भिंड के भारतीय छात्र की स्कॉटलैंड में संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया

भिंड 

स्कॉटलैंड में पढ़ाई कर रहे ग्वालियर-भिंड के 21 वर्षीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने इसे आत्महत्या बताया है, लेकिन परिजनों ने इस पर गंभीर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और भारत में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की है।

मृतक छात्र फॉरेंसिक साइंस में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा था और पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, वह पढ़ाई में अव्वल था और हर महीने अच्छी आय भी अर्जित कर रहा था। ऐसे में परिवार का कहना है कि उसके आत्महत्या करने का कोई कारण नजर नहीं आता।

परिजनों के मुताबिक, 5 मार्च को छात्र ने अपने परिवार से लंबी वीडियो कॉल पर बात की थी और जल्द घर लौटने का भरोसा दिया था। इसके दो दिन बाद संपर्क टूट गया और 7 मार्च को उसकी मौत की सूचना मिली। इस बीच, परिवार को घटना की जानकारी भी कई दिन बाद दी गई, जिससे संदेह और गहरा गया है।

परिवार ने मामले में कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मौत के आसपास छात्र के बैंक खाते से बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ, जो संदिग्ध है। इसके अलावा, जिन दोस्तों के संपर्क नंबर छात्र ने दिए थे, वे अब जवाब नहीं दे रहे हैं। छात्र के हॉस्टल का दरवाजा खुला मिलने और मोबाइल डेटा के गायब होने को लेकर भी परिजन शंका जता रहे हैं।

पिता ने प्रशासन और केंद्र सरकार से बेटे का पार्थिव शरीर जल्द भारत लाने की गुहार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शव 27 मार्च तक दिल्ली पहुंच सकता है। इसके बाद परिजन ग्वालियर में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके।

मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा है क्योंकि संबंधित विश्वविद्यालय परिसर में पिछले कुछ समय में अन्य संदिग्ध मौतों और एक छात्र के लापता होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे परिवार की आशंका और मजबूत हो गई है।फिलहाल, परिवार न्याय की उम्मीद में सरकारी एजेंसियों की ओर देख रहा है और पूरे मामले की गहन जांच की मांग कर रहा है।

कर्ज लेकर पढ़ने भेजा था

मूल रूप से भिंड के मौ कस्बा निवासी किसान कुलदीप श्रीवास्तव ने इकलौते बेटे संस्कार श्रीवास्तव के लिए लगभग 40 लाख रुपए कर्ज लिया था। कर्ज लेकर जिस बेटे को पढ़ने विदेश भेजा था। 7 मार्च को उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है।

मां को तो बेटे की मौत के बारे 10-12 दिन बाद बताया। अब 20 दिन बीत जाने के बाद भी मां-पिता की पथराई आंखें बेटे के पार्थिव शरीर का इंतजार कर रही हैं।

मामला संदिग्ध, दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग

पिता कुलदीप आंखों के रोग के कारण कम देख पाते हैं। उन्होंने ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान और भारत सरकार से गुहार लगाई है कि बेटे का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। जानकारी के मुताबिक, संस्कार का शव 27 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच सकता है।

परिजन की मांग है कि ग्वालियर के जेएएच (जयारोग्य अस्पताल) में शव का वापस पोस्टमॉर्टम कराया जाए, ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके। पूरे परिवार को यकीन है कि संस्कान सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकता है।

परिजनों के 5 बड़े सवाल?

संस्कार की मां नीलम और चाचा अनूप श्रीवास्तव ने पुलिस और प्रशासन के सामने कुछ गंभीर सवाल रखे हैं।

    संदेहास्पद ट्रांजैक्शनः मौत के बाद या उसके आसपास संस्कार के बैंक अकाउंट से करीब 2.50 लाख रुपए किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर हुए हैं, जो अपने आप में पूरे मामले को संदिग्ध बता रहा है।

    दोस्तों की चुप्पीः जिन 3 दोस्तों के नंबर संस्कार ने घर पर दिए, वे कोई जवाब नहीं दे रहे हैं। उनकी चुप्पी ने पूरा मामला संदिग्ध कर दिया है।

    हॉस्टल का खुला दरवाजाः यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उसने सुसाइड किया, लेकिन उसके रूम का दरवाजा खुला मिला। सवाल है कि वह दरवाजा खुला छोड़कर बाहर क्यों जाएगा?

    यूनिवर्सिटी का रिकॉर्डः 13 महीनों में इस यूनिवर्सिटी में यह तीसरी संदिग्ध हालात में मौत है। इससे पहले 2025 में मेलिसा यंग और 2025 में रूबेन एगाडो भी मृत मिले थे। छात्रा यूएक्सिन काओ अब भी लापता हैं।

    मोबाइल डेटाः संस्कार के मोबाइल का डेटा गायब है। उसके मोबाइल रिकॉर्ड से बहुत कुछ मिल सकता है।

आखिरी वीडियो कॉल… अगले साल घर आऊंगा मां

पिता कुलदीप ने रुंधी आवाज में बताया, 5 मार्च (होली) की रात संस्कार ने पूरे परिवार से करीब 2 घंटे वीडियो कॉल पर बात की थी। वह बहुत खुश था। उसने मां नीलम से वादा किया कि पढ़ाई पूरी कर अगले साल वह घर लौटेगा। दो दिन तक जब उसका फोन नहीं आया तो हमें चिंता हुई, क्योंकि वह अपनी मां से रोज बात करता था।

उन्होंने यह बात जर्मनी में रहने वाले रिश्तेदार गौरव को बताई। उन्होंने स्कॉटलैंड यूनिवर्सिटी से संपर्क किया। पहले जवाब आया संस्कार से बात कराते हैं। इसके बाद पुलिस ने कॉल कर पूछा आप संस्कार के कौन है? उन्होंने कहा कि चाचा लगते हैं। पुलिस ने बताया, संस्कार ने सुसाइड कर लिया है और माता-पिता का फोन नंबर लिया।

इसके बाद 7 मार्च को यूनिवर्सिटी और भारतीय दूतावास से फोन आया कि संस्कार ने कॉलेज परिसर के पीछे सुसाइड कर लिया है।

चाचा ने कहा-पढ़ने में तेज था संस्कार

चाचा अनूप ने कहा कि संस्कार न केवल पढ़ाई में तेज था, बल्कि जिम्मेदार भी था। ग्वालियर के एमएलबी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद वह पीजी के लिए स्कॉटलैंड गया था। वहां वह पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब भी कर रहा था। उसे महीने के करीब 90 हजार से एक लाख रुपए मिलते थे।

वह कहता था- मैं कमाने लगा हूं। घर पर पैसे की जरूरत हो तो भेज दूंगा। हमने उससे कहा कि बेटा पढ़ाई पर ध्यान दो। यहां कोई दिक्कत नहीं है।

मां बोली- मेरे बेटे की हत्या की गई है

दैनिक भास्कर से बात करते हुए संस्कार की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनका कहना है कि उनका बेटा बुजदिल नहीं था, जो सुसाइड करेगा। उससे वहां सब जलते थे। इसलिए उसकी हत्या कर दी है। उसे किसी बात की कमी नहीं थी। मेरा बेटा स्कॉटलैंड वालों ने मुझसे छीन लिया है।

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