ग्रीष्मकालीन ताइक्वांडो में प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के गुर सीख रहे बच्चें
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ग्रीष्मकालीन ताइक्वांडो में प्रशिक्षण में आत्मरक्षा के गुर सीख रहे बच्चें

बिलासपुर। स्थानीय पुलिस मैदान में खेल व युवा कल्याण विभाग का ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जहां पर जिला ताइक्वांडो संघ की ओर से खिलाड़ियों को ताइक्वांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमे बालक व बालिका वर्ग के खिलाड़ी आत्मरक्षा के गुर में परांगत हासिल कर रहे है। प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ियों से ही आने वाले स्पर्धाओं के लिए बिलासपुर की बालक व बालिका वर्ग की टीम तैयार करी जाएगी जो आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिला का प्रतिनिधित्व करेंगे। इसी तरह नए खिलाड़ियों की खेप तैयार की जा रही है, जो आने वाले दिनों में प्रतिभावान ताइक्वांडो खिलाड़ी बनकर उभरेंगे। मौजूदा स्थिति में पुलिस मैदान में रोजाना शाम साढ़े पांच बजे से साढ़े सात बजे तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमे बालक व बालिका वर्ग के 60 से ज्यादा को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसका प्रशिक्षण अंतराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी राम पुरी गोस्वामी और उनके सहायक प्रशिक्षक दे रहे है। बच्चें शिविर में आत्मरक्षा के गुर सीख रहें है। इसमें किकिंग, फाइटिंग, स्टेमना, पूमसे के आधुनिक खेल की विधा में दक्ष हो रहे है। कोच राम पुरी गोस्वामी ने बताया कि ताइक्वांडो शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहें खिलाड़ी आगामी जिला, राज्य, व राष्ट्रीय स्तर के प्रतियोगिता में भी शिरकत करेंगे। इसलिए सभी को बताया गया है कि वे इस आत्मरक्षा के गुर का सही आत्मसात करते हुए एक खिलाड़ी के रूप में आगे बढ़ सकते है। जिससे वे अपना व अपने देश का नाम भी रोशन कर सकेंगे। ऐसे में प्रशिक्षण लेने वाले पूरे जोर-शोर और दमखम से अभ्यास कर रहे है। जिला ताइक्वांडो संघ ने जानकारी दी है कि यदि कोई भी इस निश्शुल्क प्रशिक्षण में भाग लेना चाहते है, वे शाम के समय पुलिस मैदान में उपस्थित होकर अपना नाम दर्ज करा सकते है। यह प्रशिक्षण 15 जून तक चलेगा। इसके बाद राज्य स्तरीय स्पर्धा के लिए इस शिविर के सर्वक्षेष्ठ खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा। कोच राम पुरी गोस्वामा ने बताया कि इस ग्रीष्मकालीन प्रशिक्षण शिविर का मुख्य उददेश्य नए खिलाड़ी तैयार करना है, ताकि जिले के ज्यादा से ज्यादा बच्चे और युवा को खिलाड़ी के रूप में तब्दील करना है। खासतौर से छोटे बच्चों को तराशने के उददेश्य से अभ्यास कराया जा रहा है। यह तो शिविर वल रहा है, शिविर के बाद भी इन बच्चों को अभ्यास कराया जाता रहेगा। यदि बच्चे एक साल तक अभ्यास करते है तो वे ताइक्वांडो की विधा में दक्ष हो जाएंगे और उनके बड़े खिलाड़ी बनने का रास्ता खूल जाएगा।

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