स्कूल शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में नहीं लेगा पांचवी एवं आठवीं की परीक्षाएं : हाई कोर्ट

रायपुर

स्कूल शिक्षा विभाग को हाई कोर्ट से झटका लगा है. विभाग के आदेश को दरकिनार करते हुए पांचवी एवं आठवीं की केंद्रीयकृत परीक्षाओं से निजी स्कूलों को अलग कर दिया है. हाई कोर्ट जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच ने यह फैसला छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के साथ अन्य दो याचिकाओं पर दिया है.

वक़ील शरद मिश्रा ने बताया कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब स्कूल शिक्षा विभाग निजी स्कूलों में पांचवी एवं आठवीं की परीक्षाएं नहीं लेगा. हमेशा की तरह निजी स्कूल ही परीक्षा आयोजित करेंगे. इसके अलावा जो निजी स्कूल केंद्रीयकृत परीक्षा में शामिल होना चाहते हैं, वे शामिल हो सकते हैं.

दरअसल, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त स्कूलों में इसी सत्र से 5वीं और 8वीं की परीक्षा लेने का शिक्षा विभाग का आदेश के खिलाफ निजी स्कूल के साथ अभिभावकों ने हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी.

मामले में निजी स्कूल एसोसिएशन का कहना था कि उन्होंने पहले ही शिक्षा विभाग को लिखकर दिया था कि वो सीजी समग्र एवं मूल्यांकन पैटर्न पर बच्चों को पढ़ा रहे हैं. अब तक इन कक्षाओं के होम एग्जाम हुआ करते थे, लेकिन सत्र के आखिर में पांचवीं और आठवीं की परीक्षा आयोजित करने की बात कही गई थी, जिसके खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है.

बता दें कि 2010-11 में कक्षा पांचवी, आठवीं की बोर्ड परीक्षा को समाप्त किया गया था. लेकिन बोर्ड परीक्षा बंद करने से विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर को देखते हुए फिर से केंद्रीयकृत परीक्षा लेने का फैसला लिया गया था. इस संबंध में प्रदेश सरकार के फैसले के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने 3 दिसंबर 2024 को कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा लेने सभी कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश जारी किया था.

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