भूस्खलन ने किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को ठप

जगदलपुर

ओडिशा के कोरापुट जिले के पास मल्लीगुड़ा और जराटी स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन ने किरंदुल-विशाखापत्तनम रेल लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही को ठप कर दिया है. बुधवार से ही जगदलपुर से चलने वाली यात्री और मालगाड़ियां प्लेटफॉर्म पर ही खड़ी हैं.

भूस्खलन की वजह से पटरी पर पड़े मलबे को हटाने के लिए रेलवे करीब 300 श्रमिकों और 13 आधुनिक मशीनों की मदद से लगातार काम में जुटा है. वाल्टेयर मंडल के डीआरएम ललित बोहरा और रायगड़ा मंडल के डीआरएम अमिताभ सिंघल मौके पर निगरानी कर रहे हैं. दो दिन से जारी इस अभियान में बारिश के कारण दिक्कतें आ रही हैं, जिससे काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है.

बताया गया है कि पहाड़ी से एक बड़ा बोल्डर और मलबा खिसककर सीधे ट्रैक पर आ गिरा है, जिससे पटरी पूरी तरह जाम हो गई. सुरक्षा को देखते हुए रेलवे ने एहतियातन 10 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है. साथ ही जगदलपुर से पुरी जाने वाली रथयात्रा स्पेशल ट्रेन को अब कोरापुट से रवाना किया जाएगा.

रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले संबंधित हेल्पलाइन या वेबसाइट से अपडेट जरूर लें. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक के. संदीप ने कहा है कि स्थिति की नियमित निगरानी हो रही है, लेकिन सेवा कब तक शुरू होगी इसका स्पष्ट अनुमान अभी नहीं दिया जा सकता.

रद्द की गई प्रमुख ट्रेनें

    राउरकेला-जगदलपुर इंटरसिटी
    जगदलपुर-राउरकेला इंटरसिटी
    जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस
    विशाखापत्तनम-किरंदुल पैसेंजर
    किरंदुल-विशाखापत्तनम पैसेंजर
    हावड़ा-जगदलपुर समलेश्वरी
    जगदलपुर-हावड़ा समलेश्वरी
    विशाखापत्तनम-किरंदुल एक्सप्रेस
    किरंदुल-विशाखापत्तनम एक्सप्रेस
    जगदलपुर-पुरी रथयात्रा स्पेशल

भूस्खलन की वजह से हो चुके हैं हादसे
किरंदुल से विशाखापत्तनम तक फैली यह रेल लाइन पहाड़ी और घाटी इलाकों से होकर गुजरती है. यही वजह है कि यहां बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं. रूट पर हुए हादसे –

    जनवरी 2017 कुनेरू स्टेशन पर हादसा, हीराखंड एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त, 39 यात्रियों की जान गई, 50 लोग घायल हुए थे.
    अक्टूबर 2017 चिमीड़िपल्ली के पास चट्टान गिरने से ट्रैक महीनों बंद रहा.
    अगस्त 2022 शिखरपाई के पास बोल्डर गिरने से ट्रेनों की रफ्तार थमी.
    सितंबर 2023 मनाबर-जरा टी खंड में मलबा आने से संचालन रोकना पड़ा. 17 दिन बाद बहल हुआ मार्ग.
    1967 में जापानी तकनीक से बनी इस KK लाइन पर अब तक दर्जनभर बार भूस्खलन की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे हर बार रेलवे सेवा बाधित हुई है.
    2 जुलाई 2025 वर्तमान मल्लीगुड़ा-जरती खंड में भूस्खलन ने फिर ट्रैक बंद करवा दिया. आज तीसरा दिन है. अभी भी स्पष्ट नहीं कि कब बहाल होगा मार्ग.

 

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