दिवाली नसीहत पर तीखी टिप्पणी: बाबा बागेश्वर ने कहा— गलत लोगों के खिलाफ सख्ती जरूरी, बयान पर मिली आलोचना

छतरपुर

दीवाली पर पटाखा चलाने की नसीहत देने वालों पर तीखा हमला करने के चलते मशहूर कवि डॉ कुमार विश्वास और बागेश्वर धाम के शास्त्री धीरेंद्र कृष्ण के बयान खूब चर्चाओं में हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने नसीहत देने वालों पर बरसते हुए कहा- "दोपक्षीय नियम लगाने की जो बात करते हैं, ऐसे लोगों के ऊपर हमें सुतली बम रखवाना है।"

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, एक साहब ने कहा कि पटाखों से प्रदूषण होता है। 1 जनवरी को इनका ज्ञान गायब हो जाता है। हैप्पी न्यू के नाम पर पूरी दुनिया में पटाखे होते हैं। तब प्रदूषण नहीं होता है, लेकिन दीवाली आती है तो प्रदूषण होता है। होली आती है तो पानी खराब होता है।

बाबा बागेश्वर ने आगे कहा- "खून खराबा होता है तो ये लोग तब ऐसे स्टेटमेंट नहीं देते हैं। तब ये मांग नहीं करते। तब ये ऐसे कानून लगाने की बात नहीं करते। बाबा बागेश्वर ने हमलावर होते हुए कहा- ये दोपक्षीय नियम लगाने की जो बात करते हैं, ऐसे लोगों के ऊपर ही हमें सुतली बम रखवाना है। भैया हम दीवाली अच्छे से मनाएंगे। हमने सुतली बम खरीद लिया है।"

चलते-चलते पढ़ते जाइए कि आखिर कुमार विश्वास ने ऐसा क्या कह दिया कि उनके बयान भी सुर्खियों में बने हुए हैं। कुमार विश्वास ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा- “तीन साल से यूक्रेन और रूस आपस में भिड़े हुए हैं। इतना गोला बारूद बर्बाद कर दिया। हमारा भी पाकिस्तान के बीच थोड़ा वॉर्म अप हुआ था।”

विश्वास ने तंज कसते हुए कहा- “इतना गोला बारूद हुआ लेकिन ओजोन परत एकदम सुरक्षित रही। अभी दीवाली पर चार फुलझड़ी चलेंगी और ओजोन परत में इतना बड़ा वाला छेद हो जाएगा कि उसमें से बहुत सारे बुद्धजीवि ऊपर जाएंगे और नीचे आएंगे।”

More From Author

पर्थ पहुंची भारतीय क्रिकेट टीम, पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया से – रोहित और कोहली होंगे मैच के स्टार

रेल आपूर्तिकर्ताओं के लिए चेतावनी — घटिया सामग्री पर बैन व ब्लैकलिस्टिंग की तैयारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.