घर से दुकान तक असर: नई GST दरों की पूरी लिस्ट, कौन-सा सामान किस स्लैब में

नई दिल्ली

सरकार ने देश के आम आदमी को प्री-दिवाली गिफ्ट दे दिया है. बुधवार को नई दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं. इसके तहत टैक्स स्लैब को कम किया गया, जिससे तमाम सामानों पर लगने वाले टैक्स का रेट कम हो जाएगा. नए रेट 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे. नए जीएसटी सुधार के तहत 100 से ज्‍यादा चीजों के दाम घटने वाले हैं. इसमें जरूरी वस्तुओं, रोजमर्रा की चीजों, एग्रीकल्‍चर प्रोडक्‍ट्स और हेल्थ प्रोडक्‍ट्स पर टैक्‍स रेट में कमी की गई है. 

 जीएसटी पर देशवासियो को जिसका इंतजार था, सरकार ने वो मुराद पूरी कर दी. दिवाली से पहले सरकार ने आम लोगों को बड़ा तोहफा दिया है. जीएसटी कम हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर की दरों में व्यापक कटौती की घोषणा की. जीएसटी में इस बदलाव के तहत अधिकतर वस्तुएं 5% और 18% के स्लैब में आ गई हैं. कई वस्तुओं पर अब 0% या शून्य कर लगेगा और कुछ को 40% ‘सिन टैक्स यानी ‘पाप कर’ स्लैब में जोड़ दिया गया है. जीएसटी का नया स्लैब 22 सितंबर से लागू होगा. कई रोजमर्रा की घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती से आम आदमी और मध्यम वर्ग के लिए खुश होने की बड़ी वजह है. जीएसटी दरों में कटौती के बाद क्या सस्ता हुआ है? किन वस्तुओं पर अब अधिक टैक्स लगेगा और कौन सी वस्तुएं अब महंगी होंगी? चलिए देखते हैं पूरी लिस्ट.

जीएसटी में बदलाव के बाद क्या-क्या सस्ता

 

सामान पुराना जीएसटी रेट नया जीएसटी रेट
दूध, पनीर, छेना 5 फीसदी 0 फीसदी
बटर, खोआ, घी, चीज और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स 12 फीसदी 5 फीसदी
33 जीवन रक्षक दवा- ओनासेमनोजेन अबेपार्वोवेक, एस्किमिनिब, मेपोलिज़ुमाब, पेगीलेटेड लिपोसोमल इरिनोटेकन, डाराटुमुमाब, डाराटुमुमैब उपचर्म, टेक्लिस्टामैब, अमिवंतामब, एलेक्टिनिब, रिस्डिप्लाम, ओबिनुटुज़ुमैब, पोलाटुज़ुमैब वेडोटिन, एंट्रेक्टिनिब, एटेजोलिज़ुमाब, स्पेसोलिमैब, वेलाग्लूसेरेज अल्फा, एगल्सिडेस अल्फा, रुरियोक्टोकॉग अल्फा पेगोल, इडुरसल्फेटेज, एल्ग्लूकोसिडेस अल्फा, लैरोनिडेस, ओलिपुडेस अल्फा, टेपोटिनिब, एवेलुमैब, एमिसिज़ुमाब, बेलुमोसुडिल, मिग्लस्टैट, वेलमनसे अल्फा, एलिरोक्यूमैब, एवोलोकुमाब, सिस्टामाइन बिटार्ट्रेट, सीआई-अवरोधक इंजेक्शन और इंक्लिसिरन 12 फीसदी 0 फीसदी
पर्सनल हेल्थ इश्योरेंस और जीवन बीमा (एलआईसी) 12 फीसदी 0 फीसदी
खाखरा, चपाती या रोटी, ब्रेड 5 फीसदी 0 फीसदी
रबड़, मैप, चार्ट और ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, पेस्टल, एक्सरसाइज बुक और नोटबुक 5 फीसदी 0 फीसदी
15 हॉर्स पावर तक की क्षमता के निश्चित गति वाले डीजल इंजन, हैंड पंप, ड्रिप सिंचाई उपकरण और स्प्रिंकलर के लिए नोजल, मिट्टी तैयार करने के लिए कृषि और बागवानी मशीनरी, कटाई और थ्रेसिंग मशीनरी, कंपोस्टिंग मशीन और ट्रैक्टर (1800 सीसी से अधिक इंजन क्षमता वाले सेमी-ट्रेलर के लिए ट्रैक्टर को छोड़कर). 12 फीसदी 5 फीसदी
सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड और अमोनिया सहित प्रमुख उर्वरक कच्चे माल 18 फीसदी 5 फीसदी
नीम-आधारित कीटनाशक सहित विभिन्न जैव कीटनाशक 12 फसदी 5 फीसदी
ट्रैक्टर के पिछले टायर और ट्यूब, ट्रैक्टरों के लिए 250 सीसी से अधिक सिलेंडर क्षमता वाले कृषि डीजल इंजन, ट्रैक्टर के लिए हाइड्रोलिक पंप और विभिन्न ट्रैक्टर कलपुर्जों 18 फीसदी 5 फीसदी
350 सीसी तक की मोटरसाइकिलें और एयर कंडीशनर, डिशवॉशर और टीवी जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद 28 फीसदी 18 फीसदी
एसी यानी एयर कंडीशनिंग मशीनें, टीवी, डिशवॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, मोटरसाइकिल 28 फीसदी 18 फीसदी
बीड़ी 28 फीसदी 18 फीसदी
     
     

जीएसटी में बदलाव के बाद क्या-क्या महंगा

सामान जीएसटी का पुराना रेट जीएसटी का नया रेट
कोल्ड ड्रिंक और ऐडेड शुगर आइटम 28 फीसदी 40 फीसदी
1,200 सीसी से अधिक और 4,000 मिमी से अधिक लंबी सभी वाहनों के साथ-साथ 350 सीसी से अधिक की मोटरसाइकिल और रेसिंग कार पर 40 प्रतिशत शुल्क लगाया जाएगा    
नन अल्कोहलिक बेवरेज 28 फीसदी 40 फीसदी
महंगी कार, तंबाकू और सिगरेट 28 फीसदी 40 फीसदी
कैसीनो, रेस क्लब, या आईपीएल जैसे खेल आयोजनों में एंट्री 18 फीसदी 40 फीसदी
किसी रेस क्लब में सट्टेबाजों को लाइसेंस देने के लिए सेवाएं, जुआ, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग 28 फीसदी 40 फीसदी
रिवॉल्वर और पिस्तौल 28 फीसदी 40 फीसदी
पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू, जर्दा, एडेड शुगर, कार्बोनेटेड ड्रिग्स, पर्सनल यूज वाले एयरक्राफ्ट, लग्‍जरी कार और फास्‍ट फूड अलग-अलग स्लैब 40 फीसदी
     

चलिए एक नजर मार लेते हैं कि कौन सा सामान अब किस स्लैब में है?

0 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान

  • 33 जीवन रक्षक दवाएं, कैंसर की दवाएं, दुर्लभ बीमारियों की दवाएं,
  • व्यक्तिगत जीवन बीमा, स्वास्थ्य पॉलिसियां
  • मानचित्र, चार्ट, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, क्रेयॉन, पेस्टल, अभ्यास पुस्तिकाएं, नोटबुक, रबड़
  • दूध, छेना या पनीर, पहले से पैक और लेबल वाला, पिज्जा ब्रेड, खाखरा, चपाती या रोटी

5 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान

  • बालों का तेल, शैम्पू, टूथपेस्ट, टॉयलेट साबुन, टूथब्रश, शेविंग क्रीम
  • मक्खन, घी, पनीर और डेयरी स्प्रेड, नमकीन, बर्तन
  • दूध की बोतलें, शिशुओं के लिए नैपकिन और क्लिनिकल डायपर
  • सिलाई मशीनें और उनके पुर्जे
  • थर्मामीटर, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, सभी डायग्नोस्टिक किट और अभिकर्मक, ग्लूकोमीटर और टेस्ट =
  • स्ट्रिप
  • चश्मा
  • ट्रैक्टर के टायर, पुर्जे, ट्रैक्टर
  • निर्दिष्ट जैव-कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व
  • टपक सिंचाई प्रणाली और स्प्रिंकलर
  • मिट्टी तैयार करने के लिए कृषि, बागवानी या वानिकी मशीनें

18 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान

  • पेट्रोल, एलपीजी, सीएनजी कारें (1200 सीसी और 4000 मिमी से अधिक नहीं)
  • डीजल और डीजल हाइब्रिड कारें (1500 सीसी और 4000 मिमी से अधिक नहीं)
  • तीन पहिया वाहन
  •  मोटरसाइकिल (350 सीसी और उससे कम
  •  माल परिवहन के लिए मोटर वाहन
  • एयर कंडीशनर
  • एलईडी और एलसीडी टीवी सहित टेलीविजन (32 इंच से अधिक)
  • मॉनिटर और प्रोजेक्टर
  • बर्तन धोने की मशीन
  • 1800 से अधिक इंजन क्षमता वाले सड़क ट्रैक्टर सीसी

40 फीसदी स्लैब में आने वाले सामान

  • पान मसाला, सिगरेट, गुटखा, चबाने वाला तंबाकू, बीड़ी
  • अतिरिक्त चीनी या स्वाद वाले वातित पानी, कैफीनयुक्त पेय पदार्थ, गैर-मादक पेय पदार्थ
  • धूम्रपान पाइप
  • 350 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिलें
  • निजी उपयोग के लिए विमान
  • नाव
  • रिवॉल्वर और पिस्तौल
  • सट्टा, कैसीनो, जुआ, घुड़दौड़, लॉटरी और ऑनलाइन मनी गेमिंग

More From Author

बिलासपुर में 9 को कांग्रेस की बड़ी रैली, ‘वोट चोरी-गद्दी छोड़’ के नारे से गूंजेगा मैदान

श्रीगणेश प्रतिमा विसर्जन की तैयारी शुरू, महादेव घाट पर सख्ती से लागू होंगे NGT निर्देश

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.