स्वास्थ्य विभाग की आउटरीच गतिविधियां प्रशंसनीय, अस्पतालों में पेशेंट फ्रेंडली एनवायरमेंट में हो उपचार: कलेक्टर भोपाल

कलेक्टर भोपाल की अध्यक्षता में हुई जिला स्वास्थ्य समिति बैठक

भोपाल

कलेक्टर भोपाल कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा हेतु जिला स्वास्थ्य समिति एवं टास्क फोर्स बैठक 21 मई को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित की गई।  बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती इला तिवारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी, नगर निगम, महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नोडल अधिकारियों सहित शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

बैठक में रैन बसेरों, जेल बंदियों, कामकाजी महिलाओं, न्यूज पेपर हॉकर्स, सिटी बस चालकों, कंडक्टर्स,  वृद्धजनों को आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से दी गई स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई । ऑर्गन डोनेशन और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के लाभान्वितों के लिए किए गए जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में अवगत करवाया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आत्महत्या रोकथाम के लिए गेट कीपर्स प्रशिक्षण, डॉग हैंडलर्स प्रशिक्षण , राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य प्रशिक्षण, पी एम श्री एयर एम्बुलेंस एवं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में किए गए कार्यों की जानकारी साझा की गई।

बैठक में कलेक्टर महोदय ने कहा कि अस्पतालों को पेशेंट फ्रेंडली बनाया जाए , जिससे वहां आने वाले मरीज को उपचार में कोई परेशानी ना हो। 70 साल से अधिक उम्र के नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाने के काम में तेजी लाने के लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए।  कलेक्टर भोपाल श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने भोपाल जिले में हितग्राहियों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए की जा रही आउटरीच गतिविधियों की प्रशंसा की।  उन्होंने कहा कि बड़े अस्पतालों पर ओ पी डी लोड कम करने के लिए संजीवनी क्लीनिक को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।
 
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले की 77 ग्राम पंचायतें टी बी मुक्त घोषित हुई हैं। आयुष्मान भारत निरामयम योजना में 1198789 कार्ड बनाए जा चुके हैं।  जिले में 68477 ए एन सी पंजीयन हुए हैं जो की लक्ष्य का 110% है। इनमें से 89% महिलाओं को प्रथम त्रैमास में पंजीकृत किया गया। मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना में 10983 एवं जननी सुरक्षा योजना में 14380 महिलाओं को लाभान्वित किया गया है। एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 28513 ए एन सी जांच की गई है। जिले की 118 स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षित गर्भपात की सेवाएं उपलब्ध हैं।

शिशु टीकाकरण कार्यक्रम के तहत एम आर 1- 97% एवं एम आर 2- 92% है । पूर्ण टीकाकरण 110 प्रतिशत  है। जिले में जयप्रकाश जिला चिकित्सालय और डॉ कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट संचालित की जा रही है। इन यूनिट्स में पिछले साल में 1036 बच्चों को भर्ती किया गया है। इसी अवधि में सिविल अस्पताल बैरागढ़, सिविल अस्पताल बैरसिया, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोलार में न्यूबॉर्न स्टेबलाइजेशन यूनिट में 785 नवजात बच्चों को भर्ती किया गया है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में 17 टीम में काम कर रही है । कार्यक्रम में पिछले साल जन्मजात हृदय रोग की 66, क्लेफ्ट लिप क्लेफ्ट पेलेट की 12 , न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट की 1,क्लब फुट की 23, कॉक्लियर इंप्लांट की 3, कंजेनिटल कैटरेक्ट की 17 सर्जरी निशुल्क की गई हैं। भोपाल जिले में पहल करते हुए निजी स्कूलों में भी स्क्रीनिंग करवाई जा रही है । निजी स्कूलों में 175925 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई है। जिले में संचालित 5 पोषण पुनर्वास केंद्रों में 791 बच्चों को भर्ती कर उपचारित किया गया है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय वेक्टर जनित नियंत्रण कार्यक्रम,  कुष्ठ उन्मूलन, टीबी, अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम, तंबाखू नियंत्रण कार्यक्रम सहित विभिन्न कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। सभी अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि ओपीडी में आने वाले 70 वर्ष से अधिक उम्र के प्रत्येक व्यक्ति के आयुष्मान और आभा आईडी बनाना सुनिश्चित किया जाए।

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