मुख्यमंत्री ने कोलकाता में निवेश केलिए उद्योगपतियों की वन-टू-वन चर्चा

प्रधानमंत्री श्री मोदी के मेक इन इंडिया और विकसित भारत के संकल्प को करेंगे साकार
अपार संभावनाओं और स्थिरता का आदर्श निवेश स्थल हैं मध्यप्रदेश
प्रदेश में हैं विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और सहज कनेक्टिविटी
ऑर्गेनिक कॉटन और गारमेंट उद्योग का हब है मध्यप्रदेश

 

भोपाल 
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में उत्पादित आर्गेनिक कॉटन की मांग अनेक देशों में है। प्रदेश टेक्सटाइल का हब बनने की ओर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में 7 पीएम मित्रा पार्क स्वीकृत किये, उसमें से पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमि-पूजन करने प्रधानमंत्री श्री मोदी 17 सितम्बर को धार जिले में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि वे मध्यप्रदेश आये, राज्य सरकार निवेशकों को पीएम मित्रा पार्क में हर संभव सहायता और सुविधा उपलब्ध करवायेगी। धार का पीएम मित्रा पार्क भारत के औद्योगिक विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण आयाम जोड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को कोलकाता के.जे. डब्ल्यू मैरियट होटल में निवेश संभावनाओं पर इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों के इंटरैक्टिव सेशन में मध्यप्रदेश को निवेश और औद्योगिक विकास के लिए सबसे भरोसेमंद और अवसरों से भरा राज्य बताया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, देश के मध्य में स्थित होने के कारण उत्तम कनेक्टिविटी, विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और औद्योगिक शांति इसे उद्योगपतियों के लिए आदर्श निवेश स्थल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पार्क राज्य के टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने के साथ रोजगार और आर्थिक विकास में नए आयाम खोलेगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की शुद्ध और ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन क्षमता इसे टेक्सटाइल निवेश के लिए विशेष बनाती है। पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से राज्य में उत्पादन और प्रोसेसिंग के उच्च मानक स्थापित होंगे, जिससे निवेशकों को लाभ के साथ रोजगार के अवसर भी सुनिश्चित होंगे। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि राज्य में निवेश स्थिर, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों का आहवान किया कि आइये हम संकल्प लें कि स्वदेशी अपनायेंगे, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगे और प्रधानमंत्री श्री मोदी के 'मेक इन इंडिया' और विकसित भारत के संकल्प को पूरी शक्ति के साथ साकार करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कोलकाता की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा का सम्मान करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और रवींद्रनाथ टैगोर जैसे महापुरुषों ने देश को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि यह प्रेरक इतिहास और बौद्धिक परंपरा उद्योग जगत के लिए प्रेरक है और मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास और निवेश के दृष्टिकोण से साथ जुड़ती है। मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से कहा कि कोलकाता जैसे ऐतिहासिक और बौद्धिक केंद्र से संवाद करना राज्य में निवेश के लिए उत्साह और नई ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि राज्य में विकसित औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक हब और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेशकों को मजबूत प्रतिस्पर्धी लाभ देते हैं। सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति सरल और त्वरित रूप से की जा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में निवेशकों को सरल प्रक्रियाओं, सुलभ नीतियों और सक्रिय सरकारी सहयोग के माध्यम से व्यवसाय का विस्तार करने का पूर्ण अवसर मिलता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश की निवेश नीतियों पर जोर देते हुए कहा कि राज्य में उद्योगपतियों को हर प्रकार की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक शांति सुनिश्चित है और किसी प्रकार की हड़ताल या व्यवधान के कारण निवेश प्रभावित नहीं होता। उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि मध्यप्रदेश में फैक्ट्री लगाना और संचालन करना सहज है, और राज्य के मध्य में होने के कारण पूरे देश में अपने उत्पाद और सेवाओं की आपूर्ति आसानी से की जा सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में राज्य की औद्योगिक क्षमता और रोजगार सृजन को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसानों, उद्योगपतियों और युवाओं को समान रूप से लाभ पहुंचाना है। राज्य में किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य और प्रोसेसिंग का सही अवसर मिलता है, उद्योगपतियों को व्यवसाय विस्तार की सुविधा है और युवाओं को रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं है, बल्कि सतत विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भागीदारी का अवसर है। उन्होंने उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि पीएम मित्रा पार्क और अन्य औद्योगिक हब राज्य की टेक्सटाइल, गारमेंट और अन्य सेक्टरों में निवेशकों के लिए लाभकारी और सुरक्षित वातावरण प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और वितरण की सुव्यवस्था निवेशकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों को यह भरोसा भी दिलाया कि मध्यप्रदेश में टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में निवेश करने से वे सिर्फ व्यावसायिक लाभ ही नहीं, बल्कि राज्य की स्थिरता, सतत विकास और आर्थिक समृद्धि में भी भागीदार बनेंगे। 

निवेशक-हितैषी नीतियों से मध्यप्रदेश बना आकर्षक निवेश स्थल
इन्वेस्ट इन एमपी इंटरएक्टिव सेशन में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव श्री राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी प्राकृतिक संपदा और निवेशक-हितैषी नीतियों के कारण उद्योगों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख एकड़ से अधिक का इंडस्ट्रियल लैंड बैंक, मजबूत एयर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कॉपर, मैंगनीज और डायमंड का सबसे बड़ा उत्पादक है और सीमेंट उत्पादन में भी अग्रणी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2030 तक भारत को 500 गीगावाट से अधिक ग्रीन एनर्जी उपलब्ध कराने के संकल्प में प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रमुख सचिव ने बताया कि नर्मदापुरम के पास स्थापित औद्योगिक क्षेत्र की सफलता के बाद उसे 880 एकड़ तक विस्तारित किया गया है, जिसे हाल ही में कैबिनेट की स्वीकृति भी मिली है। राज्य सरकार ग्रीन इंडस्ट्रीज़ को 100% छूट, एक्सपोर्ट यूनिट्स को 50% प्रोत्साहन और कस्टमाइज्ड पैकेज पॉलिसी जैसी विशेष सुविधाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे सस्ती बिजली लगभग 4 रुपये 50 पैसे प्रति यूनिट उपलब्ध है। पानी, रॉ मटेरियल और सुरक्षित श्रम वातावरण निवेशकों को प्रतिस्पर्धी लाभ प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश न केवल भारत का हृदय है बल्कि औद्योगिक विकास का धड़कता केंद्र बनकर उभर रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव देश के सबसे शिक्षित और दूरदर्शी नेताओं में से एक : श्री रूइया
रुइया ग्रुप के सीएमडी श्री पवन कुमार रुइया ने कहा कि मध्यप्रदेश आज देश की औद्योगिक प्रगति और आर्थिक परिवर्तन का नया केंद्र बन रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को देश के सबसे शिक्षित, सरल और दूरदर्शी मुख्यमंत्रियों में से एक बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश उद्योग और विकास की नई ऊँचाइयाँ छू रहा है।

श्री रुइया ने कहा कि रणनीतिक स्थिति, उत्कृष्ट आधारभूत संरचना, दक्ष मानव संसाधन और प्रगतिशील नीतियों ने मध्यप्रदेश को निवेशकों के लिए सबसे आकर्षक स्थान बना दिया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत विज़न के अनुरूप मध्यप्रदेश आज वैश्विक निवेश का केंद्र बन रहा है। उन्होंने घोषणा की कि रुइया ग्रुप मध्यप्रदेश में अपने निवेश का विस्तार करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल निवेश नहीं, बल्कि राज्य के साथ एक दीर्घकालिक साझेदारी होगी, जो रोजगार, कौशल विकास और वर्ल्ड क्लास मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगी।

मध्यप्रदेश में कृषि, माइनिंग और ऊर्जा सेक्टर में हैं अपार संभावनाएं : श्री पुष्कर अग्रवाल
श्याम मेटालिक्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्री पुष्कर अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से निवेश का आकर्षक केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी, सोलर, विंड एनर्जी, मिनरल्स, एग्रीकल्चर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश के अवसर मौजूद हैं। प्रदेश में आयरन, मैंगनीज, बॉक्साइट और रेयर अर्थ मिनरल्स की समृद्ध उपलब्धता है। कृषि क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग के 4000 करोड़ रूपये से अधिक के प्रस्ताव और बागवानी को 27 से 32 लाख हेक्टेयर तक बढ़ाने की योजनाएँ प्रदेश की क्षमता को और मजबूत कर रही हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि उनकी कंपनी ने हाल के वर्षों में प्रदेश में उत्पादन दोगुना किया है और 1000 से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। वे जल्द ही 4000 करोड़ रु. से अधिक का नया निवेश करने जा रहे हैं।

मध्यप्रदेश स्थिरता, भरोसे और सतत विकास का है प्रतीक : श्री हर्ष अग्रवाल
प्रताप ग्रुप के डायरेक्टर श्री हर्ष अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश आज भारत में बिजनेस और इंडस्ट्री के लिए सबसे आकर्षक स्थलों में गिना जाता है। देश के हृदय में स्थित यह राज्य बेहतर कनेक्टिविटी, प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता और कुशल जनशक्ति के साथ निवेश के लिए उपयुक्त वातावरण उपलब्ध कराता है। उन्होंने बताया कि निवेश नीति, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार और विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना जैसे औद्योगिक कॉरिडोर और पीएम मित्रा पार्क राज्य की दूरदर्शी सोच को दर्शाते हैं। सरकार का सक्रिय सहयोग निवेशकों को न सिर्फ विश्वास देता है बल्कि राज्य की प्रगति में सहभागी बनने का अवसर भी प्रदान करता है।

रूपा इंडस्ट्री के श्री केव्ही अग्रवाल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में गारमेंट, टेक्सटाईल एवं माइनिंग सहित हर सेक्टर में अपार संभावनाएं है। सेशन में मध्यप्रदेश में निवेश अवसरों, सुविधाओं, नीतियों, आधारभूत संसाधनों सहित अन्य निवेश प्रोत्साहन पर आधारित शॉट फिल्म प्रदर्शित की गई।

उल्लेखनीय है कि धार, मध्यप्रदेश में स्थापित पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क, भारत को वैश्विक वस्त्र महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। यह पार्क 2,158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला और ₹2,000 करोड़ से अधिक की अनुमानित लागत वाला यह पार्क अत्याधुनिक अधोसंरचना, सतत विकास और रणनीतिक नीति समर्थन के माध्यम से टेक्सटाइल हब बनने की ओर अग्रसर है। यह पार्क लगभग 3 लाख नौकरियों का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

पीएम मित्रा पार्क को राज्य प्राधिकरण द्वारा ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है जिसमें स्ट्रॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जल आपूर्ति प्रणाली, अपशिष्ट और सीवेज संग्रह, 220 KVA सबस्ट्रेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज़ और सुव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटिंग और सुविधाएं जैसी आधुनिक अवसंरचना शामिल हैं। 

More From Author

मध्यप्रदेश को मिला ‘बेस्ट स्टेट टूरिज्म बोर्ड’ अवॉर्ड

ताइवान ने बढ़ाई सुरक्षा: चीनी दबाव के बीच मिसाइल डिफेंस सिस्टम हुआ सक्रिय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.