भोपाल में एसआइआर प्रक्रिया में 39 दिनों में 4.43 लाख मतदाताओं के नाम कटने का खतरा, चुनाव आयोग ने दिए निर्देश

 भोपाल
 राजधानी में पिछले 39 दिनों से जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआइआर) प्रक्रिया के दौरान अब तक 4 लाख 43 हजार 633 मतदाताओं के नाम कटना तय हो गया है। ये नाम मृत, शिफ्टेड, अनुपस्थित, डबल एंट्री और अन्य श्रेणियों में पाए गए हैं। वहीं नो-मैपिंग वाले मतदाताओं की संख्या घटकर 1 लाख 35 हजार 765 रह गई है।

जिले में सीधे तौर पर नाम काटने के आंकड़े को लेकर शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग के आब्जर्वर और ज्वाइंट सेकेटरी ब्रजमोहन मिश्रा ने राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से बात की।

उन्होंने सभी प्रमुख राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा कि भोपाल में काटे जा रहे मतदाताओं के नामों को लेकर बीएलओ से वेरिफाई करा लिया जाए। जिसके बाद आब्जर्वर उत्तर के खानूगांव और दक्षिण पश्चिम के पालेटेक्निक मतदान केंद्र पर बीएलओ का काम देखने पहुंचे। हालांकि उन्हें नरेला, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर की विधानसभाओं में भी बीएलओ का काम देखने जाना था, लेकिन वह छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो गए।

35 हजार से अधिक बढ़े नाम काटने के मामले

7 दिसंबर को राजधानी की 7 विधानसभा क्षेत्रों में एसआइआर का कार्य 100 प्रतिशत पूरा घोषित किया गया था। उस समय अनकलेक्टेबल श्रेणी में 4 लाख 8 हजार 106 मतदाताओं के नाम हटाने प्रस्तावित थे, लेकिन नो-मैपिंग के बाद यह संख्या बढ़कर 4 लाख 43 हजार 634 हो गई। इस प्रकार पांच दिनों में 35 हजार 528 नए नाम हटाने की सूची में जुड़ गए।

18 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे गणना पत्रक

आब्जर्वर ने बताया कि चुनाव आयोग के संशोधित कार्यक्रम के अनुसार अब मतदाता अपने गणना पत्रक 18 दिसंबर तक जमा कर सकेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाम हटाने की कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और सही वेरिफिकेशन के साथ की जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो।

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