देश में दूसरे दिन भी एक्टिव केस में गिरावट, एक दिन में 11 लोगों की गई जान, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 7,264 रह गई

नई दिल्ली/मुंबई/बेंगलुरु/तिरुवनंतपुरम

भारत में कोविड-19 संक्रमण को लेकर फिलहाल राहत की खबर है। देश में लगातार दूसरे दिन कोरोना के सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा 16 जून को सुबह 8 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में अब सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 7,264 रह गई है। बीते 24 घंटों में 119 एक्टिव केस कम हुए हैं, जो संक्रमण की स्थिति में सुधार का संकेत है।

केरल में सबसे ज्यादा संक्रमण मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, केरल, जो संक्रमण के मामलों में सबसे आगे रहा है, वहां एक्टिव केस घटकर 1,920 रह गए हैं। अकेले केरल में 87 सक्रिय मामले कम हुए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र में 38, दिल्ली में 33, तमिलनाडु में 23, गुजरात और हरियाणा में 8-8, पंजाब में 7, आंध्र प्रदेश में 6, असम में 4, उत्तराखंड में 3, जम्मू-कश्मीर में 2, और पुडुचेरी में 1 एक्टिव केस में गिरावट आई है।

इन राज्यों में संकमण के नए केस
हालांकि कुछ राज्यों में संक्रमण के नए मामले भी सामने आए हैं। उत्तर प्रदेश में 37, राजस्थान में 30, कर्नाटक में 18, मणिपुर में 5, झारखंड और मध्य प्रदेश में 4-4, छत्तीसगढ़ और सिक्किम में एक-एक नए मरीज मिले हैं। उत्तर प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या अब 275 तक पहुंच गई है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, केरल में संक्रमण के 87 केस घटे हैं। उसके अलावा महाराष्ट्र में 38, दिल्ली में 33, तमिलनाडु में 23, गुजरात-हरियाणा में 8-8, पंजाब में 7, आंध्र प्रदेश में 6, असम में 4, उत्तराखंड में 3, जम्मू-कश्मीर में 2, पुडुचेरी में एक की गिरावट दर्ज हुई है।

हालांकि बीते 24 घंटों में उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान में कोविड संक्रमण के 30, कर्नाटक में 18, मणिपुर में 5, झारखंड और मध्य प्रदेश में 4-4, छत्तीसगढ़ और सिक्किम में एक-एक मरीज मिले हैं। नए आंकड़ों के बाद केरल में सबसे ज्यादा कुल एक्टिव केस 1920 हैं, जबकि गुजरात में 1433, दिल्ली में 649, महाराष्ट्र में 540 हैं।

इसके अलावा देशभर में एक दिन में ही कोविड संक्रमण से 11 लोगों की जान गई है। लगातार दूसरा दिन है, जब नए वैरिएंट से मरने वालों की संख्या 10 से ज्यादा रही है। 15 जून को भी देशभर में कोविड से संक्रमित 10 लोगों की जान गई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि पिछले 24 घंटों में पूरे देश में सबसे ज्यादा 7 मौतें केरल में हुई हैं। बाकी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में एक-एक मरीज की जान गई है।

24 घंटे में 11 मरीजों की मौत
गंभीर चिंता का विषय यह है कि बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण से 11 मरीजों की मौत हुई है। यह लगातार दूसरा दिन है, जब कोविड से 10 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। इससे पहले 15 जून को 10 मरीजों की मृत्यु हुई थी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इन 11 मौतों में से सबसे अधिक 7 मौतें केरल में हुई हैं। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ में एक-एक मरीज की मृत्यु हुई है।

देश में संक्रमण की स्थिति अभी नियंत्रण में दिख रही है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि नई वैरिएंट्स और मौसम में बदलाव को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बेहद जरूरी है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनना, हाथों की स्वच्छता बनाए रखना और टीकाकरण को अपडेट रखना जरूरी है, ताकि संक्रमण पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके।

राज्यों से कोरोना अपडेट…

    उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए सावधानी बरतने का निर्देश जारी किया है। प्रमुख स्वास्थ्य अधिकारियों ने सभी अस्पतालों को जरूरी दवाएं, पीपीई किट, जांच सुविधाएं, आइसोलेशन बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं को तैयार रखने को कहा है।

    महाराष्ट्र: राज्य में शनिवार को कोरोना के 53 नए केस मिले। वहीं, 2 मरीजों की मौत हो गई। 1 जनवरी से अब तक 21067 कोविड-19 टेस्ट किए गए हैं। इस दौरान 1967 पॉजिटिव केस सामने आए।

    केरल: स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा के लक्षणों वाले मरीजों का इलाज करते समय जून 2023 में जारी की गई कोविड गाइडलाइन पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में सभी को मास्क लगाना अनिवार्य है। साथ ही ​​​​​​जुकाम, खांसी और बुखार जैसे लक्षण वाले मरीजों का कोविड टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।

    कर्नाटक: गुलबर्गा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने में 25 बेड का कोविड वार्ड बनाया गया है। इनमें से पांच-पांच बेड ICU (वेंटिलेटर समेत), हाई डिपेंडेंसी यूनिट और पांच प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए हैं। बाकी 10 नॉर्मल बेड हैं।

भारत में मिले कोविड-19 के 4 नए वैरिएंट भारत के कई राज्यों में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के बीच देश में चार नए वैरिएंट मिले हैं। ICMR के डायरेक्टर डॉ. राजीव बहल ने बताया कि दक्षिण और पश्चिम भारत से जिन वैरिएंट की सीक्वेंसिंग की गई है, वे LF.7, XFG , JN.1 और NB.1.8.1 सीरीज के हैं।

बाकी जगहों से नमूने लेकर सीक्वेंसिंग की जा रही है, ताकि नए वैरिएंट की जांच की जा सके। मामले बहुत गंभीर नहीं हैं, लोगों को चिंता नहीं, बस सतर्क रहना चाहिए।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने भी इन्हें चिंताजनक नहीं माना है। हालांकि, निगरानी में रखे गए वैरिएंट के रूप में कैटेगराइज किया है। चीन सहित एशिया के दूसरे देशों में कोविड के बढ़ते मामलों में यही वैरिएंट दिख रहा है।

NB.1.8.1 के A435S, V445H, और T478I जैसे स्पाइक प्रोटीन म्यूटेशन अन्य वैरिएंट की तुलना में तेजी से फैलते हैं। इन पर कोविड के खिलाफ बनी इम्यूनिटी का भी असर नहीं होता।

भारत में कोविड का JN.1 वैरिएंट सबसे आम है। टेस्टिंग में आधे से ज्यादा सैंपल में यह वैरिएंट मिलता है। इसके बाद BA.2 (26 प्रतिशत) और ओमिक्रॉन सबलाइनेज (20 प्रतिशत) वैरिएंट के मामले भी मिलते हैं।

JN.1 वैरिएंट इम्यूनिटी कमजोर करता है​​​​​ JN.1, ओमिक्रॉन के BA2.86 का एक स्ट्रेन है। इसे अगस्त 2023 में पहली बार देखा गया था। दिसंबर 2023 में WHO ने इसे 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' घोषित किया। इसमें करीब 30 म्यूटेशन्स हैं, जो इम्यूनिटी कमजोर करते हैं।

अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार JN.1 अन्य वैरिएंट की तुलना में ज्यादा आसानी से फैलता है, लेकिन यह बहुत गंभीर नहीं है। दुनिया के कई हिस्सों में यह सबसे आम वैरिएंट बना हुआ है।

JN.1 वैरिएंट के लक्षण कुछ दिनों से लेकर हफ्तों तक रह सकते हैं। अगर आपके लक्षण लंबे समय तक बने रहते हैं, तो हो सकता है कि आपको लंबे समय तक रहने वाला कोविड हो। यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें COVID-19 के कुछ लक्षण ठीक होने के बाद भी बने रहते हैं।

More From Author

डॉ रोहिणी ने लगाए चंद्रशेखर आजाद के खिलाफ आरोप तो बृजभूषण सिंह ने भीम आर्मी चीफ को लपेटा

इंदौर हिंदू युवतियों के दुष्कर्म और मतांतरण मामले में कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर मामला दर्ज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13695/1

RO No. 13379/55

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.