लैंबॉर्गिनी केस में सच हुआ सामने, शिवम मिश्रा को SOG ने किया गिरफ्तार

 कानपुर
   
कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कोर्ट को अवगत कराया कि 8 तारीख को घटना घटित होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. इसके अगले दिन, 9 तारीख को एक डमी ड्राइवर को वाहन चालक बताकर फर्जी हलफनामा तैयार किया गया. जिसे बाद में कोर्ट में भी दाखिल कर दिया गया.

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि घटना के समय गाड़ी शिवम ही चला रहा था. इसके बाद पुलिस टीम नोटिस की तामील कराने उसके पास पहुंची और उसे जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए. लेकिन इसके बावजूद वह खुद को कानून से बचाने के लिए छिपता रहा और तरह-तरह के बहाने बनाता रहा.

देर से गिरफ्तारी पर भी पुलिस का आया बयान

उसकी गिरफ्तारी 35 बीएनएस का पालन न करने पर हुई है. वहीं आरोपी की देर से गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस का बयान आया है. पुलिस के मुताबिक मामले में लगी धाराएं 7 साल से कम सजा की होने के कारण अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया. बल्कि नोटिस तामील कराने के लिए पुलिस टीम उसके पास भेजी गई.

हालांकि, अभियुक्त द्वारा 35-बीएस के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते पुलिस के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह 7 साल से कम सजा वाली धाराओं में भी अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकती है. पुलिस ने कोर्ट से यह मांग की है कि आरोपी को 14 दिन की न्याय हिरासत में भेजा जाए. 

मोहन को बनाया गया था डमी ड्राइवर

कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में शिवम मिश्रा की तरफ से समझौते के लिए शपथ पत्र दाखिल किया गया था. वादी के वकील ने कहा कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चला रहा था. जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चल रहा था.

कोर्ट में मोहन लाल का शपथ पत्र भी दिया गया था. जिसमें घटना से जुड़े तथ्यों का जिक्र है. न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.

इस मामले में अधिवक्ता धर्मेद्र कुमार धर्मू ने कहा एसीजेएम-7 की कोर्ट से कार चालक का आत्मसमर्पण खारिज होने के फैसले के खिलाफ वह जिला जज कोर्ट में रिवीजन दाखिल करेंगे। चालक खुद बता रहा है कि हादसे के समय वह कार चला रहा था।शिवम की कार रिलीज अर्जी पर भी कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। पुलिस ने रिपोर्ट में कहा वाहन संख्या डीएल 11 सीफ 4018 लेम्बोर्गिनी कार से अपराध कारित किया है।

चालक शिवम कुमार मिश्रा का नाम सामने आया है। आरोपी की ओर से कार से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। पुलिस की इस रिपोर्ट पर कोर्ट ने शिवम को आदेश दिया वह कार से संबंधित समस्त दस्तावेज उपलब्ध कराए। थाना प्रभारी को आदेश दिया कार का परीक्षण कर 13 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट दें। पुलिस ने शिवम को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर तलब किया है।

वहीं इस मामले में कोर्ट में समझौता पत्र दाखिल होने के बाद सामने आए वादी मो. तौफीक ने कहा हादसे में बाएं पैर में चोट आई थी। इलाज करा दिया, अब कोई शिकायत नहीं है। मो. तौफीक चमनगंज के घोसियाना में रहता है और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजर-बसर करता है। अधिवक्ता धर्मेंद्र सिंह धर्मू ने बताया कि चमनगंज घोसियाना निवासी मो. तौफीक ने मुकदमा दर्ज कराया था। उसने कोर्ट में एक समझौतानामा दाखिल किया है। उसने कहा कि हादसे में उसे चोट लगी थी। इसमें उसे इलाज का पैसा मिल गया है, जिससे वह संतुष्ट है।

आपको बता दें कि कानपुर में लैंबॉर्गिनी कर दुर्घटना मामले में जितनी चर्चा दुर्घटना की है, उससे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि गाड़ी कौन चला रहा है. क्योंकि वीडियो में शिवम मिश्रा कार से बाउंसर के साथ निकलते हुए देखा गया. साथ ही पुलिस भी कह रही है कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. लेकिन कोर्ट में शिवम मिश्रा के एडवोकेट की तरफ से दावा किया गया था कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चल रहा था. यह दावा खुद शिवम मिश्रा के पिता केकेबमिश्रा ने भी किया था.

मोहन को सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करना था. आज तक से बातचीत करने के दौरान डमी ड्राइवर मोहन ने बताया कि गाड़ी मैं ही चल रहा था. गाड़ी ठीक करने के लिए मैं दिल्ली से आया था. गाड़ी टेस्ट कर रहा था. बगल की सीट में शिवम मिश्रा बैठे थे. तभी वह मेरे ऊपर गिर गए. मैं कुछ समझ नहीं पाया और गाड़ी का बैलेंस खो गया.

More From Author

सावधान! निक्की तंबोली के नाम का गलत इस्तेमाल, एक्ट्रेस ने फैंस को किया अलर्ट

भारतीय संस्कृति में एकल शोध नहीं, समग्र कल्याण आधारित है शोध की परंपरा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13814/1

RO No. 13843/161

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.