खामेनेई को निशाना बनाना से रोक नहीं है, यह युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा, वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने किया स्पष्ट

इजरायल 
इजरायल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। इजरायल के कई शीर्ष अधिकारियों और राजनीतिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है। वाल स्ट्रीट जनरल में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा, “खामेनेई को निशाना बनाना से रोक नहीं है। यह युद्ध तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक ईरान स्वेच्छा से अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म नहीं करता या हम उसे दोबारा शुरू करने लायक नहीं छोड़ते हैं।”

इजरायल के प्रतिष्ठित समाचार चैनल Channel 12 ने भी एक राजनीतिक सूत्र के हवाले से लिखा, “यह विकल्प कि खामेनेई की हत्या हो सकती है, यह चर्चा से बाहर नहीं है। हालांकि यह कई स्थितियों पर निर्भर करता है।”

इजरायल ने बीते सप्ताह ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ नामक सैन्य कार्रवाई के तहत ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई रणनीतिक ठिकानों पर बड़े हमले किए। इन हमलों में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रमुख, वायु सेना कमांडर और पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख सहित कई शीर्ष सैन्य अधिकारी मारे गए। रक्षा सूत्रों के अनुसार, इजरायली हमलों ने ईरान के नतांज यूरेनियम संवर्धन केंद्र को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, कम से कम नौ परमाणु वैज्ञानिकों की मौत का दावा भी सामने आया है।

सर्वोच्च नेता पर हमले की चेतावनी
इजरायली बयानबाज़ी इस ओर संकेत कर रही है कि अब लक्ष्य केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम तक सीमित नहीं रह गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, “अब हमारी योजना ऐसी है कि ईरान अपने नेतृत्व और सैन्य ढांचे को पुनर्गठित न कर पाए।” आपको बता दें कि यह पहला अवसर है जब इजरायल की ओर से खामेनेई जैसे शीर्ष राजनीतिक और धार्मिक नेता पर हमले की संभावना को खुलेआम सामने लाया गया है।

ईरान बोला- भारी कीमत चुकानी पड़ेगी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने एक टीवी संबोधन में चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “हम इस दुस्साहसिक और घातक हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगे। इजरायल को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।” आपको बता दें कि ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में तेल अवीव और हाइफा जैसे इजरायली शहरों पर मिसाइलें दागी हैं। रिपोर्टों के अनुसार, तेल अवीव में कई रिहायशी इमारतें क्षतिग्रस्त हुई हैं और दर्जनों नागरिक हताहत हुए हैं।

संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर?
इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंतित कर दिया है। राजनयिक विश्लेषक मानते हैं कि यदि किसी देश के राजनीतिक नेतृत्व को सीधे निशाना बनाया गया, तो यह राज्य प्रायोजित हत्या की श्रेणी में आएगा। इससे व्यापक क्षेत्रीय और वैश्विक संकट पैदा हो सकता है।

 

More From Author

प्लेन क्रैश मामला- विजय रूपाणी का DNA मैच, राजकोट में होगा अंतिम संस्कार

दलहन-तिलहन फसलों के साथ मोटे किस्म के अनाज उत्पादन के क्षेत्र विस्तार को प्राथमिकता दें : कमिश्नर बीएस जामोद

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.