मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेजर ध्यानचंद की जयंती पर उनकी स्मृतियों को किया नमन

 

हर कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की हो रही स्थापनाः सीएम

ग्राम पंचायत से जनपद स्तर तक प्रदेश सरकार कर रही खेल अवसंरचना का विस्तारः मुख्यमंत्री

खेल दिवस पर सीएम योगी ने 88 पदक विजेता खिलाड़ियों का किया सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सहायक खेल प्रशिक्षकों को प्रदान किया नियुक्ति पत्र

विभिन्न जनपदों में खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण का किया लोकार्पण

लखनऊ,

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी को नमन करते हुए कहा कि हर खिलाड़ी अपने आप में समाज के लिए एक हीरो होता है। हर नागरिक को एक खिलाड़ी की तरह अपने राष्ट्र के प्रति समर्पण भाव से आगे बढ़ने, खेल जीवन के अनुशासन को बनाए रखने, समन्वय स्थापित करने और जीवन में उत्कृष्टता के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रयासों का हिस्सा होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता उत्तर प्रदेश के 88 खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि प्रदान की और सहायक खेल प्रशिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। समारोह में खेल मंत्री ने मुख्यमंत्री को अंगवस्त्र पहनाकर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पूर्व ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों सहित नेशनल गेम्स में मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों का सम्मान किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनपदों में खेल अवस्थापना सुविधाओं के निर्माण का लोकार्पण भी किया।

मेजर ध्यानचंद को नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब मेजर ध्यानचंद जी की बात आती है तो हर भारतीय के मन में हॉकी की स्टिक नजर आने लगती है। 1928, 1932 और 1936—तीन ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाकर उन्होंने भारत की हॉकी को वैश्विक पहचान दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का सबसे प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार किसी नेता नहीं, बल्कि मेजर ध्यानचंद के नाम पर समर्पित किया गया। उत्तर प्रदेश के लिए यह इसलिए भी गौरव की बात है क्योंकि यह उनकी जन्मभूमि है। उनकी स्मृति में मेरठ में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का नामकरण मेजर ध्यानचंद जी के नाम पर किया गया है और इस सत्र से वहां पाठ्यक्रम प्रारंभ हो गया है।

खेलों में नई क्रांति की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने विजयंत खंड स्थित मोहम्मद शाहिद हॉकी स्टेडियम में स्पोर्ट्स हॉस्टल बनाम स्पोर्ट्स कॉलेज का रोमांचक हॉकी मैच भी देखा। उन्होंने कहा कि यह खेल कितना फास्ट है, कितनी ऊर्जा और टीमवर्क मांगता है। यह मैच इसका जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया से फिट इंडिया मूवमेंट तक, सांसद एवं विधायक स्तर की प्रतियोगिताओं तक, देश में खेलों की एक नई क्रांति आई है। प्रदेश सरकार ने नई खेल नीति लागू की है, जिससे खिलाड़ियों को मंच, कोच और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो रहा है।

ग्राम से जनपद तक खेल ढांचा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना की जा रही है। विभिन्न खेलों के लिए इन कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित किए जाएंगे। पूर्व ओलंपियन/कॉमनवेल्थ/एशियाड/नेशनल गेम्स मेडलिस्टों को कोच बनाकर नई प्रतिभाओं को तराशा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खेल का मैदान, हर विकासखंड पर मिनी स्टेडियम और हर जनपद में एक स्टेडियम निर्माण की कार्यवाही युद्धस्तर पर जारी है। ओपन जिम के निर्माण व युवा कल्याण विभाग के माध्यम से युवक मंगल दल और महिला मंगल दल को स्पोर्ट्स किट उपलब्ध कराई जा रही हैं।

यूपी की हॉकी विरासत को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने हॉकी में अनेक दिग्गज दिए हैं। मेजर ध्यानचंद, के. डी. सिंह ‘बाबू’, मोहम्मद शाहिद, रवींद्र पाल, सैयद अली, डॉ. आर. पी. सिंह, सुजीत कुमार, रजनीश मिश्रा, मोहम्मद शकील, देवेश चौहान, एम. पी. सिंह, जगवीर सिंह, विवेक सिंह, राहुल सिंह, तुषार खांडेकर, दानिश मुर्तजा, ललित उपाध्याय, राजकुमार पाल, रंजना श्रीवास्तव, मंजू बिष्ट, पुष्पा श्रीवास्तव, रजनी जोशी, वंदना कटारिया, रितुषा कुमारी आर्या जैसे हॉकी खिलाड़ियों प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया। पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम को मेडल दिलाने वाले ललित उपाध्याय और राजकुमार पाल उत्तर प्रदेश की ही देन हैं।

खेल से बनता है सशक्त भारत
सीएम ने कहा कि खाली दिमाग शैतान का घर होता है। व्यक्ति यदि खेलकूद से जुड़ेगा तो राष्ट्र के प्रति समर्पण का भाव विकसित होगा। शरीर के साथ मन भी तंदुरुस्त रहेगा और वह स्वस्थ शरीर-स्वस्थ मस्तिष्क के साथ सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस के उपरांत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर के बीच देशभर में सांसद खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इससे पूर्व विधायक खेलकूद प्रतियोगिताएं खेल एवं युवा कल्याण विभाग आयोजित कराएगा।

खिलाड़ियों को मिल रहा रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 2 प्रतिशत हॉरिजेंटल आरक्षण लागू किया गया है। अब तक 500 खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश पुलिस बल और अन्य विभागों में समाहित किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश के खेल सचिव सुहास एल. वाई. का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि वह स्वयं पैरालंपिक में मेडल जीत चुके खिलाड़ी हैं, जो खिलाड़ियों के हित में नीतिगत सुधार कर रहे हैं।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, सांसद ब्रजलाल, संजय सेठ, विधायक जय देवी, योगेश शुक्ला, इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।  

सीएम योगी ने हॉकी स्टिक उठाई, शॉट लगाया और फिटनेस की शपथ दिलाई
सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान हॉकी स्टिक से गेंद को हिट करके स्टेट हॉकी प्रतियोगिता का भी शुभारंभ किया। यही नहीं, उन्होंने कुछ देर तक हॉकी मैच भी देखा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को खेल गतिविधियों में सम्मिलित होने और फिटनेस के प्रति जागरूक रहने की शपथ भी दिलाई। उन्होंने शपथ दिलाई, 'मैं शपथ लेता हूं कि मैं खुद को सार्वजनिक रूप से फिट, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाऊंगा। मैं अपने परिवार और दोस्तों को हर दिन एक खेल और फिटनेस गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करूंगा। मैं हर खेल में उत्कृष्टता, सम्मान और खेल के अलौकिक मूल्यों को आत्मसात करने का प्रयास करूंगा।' मुख्यमंत्री ने सभी खिलाड़ियों का परिचय भी प्राप्त किया और उनके खेल और पढ़ाई के विषय में भी बात की। मैच के अंत में मुख्यमंत्री के समक्ष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

पुरस्कार राशि और प्रोत्साहन
अपने संबोधन में सीएम योगी ने प्रदेश के खिलाड़ियों को दिए जा रहे प्रोत्साहन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनिशप, नेशनल स्टेट गेम्स में एकल और टीम गेम में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से मदद कर रही है। उनके अनुसार…

ओलंपिक: एकल—स्वर्ण ₹6 करोड़, रजत ₹4 करोड़, कांस्य ₹2 करोड़; टीम—स्वर्ण ₹3 करोड़, रजत ₹2 करोड़, कांस्य ₹1 करोड़।
एशियन गेम्स: स्वर्ण ₹3 करोड़, रजत ₹1.5 करोड़, कांस्य ₹75 लाख।
कॉमनवेल्थ गेम्स: स्वर्ण ₹1.5 करोड़, रजत ₹75 लाख, कांस्य ₹50 लाख।
वर्ल्ड चैंपियनशिप: स्वर्ण ₹1.5 करोड़, रजत ₹75 लाख, कांस्य ₹50 लाख।
नेशनल/स्टेट गेम्स: एकल—स्वर्ण ₹6 लाख, रजत ₹3 लाख, कांस्य ₹2 लाख; टीम—स्वर्ण ₹2 लाख, रजत ₹1 लाख, कांस्य ₹50 हजार।
प्रतिभाग प्रोत्साहन: ओलंपिक में हिस्सा लेने पर ₹10 लाख, कॉमनवेल्थ व एशियन गेम्स में प्रतिभाग पर ₹5-5 लाख।
सम्मानित पुरस्कृत/पुरस्कार विजेता खिलाड़ियों को सहायता: अर्जुन, द्रोणाचार्य, मेजर ध्यानचंद, खेल रत्न व खेल क्षेत्र के पद्म पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को ₹20,000 प्रतिमाह सहायता।
वृद्ध/अशक्त/विपदाग्रस्त खिलाड़ी: अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ₹10,000 तथा राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ₹6,000 प्रतिमाह वित्तीय सहायता।

सीएम योगी ने इन परियोजनाओं का किया लोकार्पण
आजमगढ़ के स्पोर्ट्स स्टेडियम में समर्पित छात्रावास भवन का जीर्णोद्धार
बस्ती के स्पोर्ट्स स्टेडियम में निर्मित छात्रावास भवन का लोकार्पण
पीलीभीत के बहुउद्देशीय क्रीड़ाहाल एवं प्रशासनिक भवन का जीर्णोद्धार
गोरखपुर के वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में इंडोर वॉलीबाल हॉल का जीर्णोद्धार कार्य
बस्ती के स्पोर्ट्स स्टेडियम में निर्मित खेल अवस्थापनाओं के जीर्णोद्धार संबंधी कार्य
बांदा के स्पोर्ट्स स्टेडियम में जिम उपकरणों की स्थापना का कार्य
मऊ में स्पोर्ट्स स्टेडियम में निर्मित खेल अवस्थापनाओं के जीर्णोद्धार कार्य
मऊ में सिंथेटिक हॉकी मैदान के निर्माण कार्य का लोकार्पण

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