खौफनाक मंजर: यूपी में अचानक गिरने लगे गिद्ध, 28 की दर्दनाक मौत से मचा हड़कंप

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 बिजुआ (लखीमपुर)

भीरा वन रेंज के पड़रिया बीट क्षेत्र में लापरवाही और जहरखुरानी ने प्रकृति के संतुलन पर सीधा हमला कर दिया। सेमरिया गांव के पास एक किसान के खेत में जहर देकर मारे गए कुत्ते के शव को खाने से करीब 40 गिद्धों के झुंड में से 28 की तड़प-तड़प कर मौत हो गई, जो गिद्ध पर्यावरण को साफ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं, वही इंसानी लापरवाही का शिकार हो गए।

सुबह जब खेत में गिद्धों का झुंड मरे कुत्ते को नोचता दिखा तो लोगों में उत्साह था, कई प्रकृति प्रेमी उन्हें कैमरे में कैद कर रहे थे, लेकिन कुछ ही देर में यह दृश्य भयावह हो गया। एक-एक कर गिद्ध बेहोश होकर गिरने लगे और देखते ही देखते पूरा झुंड मौत के मुंह में समाने लगा, जिसने भी यह मंजर देखा वह सन्न रह गया।

जांच में सामने आया कि पास के गांव में आवारा कुत्तों को जहर दिया गया था, उन्हीं में से एक कुत्ता खेत के पास आकर मर गया, जिसे खाने पहुंचे गिद्ध जहर की चपेट में आ गए, नतीजा ये हुआ कि एक साथ 28 गिद्धों की मौत हो गई जबकि कई अन्य खेतों और पेड़ों के नीचे तड़पते मिले।

गिद्ध, जिन्हें ‘प्रकृति के सफाईकर्मी’ कहा जाता है, पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं, लेकिन उनकी इस तरह हो रही मौतें वन्यजीव संरक्षण पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही हैं, स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमियों ने वन विभाग की सुस्ती पर भी नाराजगी जताई, उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई होती तो कई गिद्धों की जान बचाई जा सकती थी।

घटना की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृत गिद्धों को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा, लेकिन बड़ा सवाल अब भी कायम है, कि आखिर कब तक जहरखुरानी से वन्यजीवों की यूं ही मौत होती रहेगी, और जिम्मेदार महकमे केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहेंगे?

 

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