48 घंटे से मंथन फिर भी तय नहीं टिकट, कांग्रेस में हरिद्वार-नैनीताल सीट में किस बात की टेंशन?
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48 घंटे से मंथन फिर भी तय नहीं टिकट, कांग्रेस में हरिद्वार-नैनीताल सीट में किस बात की टेंशन?

देहरादून । उत्तराखंड लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस पूरी तरह से तैयार है। बीजेपी ने उत्तराखंड में गढ़वाल, टिहरी, अल्मोड़ा समेत पांचों सीटों पर प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतार दिया है। लेकिन, कांग्रेस ने अभी तक हरिद्वार और नैनीताल सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। आपको बता दें कि हरिद्वार से बीजेपी की ओर से त्रिवेंद्र सिंह रावत चुनावी मैदान में हैं, जबकि नेनीताल संसदीय सीट से अजय भट्ट चुनाव लड़ रहे हैं। बीते दो दिन लगातार बैठक पर बैठक के बाद भी कांग्रेस हरिद्वार और नैनीताल सीट पर अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। पार्टी नेताओं के मुताबिक अब दोनों सीटों पर अंतिम निर्णय केंद्रीय चुनाव समिति के दायरे से बाहर निकल कर हाईकमान के पाले में चला गया है। बुधवार को भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और पूर्व सीएम हरीश रावत ने पहले प्रभारी कुमारी सैलजा और स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भक्तचरण दास के साथ बैठक कर दोनों सीटों पर मंथन किया। इसके बाद एक दौर की मीटिंग राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ भी हुई। बावजूद इसके कांग्रेस दोनों टिकटों पर फैसला नहीं कर पाई है। सूत्रों के अनुसार असल पेच हरिद्वार सीट को लेकर फंसा हुआ है, जहां पूर्व सीएम हरीश रावत अपने पुत्र वीरेंद्र रावत के लिए टिकट की पैरवी कर रहे हैं। जबकि पार्टी इसके बजाय हरीश रावत को मैदान में उतारना चाहती है। सूत्रों के अनुसार सहमति नहीं बनने के बाद मामला हाईकमान के पास पहुंच गया है। उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी गणेश गोदियाल को इनकम टैक्स नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। माहरा ने कहा कि चुनाव घोषण होते ही आनन-फानन में गणेश गोदियाल को इनकम टैक्स का नोटिस जारी होना कई सवाल खड़े करता है। साथ ही इससे स्पष्ट हो गया है कि भारतीय जनता पार्टी देश की संवैधानिक संस्थाओं और विभागों का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक आकांक्षा के लिए कर रही है। वहीं कांग्रेस की प्रदेश मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर आयकर नोटिस को चुनाव प्रभावित करने की साजिश करार देते हुए, आयोग से आयकर विभाग को सख्त दिशा निर्देश दिए जाने की मांग की है।

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