हैरान करने वाली कार्रवाई: लखनऊ नगर निगम ने केंद्रीय संस्थान NBFGR का मुख्यालय किया सील

लखनऊ
लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) ने हाउस टैक्स नहीं देने पर केंद्र सरकार के ही एक दफ्तर पर ताला मारकर उसे सील कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBFGR) पर नगर निगम का करोड़ से ऊपर रुपया बकाया है, जिसका भुगतान कई बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुआ है। निगम के अधिकारियों ने सोमवार की सुबह तेलीबाग स्थित एनबीएफजेआर के मुख्यालय पर ताला मार दिया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर नगर निगम इस समय बड़े बकाएदारों के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है।
 
नगर निगम जोन–4 की जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी ने सोमवार को नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्स (एनबीएफजीआर) का परिसर सील कर दिया। कृषि मंत्रालय के इस संस्थान पर नगर निगम का हाउस टैक्स मद में कुल 1 करोड़ 36 लाख 65 हजार 932 रुपये बकाया था। कई बार नोटिस और पत्राचार के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करने पर लखनऊ नगर निगम ने यह अभूतपूर्व कदम उठाया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बकाया कर की वसूली को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी, चाहे बकाएदार निजी हो या सरकारी विभाग।

नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्स (एनबीएफजीआर)
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने 1983 में इलाहाबाद (प्रयागराज) में एक किराए के परिसर में राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो की स्थापना की थी। ब्यूरो का स्थायी कार्यालय 1990 में लखनऊ के तेलीबाग इलाके में बना और तब से वो यहीं से चल रहा है। संस्थान का मुख्यालय 52 एकड़ में फैला है, जिसमें प्रशासनिक भवन के अलावा प्रयोगशाला, खेत और आवासीय परिसर भी शामिल हैं। संस्थान मछली आनुवंशिक संसाधनों का मूल्यांकन और संरक्षण करता है। मछली के संरक्षण के लिए भी यहां रिसर्च होता है।

 

More From Author

लोहड़ी 2026: इन वास्तु उपायों से दूर होंगी नकारात्मकता, घर में बनेगा सुख-शांति का माहौल

मकर संक्रांति पर सीएम विष्णु देव साय की अपील—पतंग उत्सव मनाएं सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.