बोले मुख्यमंत्री- आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है स्वदेशी का भाव

स्वदेशी हो दीपावली: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

बोले मुख्यमंत्री- आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है स्वदेशी का भाव

मुख्यमंत्री ने कहा- खुफिया तंत्र को रखें सक्रिय, पुलिस बल को हर स्तर पर रखें अलर्ट

बोले मुख्यमंत्री- धरातल पर उतरें वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी

मुख्यमंत्री ने कहा- खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए

बोले मुख्यमंत्री- लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा- पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए

 गोरखपुर
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी पर्व-त्योहारों की तैयारियों और प्रदेश की कानून-व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस वर्ष की दीपावली स्वदेशी की भावना के साथ मनाई जाए। हर वर्ग का परिवार पर्व-त्योहारों पर कुछ न कुछ खरीदारी करता है और इस बार यह खरीदारी स्वदेशी उत्पादों की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “स्वदेशी हो दीपावली” केवल एक नारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश की दिशा में सामूहिक संकल्प है।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सभी वरिष्ठ अधिकारी और जिला प्रशासन के पदाधिकारी धरातल पर उतरें। उन्होंने कहा कि गत माह दुर्गा पूजा, मिशन शक्ति और दशहरा जैसे बड़े आयोजन प्रशासन और पुलिस की कुशलता से संपन्न हुए हैं, जिसने उत्तर प्रदेश की सकारात्मक छवि को सुदृढ़ किया है। अब आगामी पर्व भी हमारी कार्यकुशलता और सजगता को सिद्ध करने का अवसर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अराजक तत्वों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के प्रति कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित हो।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि अक्टूबर और नवंबर माह में पूरे प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों की श्रृंखला होगी। इनमें नरक चतुर्दशी, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और लोकमहापर्व छठ का आयोजन प्रमुख हैं। ये पर्व मात्र नहीं, बल्कि हमारी लोक-संस्कृति और सामूहिक चेतना के स्पंदन हैं। हर जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि इन पर्वों का आयोजन शांति, सुरक्षा और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हो।
 
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली न केवल उत्तर प्रदेश की, बल्कि पूरे देश की पहचान बन चुके हैं। लाखों की संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन आयोजनों में शामिल होते हैं। ऐसे अवसरों पर यातायात, सुरक्षा और व्यवस्थाओं की निगरानी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि जब लाखों दीप अयोध्या में जगमगाते हैं और काशी के घाटों पर प्रकाश फैलता है, तो यह दृश्य केवल श्रद्धालुओं का ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का मन मोह लेता है। इन पावन क्षणों में किसी भी प्रकार का व्यवधान अस्वीकार्य है।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि पर्वों और मेलों के इस उल्लासमय वातावरण को असामाजिक और अराजक तत्व बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया तंत्र को सक्रिय रखा जाए और पुलिस बल को हर स्तर पर अलर्ट मोड में रखा जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश की शांति और सौहार्द्र को भंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अमल किया जाए।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि दीपावली के अवसर पर लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन नदियों की जगह तालाबों में कराया जाए ताकि नदियों की पवित्रता और स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने निर्देशित किया कि पटाखों की दुकानें और गोदाम आबादी से दूर हों। पटाखा विक्रेताओं को समय से लाइसेंस और एनओसी उपलब्ध कराई जाए। जहां भी पटाखों का विक्रय हो, वहां फायर टेंडर की पर्याप्त व्यवस्था हो। पर्यावरण और जीवन के लिए हानिकारक पटाखों का उपयोग रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कठोर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। उल्लंघन करने वालों पर तत्काल कार्रवाई हो।
 
मुख्यमंत्री ने एफएसडीए और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि दूध, खोआ, पनीर, मिठाई और अन्य खाद्य सामग्रियों में किसी भी प्रकार की मिलावट न होने पाए। पर्व-त्योहारों के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की जांच तेजी से की जाए, लेकिन ध्यान रहे कि किसी व्यापारी या विक्रेता का उत्पीड़न न हो। दोषी पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि 12 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में 6 लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रतिभाग करेंगे। परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को आयोग का पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए। किसी भी संदिग्ध को चिन्हित कर तत्काल जेल भेजा जाए और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि सोशल मीडिया पर जातिगत आधार पर भावनाएं भड़काने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ड्रोन संबंधी अफवाहों में यद्यपि कमी आई है, परंतु इसमें गृह विभाग को और भी प्रभावी कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जुम्मे की नमाज के बाद विशेष सतर्कता बरती जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए। माताएं-बहनें हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं, उनकी सुरक्षा और गरिमा हर हाल में सुनिश्चित हो।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि धनतेरस और दीपावली के अवसर पर हर आय वर्ग का परिवार कुछ न कुछ खरीदारी करता है। इस दृष्टि से 10 अक्टूबर से प्रदेश के प्रत्येक जनपद में स्वदेशी मेलों का आयोजन किया जाए। इसमें लोगों को स्वदेशी उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जाए और विक्रेताओं को स्वदेशी उत्पाद बेचने हेतु प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि "गर्व से कहो यह स्वदेशी है" की भावना को जन-जन तक पहुंचाना होगा।
 
मुख्यमंत्री ने नगर निकायों और जिला प्रशासन को निर्देशित किया कि पर्वों से पहले सफाई का विशेष अभियान चलाया जाए। सड़कें और गलियां स्वच्छ और प्रकाशमान हों। जलभराव और गंदगी की समस्या का त्वरित समाधान हो। निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि नगरों और कस्बों में स्पाइरल लाइटें लगाई जाएं ताकि उत्सव का वातावरण और भी भव्य हो।
 
मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि प्रमुख धार्मिक स्थलों और पूजा स्थलों पर यातायात व्यवस्था इस प्रकार हो कि श्रद्धालुओं और आगंतुकों को कोई असुविधा न हो। पुलिस और यातायात विभाग आपसी तालमेल बनाकर व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें।
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या का दीपोत्सव और काशी की देव दीपावली आज केवल धार्मिक आस्था के पर्व नहीं रह गए हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और वैश्विक छवि के वाहक बन चुके हैं। जब घाटों पर दीप जगमगाते हैं और नगर प्रकाश से आलोकित होता है, तो यह दृश्य पूरी दुनिया को उत्तर प्रदेश की गौरवशाली परंपरा से परिचित कराता है। उन्होंने निर्देशित किया कि इन आयोजनों को अनुशासन और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ सम्पन्न कराया जाए।
 
अंत में मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि उत्तर प्रदेश अब शांति, सुरक्षा और विकास की धुरी पर खड़ा है। यही नई पहचान है, जिसे और सुदृढ़ करना है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस को यह भी निर्देशित किया कि वे सजग और सतर्क रहकर यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश का हर नागरिक और हर परिवार इन पर्वों को उल्लास, निर्भयता और सुरक्षित वातावरण में मना सके। यही उत्तर प्रदेश की संस्कृति है, यही उसकी नई छवि और यही उसकी आत्मा भी है।

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