मौत के बाद स्पर्म निकासी का चलन बढ़ा, इजराइल में PSR केवल मेडिकल प्रक्रिया नहीं—एक भावनात्मक कहानी

तेल अवीव

इजराइल पिछले कुछ महीनों से जंग लड़ रहा है. जंग के मैदान में उसके सामने हमास और ईरान हैं. अब तक हजारों इजराइली सैनिक शहीद हो गए हैं. युद्ध में कई मौते हो चुकी हैं. युद्ध के बीच इजराइल में हाल के महीनों में एक अनोखा और भावनात्मक ट्रेंड बढ़ा है. युद्ध में मारे गए सैनिकों की पत्नियां और पार्टनर उनका स्पर्म सुरक्षित रख रही हैं, ताकि भविष्य में उनके बच्चे इस दुनिया में आ सकें. यह तकनीक खासकर उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण बनी है, जिन्होंने अपने साथी को युद्ध में खो दिया है.

ये चर्चा इसलिए भी हो रही है, क्योंकि दिसंबर 2023 में गाजा में मारे गए इजराइली सेना के कैप्टन नेतनएल सिल्लगी की मौत के बाद उनकी पार्टनर लेवी 18 महीने बाद मां बनी हैं. ये इसलिए संभव हो सका, क्योंकि उन्होंने अपने शहीद पति नेतनएल सिल्लगी की मौत के बाद उनका स्पर्म फ्रीज करवाया था. फिर कोर्ट की मंजूरी के बाद 2025 में IVF प्रक्रिया से लेवी ने एक बेटे को जन्म दिया. यह बच्चा अपने पिता की मौत के लगभग 18 महीने बाद पैदा हुआ. आखिर यह किस तकनीक संभव हो सका, आइए जानते हैं….

आखिर क्या है पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल (PSR)?

आखिर क्या है पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल (PSR)? डेड बॉडी से स्पर्म निकालने की तकनीक को पोस्टमॉर्टम स्पर्म रिट्रीवल (PSR) कहते हैं. इसमें यह होता है कि डॉक्टर मृतक के टेस्टिकल्स से सुई के जरिए लिविंग स्पर्म निकालते हैं, जिसमें स्पर्म हो. जिंदा स्पर्म को फ्रीज किया जाता है, बाद में IVF (टेस्ट ट्यूब बेबी) के जरिए महिला गर्भधारण करती है. पोस्टमॉर्टम स्पर्म रिट्रीवल प्रोसेस के दौरान डॉक्टर मृत व्यक्ति के शरीर से एक निश्चित समय 48–72 घंटे के भीतर सर्जरी के माध्यम से स्पर्म निकालते हैं. फिर स्पर्म को तरल नाइट्रोजन में फ्रीज कर दिया जाता है. इसके बाद IVF यानी टेस्ट ट्यूब बेबी प्रक्रिया से महिला को प्रेग्नेंट कराया जाता है. यह तकनीक दुनिया के कुछ चुनिंदा देशों में ही कानूनी है.

250 से ज्यादा मृत सैनिकों के स्पर्म कलेक्ट किए जा चुके

इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2023 से 2025 के बीच अब तक 250 से ज्यादा मृत सैनिकों के स्पर्म कलेक्ट किए जा चुके हैं. पीएसआर के लिए आए आवेदन में 97 फीसदी रिकवरी सफल भी हुई है. कई परिवार इससे बच्चे पैदा करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं. कुछ मामलों में कोर्ट से अनुमति लेनी पड़ती है, खासकर जब कपल शादीशुदा न हो.

परिवार ऐसा क्यों कर रहे हैं?

युद्ध में लगातार हो रही मौतों के बीच कई परिवार चाहते हैं कि उनका वंश आगे बढ़े'. बच्चे के रूप में मृत सैनिक की याद जिंदा रहे. महिला को अपने साथी की एक झलक फिर देखने को मिले. इसलिए यह ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. इजराइल में इसे 'लिगेसी बर्थ' कहा जाने लगा है, जहां बच्चा अपने पिता के जाने के बाद पैदा होता है. 

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