PM मोदी ने समझाया पूरा रोडमैप: तेल-गैस संकट में कैसे सुरक्षित रहेगा भारत

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान में जारी जंग के चलते जारी तेल और गैस को लेकर लोकसभा में भाषण दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश के लोगों के हित सुरक्षित रहेंगे और सरकार सभी जरूरी प्रयास कर रही है। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं और इसके लिए सारे प्रयास करेंगे। यही नहीं उन्होंने यह चिंता भी जताई कि इस जंग का असर लंबे समय तक रह सकता है और हमें संयम के साथ हालात से निपटने के लिए तैयार रहना होगा। पीएम मोदी ने कहा कि हम कोरोना में तैयार थे और उसका फायदा मिला था। उसी तरह हमें फिर से धीरज और संयम के साथ हर चुनौती का सामना करना है। यही हमारी पहचान है और यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है। हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का भी प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है।

करीब एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं और वहां काम करते हैं। वहां समंदर में चलने वाले जहाजों में भी बड़ी संख्या में क्रू मेंबर भारतीय ही हैं। इसलिए यह जरूरी है कि भारत की संसद से एकजुट आवाज दुनिया में जाए। इस जंग के शुरू होने के बाद से ही प्रभावित देशों में भारतीयों को जरूरी मदद दी जा रही है। मैंने खुद पश्चिम एशिया के सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। दुर्भाग्य से इस दौरान कुछ भारतीयों की मृत्य हुई है और कुछ घायल हुए हैं।

प्रभावित देशों में हमारे मिशन भारतीयों को मदद कर रहे हैं। वहां गए पर्यटक हों या फिर काम करने वाले लोग, सभी को हेल्प की जा रही है। हमारे दूतावासों की ओर से लगातार एडवाइजरी जारी हो रही है और हेल्प लाइन भी स्थापित हैं। देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए प्राथमिकता रही है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार भारतीय वापस लौट चुके हैं। ईरान समेत कई देशों में सीबीएसई के स्कूल चलते हैं। वहां सुरक्षा के लिहाज से परीक्षाएं भी रद्द की गई हैं।

भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, गैस और फर्टिलाइजर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते से आते हैं। इस जंग के बाद से ही जहाजों का आना-जाना चुनौतीपूर्ण हो गया है। इसके बाद भी हमारी सरकार का यह प्रयास रहा है कि पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई ज्यादा प्रभावित ना हो। हम सभी जानते हैं कि देश अपनी जरूरत की 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है। इसकी सप्लाई में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू उपयोग को प्राथमिकता दी है। इसके अलावा देश में ही इसके उत्पादन को बढ़ाया जा रहा है। पेट्रोल और डीजल की सप्लाई सुचारू रूप से होती रहे। इसके लिए भी काम किया जा रहा है।

देश में कितना बड़ा है तेल का भंडार, PM मोदी ने बताई तैयारी
बीते एक दशक में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर उठाए गए कदम और भी प्रासंगिक हो गए हैं। अपने अपने ऊर्जा आयात को डाइवर्सिफाई किया है। पहले 27 देशों से हम आयात करते थे। अब एनर्जी इंपोर्ट हमारा 41 देशों से हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे पास 53 लाख मीट्रिक तेल रिजर्व है। हम 65 लाख तक इसे पहुंचाने के लिए काम कर रहे हैं। कंपनियों के पास जो रिजर्व होता है, वह अलग है। हम अलग-अलग देशों के साथ भी संपर्क में है, जहां से सप्लाई ली जाए। हमारी प्राथमिकता यही है कि जहां से भी संभव हो, वहां से सप्लाई आती रहे। भारत की सरकार खाड़ी और उसके आसपास के रास्तों पर नजर बनाए हुए है। हमारी पूरी कोशिश है कि भारत आने वाले सभी जहाज सुरक्षित रूप से यहां पहुंचें।

पेट्रोल, डीजल के संकट से निपटने में किस चीज का फायदा
देश की एक और तैयारी इस समय काम आ रही है। बीते 10 से 11 सालों में एथेनॉल की ब्लेंडिंग पर खूब काम हुआ है। आज पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडिंग हो रही है। इससे हमें प्रति वर्ष करीब 4 करोड़ बैरल तेल हर साल कम इंपोर्ट हो रहा है। इससे बड़ा फायदा हो रहा है। फिर रेलवे के विद्युतीकरण ने भी हमें फायदा पहुंचाया है। पीएम मोदी ने कहा कि मैं किसानों को भरोसा दिलाता हूं कि सरकार हरसंभव मदद करती रहेगी। पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना में भी सप्लाई बाधित थी, लेकिन किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं हुआ था। इस बार भी ऐसा ही किया जाएगा। युद्ध की बड़ी चुनौती यह भी है कि आने वाले समय में बढ़ती गर्मी के साथ बिजली की डिमांड बढ़ेगी। फिलहाल देश के सभी पावर प्लांट में कोयला की सप्लाई है।

'लंबे समय तक रहेगा असर, कोरोना की तरह रहें तैयार'
उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को रोकना अस्वीकार्य है। भारत हमेशा से मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि कूटनीति ही इसका एक प्रयास है। हमारा प्रयास इसलिए है कि युद्ध समाप्त हो और शांति आए। भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसे संकट जब आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश भी करते हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था संभालने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। जमीन, आसमान, जल से लेकर साइबर स्पेस तक में एजेंसियां अलर्ट हैं। इस जंग से लंबे समय तक के लिए हालात खराब होने की संभावना है। इसलिए तैयार रहना होगा।

 

More From Author

योगी सरकार ने गेहूं की MSP बढ़ाई, 6500 खरीद केंद्रों पर कब से होगी शुरुआत?

बिलासपुर एयरपोर्ट: 28 मार्च से उड़ानें बंद हो सकती हैं, विंटर शेड्यूल खत्म होने के बाद समर शेड्यूल का इंतजार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13766/145

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.