बसामन मामा प्राकृतिक खेती प्रकल्प विंध्य के किसानों के लिए बनेगा मार्गदर्शक

प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को 9 से बढ़ाकर किया जायेगा 20 प्रतिशत तक
केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभ की जा रही हैं वृहद स्तर पर प्रयोगशालाएं
केंद्रीय मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा में कृषक सम्मेलन को किया संबोधित

भोपाल 
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के सार्वजनिक जीवन में शुचिता और पारदर्शिता का स्थान सर्वोपरि रहा है। उन्होंने कहा कि स्व. वाजपेयी ने सुशासन की स्थापना के लिये अपने कार्यों से नये आयाम स्थापित किये। उन्होंने जो कहा उसे धरातल साकार करके दिखाया। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि भारतीय राजनीति में स्व. वाजपेयी का स्थान और योगदान दोनों ही अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी को रीवा से सदैव विशेष लगाव रहा। केन्द्रीय मंत्री श्री शाह रीवा में बसामन मामा गौ वन्य विहार अभयारण्य में प्राकृतिक खेती के प्रकल्प का शुभारंभ कर कृषक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बसामन मामा प्राकृतिक खेती प्रकल्प विंध्य के किसानों के लिये मार्गदर्शक बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबोधित करते हुये कहा कि केन्द्रीय सहकारिता एवं गृह मंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने के लिये राज्य सरकार द्वारा समन्वित तरीके से सतत समग्र प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दूध के उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक किया जायेगा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री शाह और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को हितलाभ एवं संकल्प पत्रों को वितरण किया।

केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि मध्यप्रदेश का रीवा क्षेत्र धीरे-धीरे विकसित क्षेत्र बन रहा है। आज एशिया का सबसे बड़ा सोलर प्लांट रीवा में है। रीवा से जबलपुर तक सड़कों के जाल सहित इंदौर और दिल्ली के लिये वायु सेवा का भी विस्तार हुआ है। अब रीवा एयरपोर्ट से इंदौर और दिल्ली के लिए 24 घंटे हवाई सेवा उपलब्ध है। रीवा में बसावन मामा गौवंश वन्य विहार के रूप में अनुकरणीय प्रकल्प तैयार किया गया है। यहां गोबर से बने खाद से प्राकृतिक खेती की जा रही है। एक एकड़ में सवा लाख रुपए की आय देने का यह प्रयोग छोटे किसानों को बड़ा लाभ प्रदान करेगा। किसान इस मॉडल को अपनाएंगे तो उनकी आय बढ़ेगी। राज्य सरकार प्रगतिशील किसानों को इस परंपरागत मॉडल से अवगत कराने के लिये उनका भ्रमण कराये। उन्होंने कहा कि एक देशी गाय से 21 एकड़ रकबे में प्राकृतिक खेती होती है। किसान ही अन्नदाता है। अन्नदाता को प्राकृतिक खेती के लिये प्रेरित करने के साथ ही प्रोत्साहित करने के समग्र प्रयास हम सबको समन्वित तरीके से करना है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुये कहा कि अनाज के उत्पादन में रासायनिक खाद और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग के कारण कई तरह की बीमारियां बढ़ रही हैं। इससे बचाव के लिये जरूरी है कि हम सभी प्राकृतिक के संवर्धन में अपना योगदान दें।

केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती को अपनाने से उत्पादन कम नहीं होता है। मैंने स्वयं अपने खेतों में प्राकृतिक खेती को अपनाया है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत वृहद स्तर पर प्राकृतिक खेती की उपज के प्रमाणीकरण का कार्य किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिये प्राकृतिक खेती के माध्यम से उत्पादित उपज के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था की है। आगामी समय में देश में 400 से अधिक प्रयोगशालाएं किसान को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रमाण-पत्र प्रदान करेंगी। इन सभी प्रयासों से प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों की आय डेढ़ गुना तक बढ़ जाएगी। दुनियाभर में प्राकृतिक खेती का बड़ा बाजार है। आर्गेनिक अनाज खाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है। भूमि परीक्षण से सर्टिफिकेशन, उपज का परीक्षण, बेहतर पैकेजिंग और मार्केटिंग किसानों को उपज का बेहतर मूल्य दिलाएंगी। हम किसानों की आय को बढ़ाने के लिए समुचित प्रयास प्राथमिकता से कर रहे हैं। निदर्शन फॉर्म आने वाले समय में प्राकृतिक खेती के लिए किसानों का मार्गदर्शन करेंगे।

केंद्रीय मंत्री श्री शाह ने कहा कि प्रकृति की अनेक प्रकार से सेवा हो सकती है। हमें बसावन मामा की स्मृति में पीपल के वृक्ष रोपित करने का संकल्प लेना चाहिए। दु्निया से चले जाने के बाद भी यह पीपल वृक्ष लोगों को ऑक्सीजन देता रहेगा। पीपल का वृक्ष लगाना पुण्य कार्य है, जिसमें स्वयं भगवान विष्णु का वास होता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषकों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिये बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि बसावन मामा गौवंश वन्य विहार के भ्रमण के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री शाह के द्वारा 35 साल पहले गुजरात में जैविक खेती संवर्धन के लिये जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री श्री शाह के द्वारा 35 साल पहले शुरू किये गये कार्य को राज्य सरकार आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं रखेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह के मार्गदर्शन में सहकारिता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। प्रदेश के किसानों की आय को बढ़ाने के लिये उन्हें दुग्ध उत्पादन के लिये भी प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिये डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना से किसानों को लाभांवित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड से एमओयू किया गया है। इससे किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। राज्य सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार जैसे अनेक कार्य भी कर रही है।

राज्य सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए नस्ल सुधार जैसे अनेक कार्य भी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में दूध खरीद का आंकड़ा निरंतर बढ़ रहा है। साल भऱ में प्रति दुग्ध संघ दूध खरीदी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राज्य सरकार ने प्रदेश स्तर पर कुल दुग्ध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है।

मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि गौमाताओं के संरक्षण के लिए प्रति गाय आहार अनुदान को 20 से बढ़ाकर 40 रुपए किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटलजी की जन्म जयंती के अवसर पर ग्वालियर में 2 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से अनेक कार्यों के लिए भूमि-पूजन किया गया है। राज्य सरकार आगामी वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने जा रही है। हमारी सरकार किसान कल्याण के लिए कृत संकल्पित है।

उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि गौशाला की 9 हजार से अधिक गौमाताओं ने श्री अमित शाह को बुलाया है। गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है। गौमाता के गोबर से खाद बनाकर प्राकृतिक खेती की जा सकती है। जब धरती माता और नागरिक स्वस्थ होंगे, तभी भारत आत्मनिर्भर और समृद्ध होगा। राज्य सरकार प्राकृतिक खेती, गौसेवा और गौसंवर्धन को जन आंदोलन बनाने की दिशा में कार्य कर रही है।

वरिष्ठ विधायक एवं प्रदेशाध्यक्ष श्री हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी की जयंती पर रीवा में कृषक और सहकारिता सम्मेलन का आयोजन स्व. वाजपेयी के रीवा के प्रति लगाव के लिये सच्ची श्रद्धांजलि है। विंध्य की पावन धरा पर कृषक और सहकारिता सम्मेलन आयोजित हो रहा है। केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार के संकल्प से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिल रहा है। इससे किसान समृद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय मंत्री श्री शाह ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार के एक अभिनव मिशन की शुरुआत की है।

किसान सम्मेलन में रीवा के प्रभारी एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, सांसद श्री जनार्दन मिश्र, विधायक सर्वश्री नागेन्द्र सिंह, दिव्यराज सिंह, नरेन्द्र प्रजापति, सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, जनप्रतिनिधि श्री महेन्द्र सिंह, श्री वीरेन्द्र गुप्ता स्थानीय जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

More From Author

अटल जी की कविता से झलकी अडिग भारत की आत्मा, पीएम मोदी ने डायरी में किया साझा

अटल बिहारी वाजपेयी थे भविष्य को पहचानने वाले नेता, भारत को बनाया न्यूक्लियर पावर: नायडू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.