बांग्लादेश में उथल-पुथल: फैसले से पहले ढाका में सुरक्षा कड़ी, विभिन्न क्षेत्रों में हिंसक घटनाओं की रिपोर्ट

ढाका 
बांग्लादेश भयानक हिंसा के मुहाने पर खड़ा है. आज पूर्व पीएम शेख हसीना को उनके कथित अपराधों के लिए इंटरनेशनल क्राइम ट्रिब्यूनल सजा सुनाएगी. इस फैसले को ढाका में बड़े स्क्रीन पर लाइव दिखाया जाएगा. इसके अलावा इसे फेसबुक पर भी देखा जा सकेगा. इससे पहले बांग्लादेश में जबर्दस्त टेंशन है. मोहम्मद यूनुस की सरकार ने इस दौरान हिंसा, आगजनी करने वालों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया है.

बांग्लादेश में शेख हसीना की पार्टी को प्रतिबंधित कर दिया गया है और उनकी पार्टी चुनाव नहीं लड़ सकती है. इस बीच फैसले से पहले शेख हसीना ने एक भावुक ऑडियो मैसेज दिया है. शेख हसीना ने कहा कि, "अन्याय करने वालों को एक दिन बंगाल की धरती पर जनता सजा देगी. इसलिए मैं सबको बता दूं कि डरने की कोई बात नहीं है. मैं जिंदा हूं. मैं ज़िंदा रहूंगी. मैं देश की जनता का साथ दूंगी. और अगर इंशाअल्लाह इन अपराधियों को बंगाल की धरती पर सजा दूंगी."

वहीं 78 वर्षीय शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि अगर उनकी पार्टी पर प्रतिबंध नहीं हटाया गया, तो उनकी पार्टी अवामी लीग के समर्थक फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनाव में बाधा डालेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शन हिंसा में बदल सकता है. 

सजीब वाजेद ने कहा, "हमें ठीक-ठीक पता है कि फ़ैसला क्या आने वाला है. वे इसे टीवी पर दिखा रहे हैं. वे उसे दोषी ठहराएंगे, और शायद उसे मौत की सजा भी सुनाएंगे." बता दें कि बांग्लादेश के सरकारी वकील ने 78 वर्षीय हसीना के लिए मृत्युदंड की मांग की है.

वाशिंगटन डी.सी. में रहने वाले वाजेद ने कहा, "वे मेरी मां का क्या कर सकते हैं? मेरी मां भारत में सुरक्षित हैं. भारत उन्हें पूरी सुरक्षा दे रहा है."

यूनुस के सलाहकार के घर हमला

इस बीच बांग्लादेश में कई जगहों से हिंसा और प्रदर्शन की खबरें मिल रही हैं. ढाका में मोहम्मद यूनुस के सलाहकार सैयद रिजवाना हसन के घर के बाहर क्रूड बमों से हमला किया गया है. यहां आगजनी भी हुई है. 

वहीं कॉक्सबाजार में भी हिंसा की खबरें हैं. यहां शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया है. कई शहरों में हंगामा और हिंसा की खबरें हैं. 

बांग्लादेश में शूट एट साइट का ऑर्डर 

इधर शेख हसीना के खिलाफ फैसला आने से पहले छिटपुट आगजनी और देसी बम से हमलों के बीच ढाका और अन्य क्षेत्रों में रात भर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है.

अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-बांग्लादेश के फैसले से पहले हसीना की अब भंग हो चुकी अवामी लीग द्वारा दो दिवसीय बंद की घोषणा की खबरों के बाद अधिकारियों ने कड़ी सैन्य, अर्धसैनिक और पुलिस चौकसी का आदेश दिया है. 

रविवार रात अज्ञात लोगों ने एक पुलिस स्टेशन परिसर के वाहन डंपिंग कॉर्नर में आग लगा दी और अंतरिम सरकार प्रमुख प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के सलाहकार परिषद के एक सदस्य के आवास के बाहर दो देसी बम विस्फोट किए. इसके अलावा राजधानी में कई चौराहों पर विस्फोट भी किए गए.

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने हिंसक प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मारने के लिए कहा है. 

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस आयुक्त एसएम सजात अली ने रविवार देर रात कहा, "मैंने वायरलेस पर कहा है कि जो कोई भी बस में आग लगाता है या जान से मारने के इरादे से देसी बम फेंकता है, उसे गोली मार दी जानी चाहिए. यह अधिकार हमारे कानून में स्पष्ट रूप से दिया गया है."

ढाका में 10 नवंबर के बाद से कई गुप्त हमले हुए हैं, जिनमें मीरपुर में यूनुस द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर देसी बम विस्फोट भी शामिल है.

अधिकारियों ने बताया कि बैंक की कई शाखाओं को भी पेट्रोल बम और आगजनी का निशाना बनाया गया.

अज्ञात हमलावरों ने पिछले सप्ताह कई खड़ी बसों में भी आग लगा दी, जिससे एक वाहन के अंदर सो रहे चालक की मौत हो गई.

शेख हसीना के अलावा कौन-कौन हैं आरोपी

बांग्लादेश के इस चर्चित में मामले में तीन आरोपी है. शेख हसीना इस समय भारत में निर्वासित जीवन गुजार रही हैं. दूसरे आरोपी पूर्व गृह मंत्री 
असदुज्जमां खान कमाल है और तीसरे आरोपी पूर्व पुलिस प्रमुख अब्दुल्ला अल मामून है. अब्दुल्ला अल मामून ने व्यक्तिगत रूप से मुकदमे का सामना किया और "सरकारी गवाह" बनकर ज़ाहिर तौर पर रियायत की मांग की. 

बांग्लादेश के सरकारी गाजी एमएच तमीम ने रविवार को कहा, "हमने हसीना के लिए अधिकतम संभव सजा की मांग की है. हमने पिछले साल के हिंसक सड़क विरोध प्रदर्शनों के शहीदों और घायलों के परिवारों में वितरित करने के लिए दोषियों की संपत्ति जब्त करने का भी अनुरोध किया है."

सरकारी वकीलों ने कहा है कि फैसले का सरकारी बीटीवी पर सीधा प्रसारण किया जाएगा और ढाका में कई स्थानों पर बड़े स्क्रीन पर इसे प्रदर्शित करने की व्यवस्था की गई है.  अदालत के इस फैसले को लाइव भी दिखाया जाएगा.

शेख हसीना पर क्या क्या आरोप हैं

पूर्वी पीएम शेख हसीना 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले जुलाई विद्रोह के दौरान सत्ता से हटीं थीं. उन पर बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT-BD) ने मानवता के खिलाफ अपराधों के पांच प्रमुख आरोप लगाए हैं. ये आरोप मुख्य रूप से 2024 के जुलाई-अगस्त महीनों में प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित दमन से जुड़े हैं, जिसमें अनुमानित 1,400 से अधिक मौतें हुईं.  ट्रिब्यूनल ने 10 जुलाई 2025 को इन आरोपों को औपचारिक रूप से फ्रेम किया था, शेख हसीना पर ये मुकदमा उनकी अनुपस्थिति में चला था. 

शेख हसीना पर हत्या, हत्या का प्रयास, यातना और अन्य अमानवीय कृत्यों का आरोप है. शेख हसीना के 14 जुलाई 2024 के प्रेस ब्रीफिंग के बाद, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिदेशक चौधरी अब्दुल्लाह अल-मामून ने कथित रूप से असुरक्षित छात्र प्रदर्शनकारियों पर हमलों को भड़काया. इसमें आंदोलनकारी अबू सायेद की नजदीक से गोली मारकर हत्या शामिल है. 

इस दौरान तत्कालीन सरकार ने घातक हथियारों, हेलीकॉप्टरों और ड्रोनों के उपयोग का आदेश देकर छात्र प्रदर्शनकारियों को दबाया. इसमें सुपीरियर कमांड जिम्मेदारी, साजिश, सहायता और सुविधा शामिल है. 
 

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