मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव का‍किया शुभारंभ

पुष्प केवल प्रकृति की नहीं हमारे भावों की भी है सुंदर और सशक्त अभिव्यक्ति
राज्य सरकार किसानों को दे रही है फूलों की खेती के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और अनुदान
मध्यप्रदेश, देश का दूसरा सर्वाधिक पुष्प उत्पादक राज्य

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पुष्प केवल प्रकृति की नहीं हमारे भावों की भी सुंदर और सशक्त अभिव्यक्ति हैं। जन्म से लेकर जीवन के हर मंगल अवसर तक पुष्प हमारे भावों को अभिव्यक्त करते हैं। वर्तमान में यही पुष्प किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और निर्यात क्षमता को मजबूत बनाने का माध्यम बन रहे हैं। गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश, देश में पुष्प उत्पादन में अग्रणी राज्य है। मध्यप्रदेश के फूलों की सुगंध पेरिस और लंदन तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के गुलाब उद्यान में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव की अवधि तीन दिन करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को शासकीय गुलाब उद्यान, लिंक रोड क्रमांक-1 में कृषक कल्याण वर्ष-2026 के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय पुष्प प्रदर्शनी का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों, नर्सरी संचालकों तथा पुष्प प्रेमियों से चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुष्प प्रदर्शनी में विभिन्न वर्गों के लिए हुई विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार तथा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विभाग के ब्रोशर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर प्रदेश में उद्यानिकी गतिविधियों पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी हुआ। कार्यक्रम में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना और उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह उपस्थित थे।

पुष्प उत्पादन से किसानों की बढ़ रही है नकद आय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य स्तरीय पुष्प महोत्सव के माध्यम से किसानों को व्यवसायिक स्तर पर फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य के किसान पुष्प उत्पादन से अपनी आय बढ़ा रहे हैं। इस आयोजन में पुष्प उत्पादक किसान, नर्सरी संचालक और खरीदार तीनों एक स्थान पर जुटे हैं। किसानों को बाजार की संभावनाओं और फूलों की खेती की जानकारी प्रदान की जा रही है। फूलों के माध्यम से किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं। प्रदेश में फूलों की खेती का रकबा निरंतर बढ़ रहा है। प्रदेश के किसान, फूल नहीं अपने मन का भाव दूसरे स्थानों पर भेजते हैं। प्रदेश के 40 हजार किसान पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं और 45 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में फूलों का उत्पादन हो रहा है। हर साल लाखों टन फूल गुजरात, महाराष्ट्र सहित विदेशों में भी भेजे जा रहें है। राज्य सरकार किसानों को पुष्प उत्पादन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और अनुदान में सहायता प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का दूसरा सर्वाधिक पुष्प उत्पादक राज्य है। वर्ष 2021-22 तक राज्य में फूलों की खेती का रकबा 37 हजार हैक्टेयर था, जो अब बढ़कर 44 हजार हैक्टेयर हो चुका है। प्रदेश का पुष्प उत्पादन 86 लाख टन हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सोयाबीन किसानों को भावांतर राशि अंतरित की जा रही है। किसानों को गेहूं का 2600 रुपए प्रति क्विंटल भाव दिया जा रहा है। संभव है कि वर्ष 2026 में किसानों को 2700 रूपए प्रति क्विंटल गेहूं का भाव मिले, वर्ष 2030 तक गेहूं का मूल्य 3000 रूप्ये प्रति क्विंटल मिलेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार निरंतर किसानों के कल्याण के लिए प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कभी किसानों के हितों से समझौता नहीं किया। किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें उद्यानिकी, दुग्ध उत्पादन, मत्स्य उत्पादन जैसे सभी क्षेत्रों की योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि कल्याण वर्ष में राज्य सरकार अलग-अलग 16 विभागों को एक साथ जोड़कर कार्य कर रही है। सिंचाई कृषि का आधार है, राज्य के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई योजना के लिए पर्याप्त अनुदान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्यान्न उद्यम योजना (पीएमएफएमई) के माध्यम से हितग्राहियों को 45 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल रही है। किसानों को पॉली, सेडनेट हाउस स्थापित करने में भी अनुदान दिया जा रहा है।

कृषि में प्रगति के लिए उद्यानिकी का विशेष महत्व : मंत्री श्री कुशवाहा
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाहा ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में उद्यानिकी विभाग लगातार नवाचारी कार्यक्रमों के साथ आगे बढ़ रहा है। इस पुष्प प्रदर्शनी में किसानों का मार्गदर्शन करने के लिए उद्यानिकी विभाग के विशेषज्ञ उपस्थित हैं। किसान भाई इस प्रदर्शनी का लाभ उठाएं और अपनी आय बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के लक्ष्य को पूर्ण करने में सहभागी बनें। आयुक्त उद्यानिकी श्री अरविंद दुबे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष-2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। कृषि में प्रगति के लिए उद्यानिकी का विशेष महत्व है। किसानों को औद्योगिक स्तर पर उपयोग किए जाने वाले फूलों की खेती की तकनीक से अवगत कराया जा रहा है। किसान भाइयों की आय बढ़ाने के लिए विभाग ने आगामी 3 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक श्री भगवानदास सबनानी, पूर्व सांसद श्री के.पी. यादव, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक बर्णवाल, सचिव उद्यानिकी श्री जॉन किंग्सले एआर सहित बड़ी संख्या में प्रदेश से आए किसान एवं नर्सरी संचालक उपस्थित थे।

 

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