प्रशासन ने एक ही दिन में पत्थर-पत्थर कर डाले 8500 घर, गुजरात में 50 बुलडोजरों का कहर

अहमदाबाद

गुजरात के अहमदाबाद में चंडोला तालाब के किनारे एक साथ गरजे करीब 50 बुलडोजरों ने एक ही दिन में करीब 8500 मकानों/ढांचों को पत्थर-पत्थर कर डाला। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं। पुलिस का कहना है कि इन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। अहमदाबाद नगर निगम ने अवैध अतिक्रमण को हटाकर 2.5 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली कराई है।

अहमदाबाद के जॉइंट कमिश्नर (क्राइम ब्रान्च, सेक्टर 2) जयपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि कल चंडोला तालाब के किनारे अवैध अतिक्रमण को हटाने का दूसरे चरण का काम शुरू हुआ था। जितना अतिक्रमण हटाना था, उसमें से 99.9 फीसदी ध्वस्तीकरण पूरा हो चुका है। 2.25 लाख वर्ग मीटर जमीन खाली करा ली गई है। अब कुछ धार्मिक ढांचे ही बचे हैं जिन्हें सम्मान के साथ हटाया जाएगा। हमारी अपील है कि कोई अफवाह पर ध्यान ना दें। नगर निगम की नीति के मुताबिक जिन्हें मकान मिलना है उनके फॉर्म लिए जा चुके हैं।

सरकारी जमीन पर निर्माण
अहमदाबाद पुलिस आयुक्त जी एस मलिक के अनुसार नगर निगम ने चंदोला झील के आसपास 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध निर्माणों को हटाने का फैसला किया है। पिछले महीने 1.25 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र से अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के घरों समेत अतिक्रमण को हटाया था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) शरद सिंघल ने बताया कि दूसरे और अंतिम चरण में एएमसी पुलिस की मदद से शेष भूमि को अवैध अतिक्रमण से मुक्त कराएगी। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 3,000 पुलिसकर्मियों और राज्य रिजर्व पुलिस (एसआरपी) के जवानों को तैनात किया गया है। सिंघल ने कहा कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे, जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा।

ड्रोन से हुआ अवैध निर्माण का सर्वेक्षण
संयुक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि यह अभियान शुरू करने से पहले एएमसी ने एक सर्वेक्षण किया और पाया कि झील के आसपास का लगभग 2.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र पर अब भी अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण से पुष्टि हुई है कि इस विशाल भूमि पर लगभग 8,000 मकान अवैध रूप से बनाए गए हैं। सिंघल ने बताया कि एएमसी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके हैं। उन्होंने कहा एएमसी के कम से कम 50 दलों ने सुबह अपना काम शुरू कर दिया है और दोपहर तक 30 प्रतिशत क्षेत्र को साफ कर दिया गया है। हमने क्षेत्र में कड़ी निगरानी रखने के लिए 50 ड्रोन तैनात किए हैं।

पहलगाम हमले के बाद अहमदाबाद में यहां बड़ी संख्या में बांग्लादेशी घुसपैठिये पकड़े गए थे। 29 और 30 अप्रैल को अहमदाबाद नगर निगम ने पहले चरण के बुलडोजर ऐक्शन में बड़ी संख्या में ढांचों को गिरा दिया था। 20 मई से शुरू हुए दूसरे चरण में नगर निगम की 50 टीमों को सात जोन में बांटकर काम पर लगाया गया था। 350 स्टाफ सदस्यों के साथ सुबह 7 बजे ही ध्वीस्तीकरण का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक जारी रहा। 50 से ज्यादा बुलडोजर/अर्थमूवर से अवैध ढांचों को मिट्टी में मिला दिया गया। कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए 3000 पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया था।
तालाब किनारे एक बेहद सघन बस्ती थी।

जॉइंट पुलिस कमिश्नर शरद सिंघल ने मंगलवार को पीटीआई को बताया था कि पहले चरण में हमारा मुख्य लक्ष्य असामाजिक तत्व और अवैध बांग्लादेशी निवासी थे जो यहां रह रहे हैं। हमने अतिक्रमण विरोधी अभियान के पहले चरण से पूर्व यहां अवैध रूप से रह रहे 202 बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। दूसरे चरण में हम शेष अवैध अतिक्रमण को हटा देंगे। जब तक सभी अवैध ढांचे हटा नहीं दिए जाते, तब तक अतिक्रमण विरोधी अभियान जारी रहेगा।

किन्हें मिलेगा घर
अहमदाबाद नगर निगम ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि 2010 या उससे पहले से यहां रहने वाले लोग वैकल्पिक आवास के लिए पात्र होंगे और कई लोग पहले ही अपना घरेलू सामान वहां ले जा चुके थे।

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