शराब घोटाला उजागर: आबकारी टीम ने नकली होलोग्राम के साथ शराब जब्त की, 1 गिरफ्तार

रायपुर

छत्तीसगढ़ में नकली होलोग्राम केस में पूर्वआबकारी मंत्री कवासी लखमा, अनवर ढेबर, रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा जेल में हैं. इसके बावजूद भी नकली होलोग्राम छपवाकर उसी तरीके से अवैध कारोबार जारी है. 13 जुलाई 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने एक बार फिर रायपुर में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार किया है. टीम ने आरोपी के पास से 25 लीटर शराब जब्त की है, जिसे नकली होलोग्राम लगाकर बेंचा जा रहा था. इनमें से शोले ब्रांड की बोतलों पर स्टीकर भी नकली लगे मिले.

जानकारी के मुताबिक आरोपी मनीराम टंडन ग्रैंड i10 कार (CG04MZ5272) में अभनपुर थाना अंतर्गत ग्राम चंडी में नकली होलोग्राम लगाकर शराब बेच रहा था. सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने छापेमार कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी के पास से टीम ने 25.92 बल्क लीटर नकली होलोग्राम युक्त देशी शराब जब्त की है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 14,400 रुपये है. मामले में आबकारी विभाग ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है.

3 महीने में दूसरा मामला

यह कोई पहला मामला नहीं है. बीते तीन महीनों में यह दूसरा बड़ा मामला है, जिसमें नकली होलोग्राम के ज़रिए अवैध शराब बेचने की कोशिश पकड़ी गई है. 22 मार्च को रायपुर में एक ढाबे और प्रिंटिंग शॉप पर छापा मारकर 40 हजार से अधिक नकली होलोग्राम स्टीकर, शराब बोतलों के लेबल और ढक्कन जब्त किए गए थे. इस मामले में दो आरोपी गिरफ्तार हुए, जबकि कुछ आरोपी बिहार फरार हो गए थे.

20 अप्रैल 2025 को इसी कड़ी में बीरगांव स्थित एक ढाबे में छापा मारकर संकटमोचन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से 1460 नकली होलोग्राम, 1100 शराब लेबल और 105 बोतल के ढक्कन मिले. पूछताछ में सामने आया कि नकली होलोग्राम का काम भिलाई निवासी संदीप के लिए किया जा रहा था, जिससे उसकी पहचान 2013-14 में सिलतरा की एक शराब भट्टी में नौकरी के दौरान हुई थी.

इसके बाद टीम बीरगांव के एक प्रिंटिंग शॉप पर पहुंची, जहां गणेश चौरसिया को 371 शीट (करीब 40,000 स्टीकर) काटते पकड़ा गया. गणेश ने बताया कि यह प्रिंटिंग रंजीत गुप्ता के ऑर्डर पर की गई थी, जो रेड की सूचना मिलते ही फरार हो गया. जांच में यह भी सामने आया कि नकली होलोग्राम को सीरियल के अनुसार सेट करने और अलग-अलग प्रिंटिंग हाउस से टेम्पलेट्स प्रिंट कराने का काम संगठित तरीके से किया जा रहा था.

अब तक की जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी नकली होलोग्राम के ज़रिए देशी शराब की तस्करी कर रहे थे. हर महीने करीब 30 हजार नकली स्टीकर्स की खपत से सरकार को लगभग 24 लाख रुपये का नुकसान हो रहा था.

क्यों लगाया जाता है नकली होलोग्राम? जानिए क्या है पूरा मामला…

होलोग्राम घोटाले में यह खुलासा हुआ कि नकली शराब को वैध दिखाने के लिए उस पर जाली होलोग्राम स्टीकर लगाए जाते थे ताकि स्कैनिंग में पकड़ न आ सके. नोएडा की PHSE (प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड) को इसके टेंडर का जिम्मा सौंपा गया, जबकि आरोप है कि यह कंपनी टेंडर के लिए योग्य नहीं थी, बावजूद इसके अधिकारियों ने शर्तों में बदलाव कर उसे चयनित किया. इसके बदले कंपनी के मालिक विधु गुप्ता से हर होलोग्राम पर आठ पैसे का कमीशन लिया गया. 3 मई को यूपी एसटीएफ ने विधु गुप्ता को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ में अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी जैसे नामों का उल्लेख किया.

More From Author

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दुबई में अभूतपूर्व स्वागत, भारतीय समुदाय से मुलाकात कर मुख्यमंत्री ने माना आभार

शाहनवाज हुसैन का बयान – बिहार में कानून का राज, अपराधियों पर होगी सख्त कार्रवाई

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.