्म होने के बाद तीन दिन का मौका मिलेगा

    भोपाल में अबतक लगे 35 हजार स्मार्ट मीटर, बैलेंस खत्म होने के बाद तीन दिन का मौका मिलेगा

    भोपाल
     मध्यप्रदेश के 20 जिलो में अब तक 10 लाख स्मार्ट मीटर सफलता पूर्वक लगाए जा चुके हैं। जबकि भोपाल में विभिन्न परिसरों में 35 हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इन स्मार्ट मीटरों का निरीक्षण करने केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय के संयुक्त सचिव शशांक मिश्रा भोपाल आए।

    उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के फायदे बताने के साथ ही मोबाइल एप भी इंस्टाल करवाया। इस दौरान कंपनी के निदेशक (वाणिज्य) सुधीर कुमार श्रीवास्तव, महाप्रबंधक शहर बीबीएस परिहार सहित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

    सुविधा का लाभ लेने के लिए कहा
    केंद्रीय संयुक्त सचिव ने शहर के दानिशकुंज, विराशा हाइट्स में उपभोक्ताओं के परिसरों में लगाए गए स्मार्ट मीटरों का निरीक्षण करते हुए उनकी कार्यप्रणाली को देखा। यहां उन्होंने उपभोक्ताओं से चर्चा कर मीटर के फायदे बताए और एप इंस्टाल कर सुविधा का लाभ लेने के लिए कहा है।

    उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर के लगने से सुरक्षा निधि से छूट, पहले से जमा सुरक्षा-राशि से पहला रिचार्ज,मौजूदा टैरिफ के अनुसार, घरेलू एवं गैर घरेलू (व्यावसायिक) बिल में 25 पैसे प्रति यूनिट की छूट, ऊर्जा-प्रभार से जुड़े अन्य प्रभारों (यथा विद्युत-शुल्क, टीओडी सरचार्ज, पावर फैक्टर सरचार्ज) की घटी विद्युत दर से गणना,प्रत्येक भुगतान पर, बिल राशि के शून्य से पांच प्रतिशत (न्यूनतम पांच रुपये ) की छूट, घरेलू श्रेणी में छूट की कोई अधिकतम सीमा नहीं, जबकि अन्य श्रेणियों में छूट की अधिकतम सीमा 20 रुपये जैसे लाभ मिलेंगे।

    बैलेंस खत्म होने के बाद तीन दिन का मौका

    उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर में बैलेंस खत्म होने के बाद भी अगले तीन दिन तक बिना कनेक्शन काटे रिचार्ज कराया जा सकता है।उपभोक्ता मोबाइल में एप के जरिए विद्युत-भार (लोड) की हर 15 मिनट में रियल टाइम जानकारी,विद्युत खपत, तत्संबंधी विद्युत प्रभार, बैलेंस राशि की प्रतिदिन की जानकारी, मीटर रीडिंग की गड़बड़ी, विद्युत लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मर, बिजली आपूर्ति में व्यवधान की समस्या को आसानी से दूर करवा सकेंगे। इतना ही भविष्य में सोलर रूफ टाप कनेक्शन लेने पर नये मीटर माडेम खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी।