विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु जातियों के पुनर्वास कार्यों को दें प्राथमिकता: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदायों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करें। समुदाय के अनेक विद्यार्थियों ने लोक सेवा आयोग जैसी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में इनका निवास है। इनकी पुरानी पृष्ठभूमि अथवा पूर्व धारणा के आधार पर इन जातियों के सभी लोगों को अपराधी ना माना जाए। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में भी जातिगत संबोधन से संबोधित ना किया जाए। अपराधियों की जानकारी में जातियों का उल्लेख नहीं किया जाएं। इस तरह की असम्मानजनक शब्दावली से बचा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में विभाग की बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिला स्तर पर पुलिस प्रशासन द्वारा इन जातियों के ऐसे लोगों को अपराधों से विमुख करने के लिए प्रयास किया जाए जो विभिन्न कारणों से अपराधों से जुड़ जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा सांसी जाति के कल्याण के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पिछड़ा वर्ग के कल्याण के कार्यों को प्रभावी रूप से संपादित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न छात्रवृतियों की राशि शैक्षणिक सत्र के दौरान ही वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा कि आगामी शिक्षण सत्र में विभिन्न जिलों में पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति वितरण के कार्य तय समय में किया जाएगा। इस बारे में विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में मेस सुविधा संचालन की स्वीकृति दिए जाने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में मेस संचालन शुरू होगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि दिल्ली छात्र गृह योजना में वर्तमान में स्वीकृत 50 सीट की वृद्धि कर 150 सीट किया जाना प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न कन्या छात्रावास में बाउंड्री वॉल का निर्माण पूर्ण होने तक कांटेदार फेंसिंग की जाए।

वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटलाइजेशन में मध्यप्रदेश बन रहा है मॉडल
राज्य मंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रदेश की वक्फ समितियों का डिजिटलाइजेशन राजस्व विभाग के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ समितियों के डिजिटलाइजेशन सहित अन्य कार्यों में मध्यप्रदेश मॉडल के रूप में कार्य कर रहा है। बैठक में प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार ने अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण, छात्रवृत्ति राशि के वितरण और अन्य योजनाओं की जानकारी दी। संचालक विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु कल्याण श्री नीरज वशिष्ठ ने जानकारी दी कि प्रदेश में विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय की 51 जातियां हैं। इन जातियों में 14 जातियां अनुसूचित जाति वर्ग, 10 जातियां अन्य पिछड़ा वर्ग और 27 जातियां सामान्य वर्ग की श्रेणी में आती हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी जातियों को विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय की जाति का प्रमाण पत्र दिया जाता है और विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्ध घुमन्तु समुदाय के लिए संचालित योजनाओं से लाभान्वित भी किया जा रहा है।

बैठक में अन्य पिछड़ा वर्ग के संचालित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों पर भी चर्चा की गई। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण श्री सौरभ सुमन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

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