इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने EU को रूस के पैसों के इस्तेमाल से रोका, ब्रिटेन के फैसले का विरोध

रोम 

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय संघ (EU) को रूस की फ्रीज संपत्ति के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि ईयू को रूस पर दबाव बढ़ाना चाहिए लेकिन ऐसी किसी भी प्लानिंग से बचना चाहिए जिसमें रूस की फ्रीज संपत्ति के इस्तेमाल की बात हो. मेलोनी ने कहा कि रूस की संपत्ति का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा.

मेलोनी ने यह बयान  इटली की सीनेट में यूरोपीय परिषद (European Council) के ब्रसेल्स में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले दिया.

पश्चिमी देशों ने फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद रूस की लगभग 300 अरब डॉलर की संपत्तियां फ्रीज कर दी थीं. इनमें से करीब 200 अरब यूरो (213 अरब डॉलर) ब्रसेल्स स्थित क्लियरिंग हाउस यूरोक्लियर (Euroclear) के पास हैं. इन संपत्तियों से मिलने वाला ब्याज पहले ही यूक्रेन की मदद के लिए दिया जाता रहा है.

यूरोप के इन कदमों को रूस ने 'चोरी' बताया है और कहा है कि समय आने पर इसका जवाब दिया जाएगा.रूसी संपत्ति को लेकर क्या है यूरोपीय आयोग का प्लान जिसका विरोध कर रहीं मेलोनी?

यूरोपीय आयोग (European Commission) ने प्रस्ताव रखा है कि ईयू में फ्रीज की गई लगभग 210 अरब यूरो की संपत्तियों से 2026 और 2027 में यूक्रेन को दिए जाने वाले कर्ज की गारंटी दी जाए. आयोग यह प्लानिंग ऐसे समय में लेकर आया है जब यूक्रेन में अमेरिकी सैन्य सहायता घट रही है जिसकी वजह से यूरोपीय देशों के बजट पर दबाव बढ़ रहा है.

प्लानिंग का विरोध करते हुए मेलोनी ने कहा, 'हम मानते हैं… और मेरा मानना है कि और लोग भी ऐसा मानते होंगे कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैधता के सिद्धांत का सम्मान जरूरी है.' 

उन्होंने जोर दिया कि ईयू को अपनी 'वित्तीय और मौद्रिक स्थिरता तथा यूरो जोन की अर्थव्यवस्था की सुरक्षा' सुनिश्चित करनी चाहिए.

ब्रिटेन कर रहा यूक्रेन में सैनिक भेजने की बात, मेलोनी का सख्त इनकार

हाल ही में ब्रिटेन ने कहा है कि वो यूक्रेन में अपनी सेना भेजने के लिए तैयार है. ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हेली ने कहा है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप रूस के साथ एक शांति समझौता कराने में तैयार हो जाते हैं तो ब्रिटेन यूक्रेन में सैनिक भेजने को लेकर 100 मिलियन यूरो खर्च करने के लिए तैयार है.

ब्रिटेन के इस कदम के बाद माना जा रहा है कि अन्य यूरोपीय देश भी ऐसी घोषणाएं कर सकते हैं. हालांकि, इटली पीएम मेलोनी से इस बात से साफ इनकार किया है कि उनके सैनिक यूक्रेन जाएंगे.

उन्होंने कहा, 'इटली ने पहले ही साफ कर दिया है कि हमारे सैनिक यूक्रेन की जमीन पर कदम नहीं रखेंगे.'

वहीं, रूस भी कह चुका है कि किसी भी शांति समझौते के हिस्से के रूप में वो यूक्रेन में किसी विदेशी सैन्य उपस्थिति को स्वीकार नहीं करेगा.संपत्ति जब्त करने और उसके इस्तेमाल को लेकर क्या कहते हैं अंतरराष्ट्रीय कानून

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी संप्रभु देश की संपत्तियों को जब्त करना प्रतिबंधित है, और कई यूरोपीय देशों, यूरोपीय सेंट्रल बैंक तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का मानना है कि इस नियम का उल्लंघन नहीं किया जा सकता. बेल्जियम भी रूस की फ्रीज की गई संपत्ति के इस्तेमाल का विरोध करता है और उसका कहना है कि अगर भविष्य में रूसी पैसा लौटाना पड़ा तो उसे इसमें शामिल नहीं किया जाएगा.

रूस ने संपत्तियां फ्रीज करने और उन्हें पुनः उपयोग में लाने की किसी भी कोशिश की निंदा की है. रूसी वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव ने चेतावनी दी है कि मॉस्को भी इसका जवाब उसी तरह देगा.

राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने कहा था कि 'स्मार्ट सरकारें' रूसी संपत्तियां जब्त करने के खिलाफ हैं, क्योंकि 'वे समझती हैं कि यह अंतरराष्ट्रीय आर्थिक गतिविधियों के सभी सिद्धांतों को कमजोर कर देगा और निस्संदेह अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचाएगा.' 

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