उत्तर प्रदेश में अब तक 4.25 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड हो चुके हैं जारी, बरेली बना प्रदेश में नंबर वन

कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए वर्ष 2023-24 में 700 करोड़ रुपये से अधिक किए गए खर्च

'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' पहल के तहत यूपी में स्थापित हो चुके हैं 80 से अधिक सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज

मिशन इंद्रधनुष के तहत यूपी में 10 लाख से अधिक छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण सम्पन्न

आगरा जिला अस्पताल में संचालित निःशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट, गरीब किडनी रोगियों के लिए बनी वरदान 

यूपी में 28,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध, ग्रामीणों को मिल रही विशेषज्ञ सलाह

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ गरीब और वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयुष्मान भारत योजना से लेकर पेंटावैलेंट वैक्सीनेशन जैसी योजनाएं प्रदेश में लाखों परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। साथ ही सीएम के विजन के अनरूप चल रही कई राज्य स्तरीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने 2017 के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के परिदृश्य में अमूलचूल बदलाव लाया है। इसी क्रम में बरेली मंडल ने आयुष्मान योजना में प्रदेश में नंबर वन का रिकॉर्ड कायम किया है, जबकि आगरा के जिला अस्पताल में निशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट गुर्दा रोगियों के लिए वरदान बनी हुई है। आंकड़ों से साफ है कि सरकार का फोकस न केवल उपचार पर, बल्कि रोकथाम और पहुंच पर भी है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की वर्ष 2017 से प्राथमिकता रही है कि राज्य के  गरीब एवं वंचित वर्ग के मरीजों का न केवल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो साथ ही इलाज के कारण पड़ने वाले वित्तीय बोझ को न्यूनतम किया जाए। इसी क्रम में सीएम योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) डैशबोर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 4.25 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी हो चुके हैं, जो राज्य की एक-चौथाई आबादी को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करता है। यूपी स्वास्थ्य विभाग की नवंबर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी और हृदय रोगों के निःशुल्क इलाज पर 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। जिसमें प्रमुख हिस्सा प्रदेश के गरीब परिवारों को इलाज के लिए मिली प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता का है। इसके अलावा सीएम योगी की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' पहल के तहत 80 जिलों में वर्तमान में 80 से अधिक अब सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। यह पहल ग्रामीण और छोटे शहरों के मरीजों को आसानी से सुपर-स्पेशियलिटी इलाज मुहैया करा रही है।

बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए योगी सरकार ने टीकाकरण अभियान में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। इस क्रम में राज्य में पेंटावैलेंट वैक्सीन (पेंटा वैक्सीन) का कवरेज राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार 92 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गया है। 2017 में यह 50 प्रतिशत से कम था, लेकिन अब प्रदेश के अधिकांश बच्चों को इस टीकाकरण अभियान से कवर किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में प्रति माह 20,000 से अधिक नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित हो रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार मिशन इंद्रधनुष के तहत यूपी में 10 लाख से अधिक छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी किया चुका है। सीएम योगी की टीकाकरण की ये आक्रामक नीति के तहत विशेष रूप से वंचित परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है।

आयुष्मान योजना में प्रदेश के बरेली मंडल का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। पीएमजेएवाई पोर्टल के अनुसार नवंबर 2025 तक बरेली में योजना के तहत जारी किये गये 900 करोड़ रुपये के क्लेम में से 90 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है, जो प्रदेश में सर्वोच्च है। कुल 4.53 लाख से अधिक क्लेम सेटल किये जा चुके हैं। बरेली स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार योजना के तहत बरेली में 1 लाख से अधिक गरीब मरीजों को निःशुल्क इलाज हुआ है। तो वहीं लक्ष्य के 95 प्रतिशत से अधिक गोल्डन कार्ड का वितरण किया जा चुका है। इस योजना के तहत  5.14 लाख मरीजों का फ्री इलाज कर बरेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। 12 लाख से अधिक कार्ड बनाए गए, जिसमें छह सदस्यीय पात्र परिवारों और 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों की 100 प्रतिशत कवरेज की गई है। जिसके चलते बरेली अब आयुष्मान का सुपर मॉडल बन चुका है।

इसी क्रम में आगरा जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित निःशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट ने जनवरी से अक्टूबर 2025 तक 726 मरीजों को 8,712 बार डायलिसिस की सुविधा प्रदान की है। 10 अत्याधुनिक मशीनों से लैस यह यूनिट गुर्दा रोगियों के लिए जीवन रेखा बन चुकी है। योगी सरकार की यह सुविधा राज्य के गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की महंगी दरों से मुक्ति दिलाती है साथ ही उन्हें अत्याधुनिक और जरूरी इलाज आसानी से उपलब्ध करवा रही है।  

सीएम योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण किया है। जिसके तहत प्रदेश में वर्तमान में 80 से अधिक सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। जिनमें 3,500 आईसीयू बेड और 2,000 वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध हैं। साथ ही प्रदेश में 28,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सुविधा ग्रामीणों को विशेषज्ञ सलाह दे रही है।  

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