मध्य प्रदेश में मॉनसून एंट्री की तारीख फिक्स? राज्य के किन जिलों से होगा दाखिल, जानें पूरी डिटेल

भोपाल
मध्यप्रदेश में मानसून की एंट्री 15 जून तक हो सकती है। इससे पहले प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। बुधवार को भोपाल समेत 25 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है। इंदौर, उज्जैन-नर्मदापुरम संभाग में भी मौसम बदला रहेगा।

मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज कुछ ऐसा बदला कि नौतपा से पहले ही प्री-मॉनसून बारिश का कोटा पूरा हो गया. वहीं, अब मध्य प्रदेश में समय से पहले मॉनसून के दस्तक देने की संभावना बन रही हैं. राजधानी भोपाल में गरज चमक के साथ मंगलवार दोपहर को भी तेज बारिश हुई. वहीं 37 अन्य जिलों में भी आज बारिश होने की संभावना है. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस साल मॉनसून समय से पहले जोरदार एंट्री कर सकता है.

मध्य प्रदेश में प्री मॉनसून का कोटा पूरा

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 5 दिनों तक प्रदेश में अलग-अलग जिलों में हल्की बारिश का दौर जारी रहेगा. इसके बाद मौसम शुष्क होने लगेगा. वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में प्री-मॉनसून का कोटा पूरा हो चुका है. अब मॉनसून के आने की तैयारी है.

पिछले साल एमपी में कब आया था मॉनसून?

मध्यप्रदेश में वर्ष 2024 में 23 जून को मॉनसून ने दस्तक दी थी. तब प्रदेश के 23 जिलों में एक साथ मॉनसून आया था जबकि जून की औसत बारिश (132.8 मिमी) का कोटा मॉनसून के आने से पहले ही पूरा हो गया था.

2024 में टूटा था बारिश का रिकॉर्ड

बता दें कि 2024 में भोपाल में पिछले 40 सालों में चौथी सबसे ज्यादा बारिश हुई थी. इस दौरान कुल 64.35 इंच पानी बरसा था. इससे ज्यादा बारिश 2006 में 67.45 इंच, 2019 में 70.62 इंच और 2022 में 75.24 इंच हुई थी.

केरल पांच दिन पहले पहुंच रहा मॉनसून

मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई सुरेंद्रन ने बताया, '' इस बार केरल में पांच दिन पहले यानी 27 मई को मॉनसून पहुंचने की संभावना है. हालांकि, अभी कुछ कहना मुश्किल है. यदि सामान्य स्थितियां रहती हैं, तो मध्यप्रदेश में 15 से 20 जून तक मॉनसून दस्तक दे देगा.'' हालांकि, मौसम वैज्ञानिक ने यह भी बताया कि मॉनसून की बारिश विंड पैटर्न पर भी निर्भर करती है. यदि नमी नहीं मिलती है, तो मॉनसून की रफ्तार कम हो जाती है और वह कहीं कहीं अटक जाता है. ऐसे में 4 से 5 दिन का अंतर भी हो सकता है. पिछले साल भी ऐसा हुआ था.

मध्य प्रदेश के इन जिलों से होगी मॉनसून की एंट्री

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि मॉनसून इस बार बंगाल की खाड़ी से मध्य प्रदेश में पहुंच सकता है. यहां से सिवनी, मंडला या बालाघाट के रास्ते एमपी में मॉनसून एंट्री करेगा. इस बार सामान्य से अधिक बारिश की संभावना जताई जा रही है.

केरल में मॉनसून आने के करीब दो सप्ताह बाद भोपाल में पहुंचता है. वैज्ञानिकों ने बताया कि मध्यप्रदेश में मॉनसून या तो अरब सागर या फिर बंगाल की खाड़ी से आता है. इस बार बंगाल की खाड़ी वाली शाखा से मॉनसून आने की उम्मीद है. ऐसे में सबसे पहले सिवनी, मंडला या बालाघाट में बारिश होगी. वहीं यदि अरब सागर से मॉनसून की एंट्री होती है, तो सबसे पहले खंडवा, बुरहानपुर और इंदौर संभाग में बारिश होगी.

भोपाल-इंदौर में तेज आंधी के साथ बारिश इससे पहले मंगलवार को प्रदेश में आंधी और बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल में दोपहर में तेज बारिश हुई। करीब आधे घंटे में पूरा शहर तरबतर हो गया। हवा की रफ्तार तेज होने से बड़े तालाब में एक से डेढ़ फीट ऊंची लहरें उठीं। धार, रतलाम में भी बारिश हुई। वहीं, बालाघाट के मलाजखंड में सवा इंच से ज्यादा पानी गिर गया।

बारिश-आंधी के बीच कई शहरों में गर्मी का असर भी देखने को मिला। सबसे गर्म खजुराहो रहा। जहां तापमान 42.4 डिग्री दर्ज किया गया। नौगांव में 42 डिग्री, सतना में 41.8 डिग्री, रीवा में 41.2 डिग्री, उमरिया में 41.1 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, सीधी में 40.8 डिग्री, नरसिंहपुर में 40.4 डिग्री, गुना में 40.2 डिग्री और मंडला में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा।

बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 38.2 डिग्री, इंदौर में 36.3 डिग्री, ग्वालियर में 41.4 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 38.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

10 दिन में पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की आमद 15 जून को हो सकती है। मंगलवार को मानसून ने अंडमान द्वीप में दस्तक दे दी। अब यह धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा और 15 जून तक प्रदेश के दक्षिणी हिस्से यानी बालाघाट, सिवनी, मंडला, बैतूल, बुरहानपुर आदि जिलों के रास्ते से प्रदेश में आ जाएगा। इसके 10 दिन के अंदर मानसून पूरे प्रदेश को कवर कर सकता है।

आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज मंगलवा को भोपाल, विदिशा, रायसेन, सिहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगौन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, देवास, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुरकला, अनुपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, पांढुर्णा जिलों में हल्की बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर की रफतर से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है.

मई में बारिश-आंधी का दौर, दूसरे पखवाड़े में गर्मी रहेगी मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में मई के महीने में ही सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है। पिछले 10 साल का ट्रेंड देखें तो कई शहरों में पारा 47-48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है। दिन में हीट वेव चलती हे तो रातें भी गर्म रहती हैं। लेकिन इस बार मौसम का मिजाज अलग रहा। पहले पखवाड़े में तेज आंधी, बारिश और ओले गिरने का दौर जारी रहा। अगले चार दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। मौसम विभाग ने दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर बढ़ने का अनुमान जताया है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहेगी मौसम विभाग की मानें तो मई महीने में ग्वालियर, छतरपुर, नरसिंहपुर, निवाड़ी, मैहर, टीकमगढ़, भिंड, दतिया, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, मुरैना, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, श्योपुरकलां, शिवपुरी और विदिशा जिलों में पारा 45 डिग्री या इससे ज्यादा रहने का अनुमान है। इनमें ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ मालवा-निमाड़ के कुछ शहरों में भी तेज गर्मी रहेगी। छतरपुर के खजुराहो और नौगांव, निवाड़ी के पृथ्वीपुर में पारा 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

भोपाल में पारा 44 से 45 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है जबकि इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में भी पारा इतना रह सकता है। बड़े शहरों में ग्वालियर में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ेगी। यहां पारा 46-47 डिग्री के बीच पहुंचने का अनुमान है।

अबकी बार ऐसा रहा अप्रैल का महीना अप्रैल के पहले, दूसरे और तीसरे सप्ताह में तेज गर्मी और बारिश का दौर बना रहा। पहले सप्ताह में सभी संभागों में सामान्य से 2-3 डिग्री ज्यादा 21-24 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं, दिन में पश्चिमी गर्म हवाओं के कारण अधिकतम तापमान इंदौर, सागर और नर्मदापुरम संभागों में सामान्य से ज्यादा 39 से 44 डिग्री तक पहुंच गया। उज्जैन, भोपाल, ग्वालियर समेत बाकी संभागों में यह 41 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पहले सप्ताह रतलाम में लू चल चुकी है। वहीं, बाकी शहरों में गर्म हवाओं से गर्मी बढ़ी रही।

दूसरे सप्ताह में पूरे प्रदेश में तेज आंधी, बारिश, ओले और गरज-चमक की स्थिति बनी रही। प्रदेश के 80 प्रतिशत हिस्से में बारिश हुई। दूसरी ओर, कुछ जिलों में गर्मी का असर भी रहा।

तीसरे सप्ताह में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा, नर्मदापुरम संभागों में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान 40 से 44 डिग्री सेल्सियस या इससे ज्यादा रहा। कई जिलों में लू भी चली।

वहीं, आखिरी सप्ताह में प्रदेश में ओले, बारिश का दौर शुरू हो गया। 25 अप्रैल के बाद से ऐसा मौसम रहा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस, टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम के एक्टिव होने से ऐसा हुआ।

अब जानिए, 10 साल में कितना पारा…

भोपाल में गर्मी-बारिश का ट्रेंड राजधानी में मई में मौसम के ट्रेंड की बात करें तो पिछले 10 साल में तेज गर्मी और बारिश दोनों का ही दौर रहा है। 2016 में पारा 46.7 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो ओवरऑल रिकॉर्ड है। इस महीने बारिश भी होती है। 2014 से 2023 तक हर साल बारिश हुई है। वर्ष 2021 और 2023 में 2 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

पिछले साल 26 मई को पारा 45.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया था। यह 10 साल में छठवां 45 डिग्री से अधिक तापमान रहा। इस साल बारिश भी हुई थी।

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