आदिवासी क्षेत्रों को विकास की सौगात, 66 नवीन आंगनवाड़ी केंद्रों को मंजूरी

भोपाल

प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में बाल विकास एवं पोषण सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 66 नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों की स्थापना और भवन निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित अभियान के अंतर्गत प्राप्त हुई है। स्वीकृत नवीन आंगनवाड़ी केन्द्रों के संचालन के लिए 66 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (मानसेवी), 66 आंगनवाड़ी सहायिका (मानसेवी) तथा 02 पर्यवेक्षक (नियमित वेतनमान) के पद स्वीकृत किए गए हैं। 12 लाख रूपये प्रति भवन की लागत निर्धारित की गई है, जिसकी शत-प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत प्रदेश के बड़वानी जिले में 25, देवास में 9, खरगौन और रतलाम में 7-7, धार में 5, पन्ना और रीवा में 3-3,श्योपुर और सिंगरौली में 2-2 तथा बैतूल, गुना और नर्मदापुरम में एक-एक आंगनवाड़ी केन्द्र की स्वीकृति मिली है।

उल्लेखनीय है कि इस निर्णय से न केवल जनजातीय क्षेत्रों में बाल देखभाल, पोषण, स्वास्थ्य और पूर्व शिक्षा सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय समुदायों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। योजना के अंतर्गत कुल 132 मानसेवी पदों पर चयन के माध्यम से स्थानीय महिलाओं को सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रोत्साहन मिलेगा।

यह पहल धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर समर्पित उत्कर्ष अभियान को जनजातीय सशक्तिकरण के स्थायी मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। राज्य सरकार द्वारा इस योजना को तत्परता से क्रियान्वित करते हुए जनजातीय समुदायों को सुविधा, सम्मान और समान अवसर देने की दिशा में प्रतिबद्धता का प्रमाण प्रस्तुत किया गया है।

 

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