हिंदू लड़कियों का विश्वास जीतने के लिए माता के जगराते में जाते थे आरोपी, जिस कॉलेज की लड़कियां शिकार बनीं, कश्मीर और बंगाल के ज्यादा छात्र

 भोपाल

 मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में हिंदू लड़कियों के साथ दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की कई घटनाएं हाल ही में एक-एककर सामने आई हैं। सभी घटनाओं में समान बात यह भी पता चली है कि आरोपित हिंदू लड़कियों को फंसाने के बाद उन्हें इस्लाम की शिक्षा दे रहे थे।

आरोपित लड़कियों में सनातन परंपरा के विरुद्ध जहर भरते और फिर समझाते कि हमारी दुआ में बहुत ताकत होती है। उनका ब्रेन वाश कर उन्हें बताते थे कि कलमा क्या होता है। रोजा क्यों रखा जाता है। हमारे इस्लाम में पद्धति कठिन जरूर है लेकिन दुआ जल्दी स्वीकार होती है।

पीड़ित लड़कियों के बयान और बरामद साक्ष्यों से ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जिससे पता चलता है कि फरहान और उसके साथियों का यह संगठित अपराध कई वर्षों से चला आ रहा था। भोपाल में दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग कांड के मुख्य आरोपित फरहान के ही मोबाइल में पुलिस को 64 लड़कियों के आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। इनमें से 58 टीआईटी कॉलेज में पढ़ चुकी हैं।

जोया लड़कियों को फोन करती थी

हिंदू लड़कियों को फंसाने में फरहान की बहन जोया उसकी और अन्य आरोपितों की मदद किया करती थी। पीड़ित लड़कियों ने बताया कि जब वे फरहान से दूर जाने का प्रयास करती थी, तब जोया उन्हें फोन किया करती थी कि फरहान भाई अपसेट हैं। भाई आपको बहुत मानते हैं, आप उनसे एक बार बात कर लो।

जोया भी वीडियो वायरल करने की धमकी देती थी

एक पीड़िता ने जब जोया से दुष्कर्म और ब्लैकमेल की शिकायत की। उससे कहा कि फरहान के मोबाइल से वीडियो डिलीट कर दो, वह हमारे वीडियो वायरल करने की धमकी देता है, तो जोया ने डराया कि ज्यादा बोला तो भाई बाद में करेगा, मैं तेरे वीडियो पहले वायरल कर दूंगी। लापरवाही का चरम यह है कि इन तथ्यों के सामने आने के बाद भी भोपाल पुलिस ने जोया व फरहान के अन्य स्वजन को आरोपित नहीं बनाया।

माता के जगराते में शामिल होते थे फरहान व अन्य आरोपित

हिंदू लड़कियों को फंसाने और उनका विश्वास जीतने के लिए आरोपित माता के जगराते में भी शामिल होते थे। इसके बाद वे कहते कि आज से मैं भी वर्मा हो गया।

जम्मू-कश्मीर और बंगाल के सर्वाधिक छात्र

भोपाल स्थित टीआईटी कॉलेज में जिन हिंदू छात्राओं को लव जिहाद का शिकार बनाया गया, उस कॉलेज में जम्मू-कश्मीर और बंगाल के छात्र अधिक संख्या में प्रवेश लेते हैं। इनमें भी अधिकांश मुस्लिम वर्ग से आते हैं। यही वजह है कि कॉलेज प्रबंधन ने आरोपितों को बेजा संरक्षण दिया हुआ था। इस गिरोह में कई फैकल्टी के भी शामिल होने की बात पीड़िताओं ने बताई है।

महंगी गाड़ियां, फाइव स्टार होटल और 50 लाख के ट्रांजैक्शन

भोपाल में हिंदू छात्राओं से दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग करने वाले गिरोह के मुस्लिम आरोपियों से बड़ा खुलासा हुआ है। उनके बैंक खातों की पड़ताल से उनकी फंडिंग पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस की जांच के दौरान मुख्य आरोपी फरहान के दो बैंक खातों से करीब 50 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। कमाल की बात यह है कि यह लेनदेन पिछले ढाई वर्षों में किया गया है।
महंगी गाड़ियों और होटलों पर करता था खर्च

प्रारंभिक तौर पर यह माना जा रहा है कि इन रुपयों के माध्यम से फरहान महंगी गाड़ियों और आलीशान होटलों में खर्च करता था और इसी तरह युवतियों को आकर्षित करता था। इसके बाद उन्हें अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनसे दुष्कर्म करता, जिसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेलिंग करने लगता। आशंका है कि लेनदेन में बड़ी राशि इस काम के लिए बाहर से मिल रही वित्तीय मदद का हिस्सा हो सकती है।
पुलिस ने साधी चुप्पी

पुलिस ने इन बैंक खातों में हुए इस लेनदेन और फंडिंग की आशंकाओं पर अब तक चुप्पी ही साध रखी है। आपको बता दें कि करीब एक महीने की जांच के बावजूद पुलिस फंडिंग की बात से इनकार ही करती आ रही है, जबकि राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और महिला आयोग की समिति ने आरोपियों की फंडिंग की जांच की अनुशंसा की थी।
ढाई साल में 50 लाख के लेनदेन पर सवाल

एक छात्र के बैंक खातों में महज ढाई साल में 50 लाख रुपये की राशि का लेनदेन एक बार फिर फंडिंग की ओर इशारा कर रहा है। बताया जा रहा है कि जांच में सामने आया है कि फरहान पुरानी गाड़ियां खरीदता-बेचता था। पहले वह बाइकों की डीलिंग करता था, जबकि एक साल से पुरानी कारों की खरीद-फरोख्त का काम भी कर रहा था। इस काम में अतीक नाम का एक युवक भी उसके साथ था। पुलिस ने उसके नाम से मिली छह से अधिक गाड़ियों को जब्त किया है। आशंका जताई जा रही है कि बैंक खाते में मिली लेनदेन की राशि इस कारोबार से भी जुड़ी हो सकती है।
पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का भी करता था इस्तेमाल

वहीं, फरहान पीड़ित युवतियों के बैंक खातों का उपयोग भी शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए करता था। वह किसी तीसरे व्यक्ति के जरिए शेयर बाजार में पैसा लगाता। यहां लेनदेन के लिए चंगुल में फंसी छात्राओं का बैंक खाता इस्तेमाल किया जाता। पुलिस को शक है कि वह मनी म्यूल एकाउंट की तरह इन खातों का इस्तेमाल कर रहा था।

 खुलासा :रेप और ब्लैकमेलिंग के पीछे बड़े नेटवर्क और फंडिंग की आशंका

राजधानी भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में हुए रेप और ब्लैकमेलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गंभीर तथ्य उजागर किए हैं. आयोग ने इस मामले को संगठित अपराध और संभावित धर्मांतरण नेटवर्क से जोड़ा है. इस संबंध में तैयार की गई जांच रिपोर्ट राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भेज दी है.

दरअसल, भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में कुछ छात्रों ने छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया और इसका वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है.

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ित छात्राओं पर दबाव डाला कि वे अपनी परिचित अन्य लड़कियों को भी उनसे दोस्ती करने के लिए लाएं, अन्यथा वीडियो को वायरल कर दिया जाएगा.

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया रहाटकर ने एक तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की. इस समिति ने बीती 3 मई से 5 मई तक भोपाल में पीड़ित छात्राओं, उनके परिजनों, पुलिस अधिकारियों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर जांच की. समिति ने उन स्थानों का भी दौरा किया जहां पीड़िताओं को नशीली दवाएं देकर उनके साथ अमानवीय कृत्य किए गए.

जांच समिति में निर्मल कौर, आईपीएस (सेवानिवृत्त), पूर्व पुलिस महानिदेशक, झारखंड (अध्यक्ष),   निर्मला नायक, अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, जबलपुर (सदस्य), और  आशुतोष पांडे, अवर सचिव, राष्ट्रीय महिला आयोग (सदस्य) शामिल थे.

कमेटी के प्रमुख निष्कर्षों में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने छात्राओं को महंगे गिफ्ट, कपड़ों और घुमाने का लालच देकर प्रेमजाल में फंसाया. उन्हें नशीले पदार्थ देकर आपत्तिजनक तस्वीरें खींची गईं और ब्लैकमेल किया गया. पीड़िताएं मानसिक और सामाजिक दबाव में हैं, फिर भी उन्होंने साहस दिखाकर FIR दर्ज कराई.

आरोपियों की सामान्य पारिवारिक स्थिति के बावजूद उनकी विलासितापूर्ण जीवनशैली ड्रग तस्करी जैसे संगठित अपराध की संभावना को दर्शाती है.

कमेटी ने पाया कि आरोपियों ने पीड़िताओं पर धर्मांतरण के लिए दबाव डाला, जो एक साजिशपूर्ण नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है. कमेटी ने सुझाव दिया कि इसकी राज्यव्यापी जांच की जाए और यह पता लगाया जाए कि क्या आरोपियों को किसी संगठन से वित्तीय सहायता मिल रही थी.

मुख्य आरोपी के अकाउंट में मिला 50 लाख का लेनदेन

    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों की एसआइटी बनाई गई है। पूरे प्रकरण में अब तक जितने भी लोग सामने आए हैं, उन्हें आरोपित बनाया गया है। मुख्य आरोपित फरहान के बैंक खाते में 50 लाख रुपये का लेनदेन प्राप्त हुआ है। वह सैकेंड हैंड गाड़ियों को खरीदने-बेचने का काम करता है, लिहाजा उसी के संबंध में लेनदेन हुआ है, लेकिन संदिग्ध रुपयों को लेकर जांच जारी है।
 – हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त भोपाल

 

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