शीतकालीन सत्र से पहले तय होगा विधायकों के वेतन भत्ते का प्रस्ताव

भोपाल
 मध्य प्रदेश में विधायक और पूर्व विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी जल्द ही की जाएगी. विधानसभा में उठाई गई इस मांग को लेकर सरकार ने गंभीरता दिखाई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर सामान्य प्रशासन विभाग ने कमेटी गठन करने का फैसला किया है। वित्त विभाग के मंत्री जगदीश देवड़ा, पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक अजय बिश्नोई के साथ कांग्रेस विधायक सचिन यादव को सदस्य बनाया गया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग निर्देश जारी किया है। विधायकों, पूर्व विधायकों के वेतन, भत्ते बढ़ाने को लेकर बुलाई गई बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, विधायक अजय विश्नोई और एसीएस अनुपम राजन।

जनवरी में सौंपी जाएगी रिपोर्ट

अपर मुख्य सचिव मध्य प्रदेश संसदीय कार्य विभाग समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति की आवश्यकता अनुसार अन्य विभागों और विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों को भी बैठक में शामिल किया जाएगा। मध्य प्रदेश के विधायक और पूर्व विधायक को का वेतन बढ़ाने के लिए विधानसभा में चर्चा हुई थी। विधायकों की मांग थी कि 45% वेतन में बढ़ोतरी की जाए। इस पर सरकार ने कमेटी बनाकर निर्णय लेने का विचार किया है। माना जा रहा है कि अगले वर्ष 2026 के जनवरी महीने में रिपोर्ट भी शासन को भेज दी जाएगी। विधायकों का कितने प्रतिशत वेतन बढ़ाया जा सकता है। उनके महत्व में कितनी बढ़ोतरी होगी। इसके विषय में वित्त मंत्री की अध्यक्षता में कमेटी फैसला करेगी। हालांकि वेतन बढ़ाई जाने को लेकर कांग्रेस बीजेपी दोनों के विधायकों ने ही सरकार से मांग की थी कि उनके वेतन को रिवाइज किया जाए। कई राज्यों के वेतन मध्य प्रदेश से ज्यादा है। इसलिए विधायकों की सहूलियत को ध्यान में देते हुए सैलरी में बढ़ोतरी की जाए।

विधायकों को 1.10 लाख रुपये सैलरी

मध्य प्रदेश में विधायकों को वर्तमान में वेतन-भत्तों को मिलाकर करीब 1 लाख 10 हजार रुपए हर महीने मिलते हैं। आगामी प्रस्ताव के मुताबिक अगर सरकार वेतन बढ़ती है तो 1 लाख 60 हजार रुपए प्रति महीना दिया जा सकता है। जिसमें चिकित्सा भत्ता, अर्दली और निजी सचिव का भत्ता भी शामिल रहता है। अभी मध्य प्रदेश में 230 विधायकों में 31 मंत्रियों का वेतन सामान्य प्रशासन विभाग देता है। मुख्यमंत्री को 2 लाख, कैबिनेट मंत्री को एक लाख 70 हजार और राज्य मंत्री को 1 लाख 45 हजार रुपये मिलते हैं।

इन राज्यों में एमपी के MLAs से कम विधायकों की सैलरी

नागालैंड 1 लाख रुपए
पंजाब 94 हजार रुपए
ओडिशा 65,170 रुपए
केरल 70 हजार रुपए
छत्तीसगढ़ 80 हजार रुपए

इन राज्यों में एमपी के MLAs से ज्यादा विधायकों की सैलरी

बिहार 1.24 लाख रुपए
गुजरात 1.10 लाख रुपए
हरियाणा 1.95 लाख रुपए
हिमाचल 2.10 लाख रुपए
महाराष्ट्र 2.32 लाख रुपए
राजस्थान 1.12 लाख रुपए
अरुणाचल 1.20 लाख रुपए
असम 1.20 लाख रुपए
झारखंड 1.38 लाख रुपए

उमंग सिंघार ने साधा निशाना

विधायकों की सैलरी बढ़ाए जाने के प्रस्ताव को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने सरकार से सवाल पूछे कि सरकार के पास तो सोयाबीन का पैसा किसानों को देने के लिए नहीं है  मंडी की जमीन गिरवी रखी जा रही है, फिर भला विधायकों का वेतन कैसे बढ़ाएंगे।

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