बालाघाट में मुठभेड़ में मारा गया एसीएम रैंक का माओवादी रवि, ग्रेनेड लॉन्चर चलाने में था एक्सपर्ट

बालाघाट 
 महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ राज्य के दम पर मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में अपनी पहचान बचाने में जुटे माओवादियों को बालाघाट पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा व हॉक की टीम ने बड़ा झटका दिया हैं। दरअसल, रुपझर थाना क्षेत्र के पचामा दादर व कटेझिरिया के जंगल में हुई मुठभेड़ में पुलिस ने जिन चार माओवादियों को मार गिराया है। उन माओवादियों में मारा गया पुरुष माओवादी रवि न सिर्फ पुराना कैडर था बल्कि वह एसीएम रैंक तक पहुंच गया और वह ग्रेनेड लॉन्चर चलाने में भी एक्सपर्ट था।

मलाजखंड डीवीसीएम को पत्नी की मौत के रुप में मिला झटका

पुलिस की कार्रवाई माओवादियों को न सिर्फ रवि के रुप में झटका दे गई है बल्कि मलाजखंड दलम के डीवीसीएम को भी बड़ा झटका दे गई है। मारी गई एसीएम रैंक की महिला माओवादी रीता मलाजखंड दलम के डीवीसीएम चंदू की पत्नी है। जंगल में पुलिस की 20 अलग-अलग टीम में शामिल 600 जवान बचे हुए मलाजखंड दलम के माओवादियों की तलाश में जुटे हैं। क्योंकि पुलिस को उम्मीद है कि मुठभेड़ में चार माओवादियों के मारे जाने के अलावा कुछ माओवादी घायल हुए है, वे उपचार कराने किसी गांव के नजदीक पहुंच सकते हैं। साथ ही बचे 30-35 माओवादियों में बड़े माओवादी चंदू सहित अन्य माओवादी जंगल में मौजूद हो सकते हैं।

दो राज्यों से लगा बालाघाट, घना भी हैं जंगल

मुठभेड़ को लेकर बालाघाट जोन के पुलिस महानिरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि 2007 से बालाघाट जिला को कोई व्यक्ति दलम में शामिल नहीं हुआ है। महज दीपक सहित दो अन्य माओवादी है, जो स्थानीय है। इन्हीं की मदद से छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र से माओवादी बालाघाट पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया बालाघाट दो राज्यों से लगा हुआ है और घने जंगल से घिरा हुआ है। ऐसे में माओवादी अलग-अलग स्थानों से प्रवेश कर रहे हैं और ऐसी उम्मीद है कि बस्तर व महाराष्ट्र में लगातार हो रही कार्रवाई के चलते माओवादी जंगलों के रास्तों से बालाघाट आ रहे हैं। इस बात को ही ध्यान में रखते हुए और दो स्थानों पर चौकियां खोलने का प्लान पुलिस बना रही है।

आत्म समर्पण करें माओवादी- पुलिस महानिरीक्षक

पुलिस महानिरीक्षक ने कहा कि जिले के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में लगातार विकास कार्य कराए जा रहे है और वहां के ग्रामीणों को मुख्य धारा से जोड़ा जा रहा है। स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार समेत अन्य संसाधन भी उपलब्ध हो रहे हैं। माओवादी बिना किसी कारण के ही ग्रामीणों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जिसमें वे अब सफल भी नहीं हो पा रहे है। माओवादियों को चाहिए कि जंगल में अनावश्यक भटकने के बजाय वे लोग जिला प्रशासन, डाक विभाग, जनप्रतिनिधि किसी के सामने भी आत्म समर्पण कर सकते हैं। क्योंकि मध्य प्रदेश की आत्म समर्पण नीति अन्य राज्यों की तुलना बहुत अच्छी है।

मार्च 2026 तक कर देंगे माओवाद का पूर्ण खात्मा

पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, सीआरपीएफ, हॉक और कोबरा के अधिकारियों ने कहा कि देश के गृहमंत्री ने मार्च 2026 तक माओवाद को पूर्ण रुप से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। हमें पूरा भरोसा है कि इस अवधि में हम अपने काम शत प्रतिशत कर सकेंगे। क्योंकि सभी विंग एक दूसरे से आपसी सामंजस्य बैठाकर काम कर रही है। इस बात का सबसे सटीक उदाहरण पचामा दादर, कटेझिरिया के जंगल में माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ में सफलता मिली। क्योंकि जंगल में नेटवर्क नहीं मिलता है। बावजूद इसके बेहतर आपसी तालमेल के कारण माओवादियों को मार गिराने में सफलता हाथ लगी है। मुठभेड़ को लेकर जानकारी देने के दौरान डीआईजी मुकेश कुमार श्रीवास्तव, सीआरपीएफ, हॉक, कोबरा के अधिकारियों के अलावा बैहर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदर्शकांत शुक्ला सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

तीन महिला समेत चार नक्सलियों का एनकाउंटर

बालाघाट में पुलिस ने एक मुठभेड़ में तीन महिला समेत चार नक्सलियों को मार गिराया है। मुठभेड़ शनिवार दोपहर में बिठली पुलिस चौकी क्षेत्र के पचामा दादर के जंगल में हुई। हॉक फोर्स और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली।

बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने बताया कि- जीआरबी डिवीजन के नक्सलियों के एक समूह की मौजूदगी के बारे में पता चला था। इसके बाद हॉकफोर्स, जिला पुलिस बल और सीआरपीएफ, सर्च ऑपरेशन चला रही थी।

इसी दौरान सुरक्षाबलों को नुकसान पहुंचाने और उनके हथियार लूटने की मंशा से नक्सलियों ने जंगल में सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने जवाबी फायरिंग की। इसमें 4 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया है।

मुठभेड़ में कुछ नक्सली घायल नक्सलियों के पास से एक ग्रेनेड लॉन्चर, एसएलआर राइफल, दो .315 राइफल, गोलाबारूद, वॉकी-टॉकी सेट और नक्सल साहित्य बरामद किया है। मुठभेड़ के दौरान कुछ नक्सली के घायल होने की खबर है, जो घने जंगल का फायदा उठाकर भाग गए हैं।

नक्सलियों की तलाशी के लिए हॉकफोर्स, सीआरपीएफ और जिला पुलिस बल के 600 से ज्यादा जवानों को क्षेत्र में बड़े स्तर पर सर्चिंग अभियान में भेजा गया है।

सीएम बोले- पुलिसकर्मियों को करेंगे पुरस्कृत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बालाघाट में आज मुठभेड़ में 4 नक्सलियों को मार गिराया गया है। जिसमें 3 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। उनके पास से कई हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए हैं। प्रदेश सरकार इस घटना में अच्छे परिणाम लाने वाले पुलिसकर्मियों को जरूर पुरस्कृत करेगी।

फरवरी में 4 महिला नक्सली मारी गई थीं इससे पहले 19 फरवरी को भी बालाघाट पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी। कान्हा के वनक्षेत्र सूपखार में रौंदा फारेस्ट कैंप के पास हुई मुठभेड़ में 4 महिला नक्सली मारी गई थीं। इनमें आशा, शीला, रंजीता और लख्खे मरावी शामिल थीं। इन पर कुल 62 लाख रुपए का इनाम था। ये 2015-16 से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय थीं।

बालाघाट में पुलिस मुठभेड़ में ढेर नक्सलियों की हुई पहचान, चारों 14-14 लाख के इनामी 

बालाघाट जिले में रूपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत पचामा दादर-कटे झिरिया के जंगल में शनिवार को मारे गए चार नक्सलियों पहचान हो गई है। इन पर 14-14 लाख रुपये का इनाम घोषित था। हॉकफोर्स, जिला पुलिस बल, कोबरा और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने सर्चिंग अभियान के दौरान शनिवार को चारों नक्सलियों को मार गिराया था।

बालाघाट के आईजी संजय कुमार ने रविवार क बताया कि शनिवार को जिला बल, हॉकफोर्स और सीआरपीएफ जवानों व माओवादियों के बीच मुठभेड़ में मारे गए तीन महिलाओं समेत चारों माओवादी हार्डकोर थे। उन पर 56 लाख का इनाम घोषित था। उनके पास से बरामद ग्रेनेड लांचर समेत अन्य हथियारों से पता चलता है कि वह किसी बड़ी तैयारी में थे, जिसे सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया।

उन्होंने बताया कि मारे गए नक्सलियों में महिला नक्सली रीता उर्फ तुब्बी श्रीरांगु हिडामी शामिल है। वह महाराष्ट्र के कोरची तहसील की रहने वाली थी। उस पर मध्य प्रदेश में 56 अपराध दर्ज थे। दूसरा नक्सली रवि था, जो छत्तीसगढ़ के पश्चिम बस्तर का निवासी था। उस पर भी 14 लाख का इनाम था। रवि पर मध्य प्रदेश में 23 अपराध दर्ज थे। अन्य दो महिला नक्सली तुलसी उर्फ विमला और सुमन थीं। तुलसी पर 13 और सुमन पर 10 अपराध दर्ज थे। दोनों पर 14-14 लाख का इनाम था।

उन्होंने बताया कि शनिवार को मुठभेड़ और सर्च ऑपरेशन में वर्षा ने खलल डाला था। रविवार को भी सर्च ऑपरेशन जारी रहा। शाम तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। सुबह से सुरक्षाबलों माओवादियों की खोजबीन में जुटे रहे।

19 फरवरी को पुलिस ने मार गिराए थे चार महिला नक्सली

इससे पहले इसी वर्ष 19 फरवरी को बालाघाट पुलिस ने 62 लाख के इनामी नक्सली कमांडर और एसीएम स्तर की चार महिला नक्सलियों को मार गिराया था। कान्हा के वनक्षेत्र सूपखार के घने जंगलो में रौंदा फारेस्ट कैंप के पास हॉक फोर्स, पुलिस बल और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 62 लाख की ईनामी महिला नक्सलियों में 2015-16 से नक्सली गतिविधि में सक्रिय आशा, शीला और रंजीता और नई भर्ती में लख्खे मरावी को मार गिराया था।

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