योगी सरकार की नीतियों से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग व डाटा सेंटर्स के हब के तौर पर हो रहा प्रदेश का विकास

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग व आईटी निवेश के ग्लोबल डेस्टिनेशन के तौर पर चमक रहा यूपी

योगी सरकार की नीतियों से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग व डाटा सेंटर्स के हब के तौर पर हो रहा प्रदेश का विकास

तकनीक आधारित अर्थव्यवस्था बन रही युवाओं के लिए रोजगार सृजन का माध्यम, नए अवसर हो रहे उत्पन्न

इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि, 2017 की तुलना में लगभग 11 गुना उछाल

लखनऊ
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा तकनीक आधारित समावेशी विकास की मजबूत सोच ने उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग और डाटा सेंटर हब के रूप में विश्व पटल पर स्थापित करना शुरू कर दिया है। वर्तमान में, राज्य की उन्नति औद्योगिक रूप से अग्रणी कई राज्यों से भी अधिक तेज है। इसका सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है, जिन्हें आईटी और नई तकनीक आधारित क्षेत्रों में रोजगार एवं कौशल विकास के सुनहरे अवसर प्राप्त हो रहे हैं। योगी सरकार की कुशल नीतियों के परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है और इससे 1.48 लाख से अधिक रोजगार सृजित होने की प्रबल संभावनाएं हैं।

रणनीतिक बदलाव से बदला परिदृश्य
पिछले पौने नौ वर्षों में राज्य सरकार ने पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ भविष्य आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था पर अपना विशेष फोकस किया है। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी-2025 के माध्यम से उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों का भरोसा जीतने में सफल हुआ है। बेहतर कारोबारी माहौल, सरल प्रक्रियाएं, विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स नेटवर्क ने राज्य में सेमीकंडक्टर कंपोनेंट्स, हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी सेवाओं और डाटा आधारित उद्योगों की स्थापना को नए आयाम दिए हैं। इस क्रम में स्टार्टअप इकोसिस्टम भी मजबूती से विस्तृत हो रहा है और बड़े पैमाने पर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

प्रमुख निर्यातक बनकर उभरा उत्तर प्रदेश
राज्य से इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों के निर्यात में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। 2017 में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात जहां 3,862 करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में बढ़कर 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी प्रकार आईटी निर्यात भी 55,711 करोड़ से 82,055 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। प्रदेश आज कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रमुख निर्यातक राज्य के रूप में उभर चुका है। सेमीकंडक्टर पॉलिसी-2024 लागू होने के बाद इस क्षेत्र में बड़े निवेश की नई संभावनाएं खुल रही हैं।

मेक इन इंडिया तथा आत्मनिर्भर भारत को नई मजबूती
उत्तर प्रदेश में वैश्विक कंपनियां एसेम्बली यूनिट, डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग, कंपोनेंट और प्रिसिजन इलेक्ट्रॉनिक्स प्लांट की स्थापना कर रही हैं, जिससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान में देश में बनने वाले कुल मोबाइल फोनों का लगभग 55 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में होता है। भूमि बैंक, प्रस्तावित सेमीकंडक्टर पार्क, बड़े पैमाने पर डाटा इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक व्हीकल इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के साथ राज्य अब भविष्य की तकनीकी छलांग के लिए पूरी तरह तैयार है।

निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनकर उभर रहा यूपी
कम लॉजिस्टिक्स लागत, बेहतर कानून-व्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम और तकनीकी कौशल से लैस मजबूत युवा कार्यबल ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेशकों के लिए सबसे विश्वसनीय गंतव्यों में शामिल कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा, निवेश संरक्षण और इंडस्ट्रियल टाउनशिप आधारित अप्रोच ने यूपी के औद्योगिक विकास को गति दी है। भारत 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और ऐसे में उत्तर प्रदेश का उभरना यह दर्शाता है कि देश का टेक्नोलॉजी और विनिर्माण भविष्य केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और योजनाओं के माध्यम से युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर अपनी जनसांख्यिकीय ताकत को एक वास्तविक आर्थिक संपदा में परिवर्तित कर रही है।

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