नई दिल्ली
हार्मुज खुलने के ऐलान के बाद इंटरनेशनल मार्केट में भारी उलटफेर देखने को मिला है, जहां कल तक कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बने हुए थे. वहीं अब इसकी कीमत अचानक से सस्ती हो चुकी हैं. मार्केट समय के दौरान इसकी कीमत 86 डॉलर के करीब चुकी थीं. हालांकि कुछ देर बाद तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर आ गईं।
दरअसल, ईरान ने कहा कि जबतक सीजफायर लागू है, तबतक कमर्शियल जहाजों से होर्मुज से गुजरने की मंजूरी रहेगी. वहीं ट्रंप ने भी कहा कि अब ईरान कभी भी होर्मुज को बंद नहीं करेगा. ईरान ने सहमति जताई है. इस खबर के आते ही तेल-गैस की कीमतें तेजी से गिरें।
11 फीसदी तक सस्ता हुआ तेल
ब्रेंट क्रूड वायदा रात में 10.42 डॉलर या 10.48% गिरकर 88.97 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, सत्र के दौरान यह 86.09 डॉलर के निचले स्तर पर भी पहुंचा था. WTI क्रूड वायदा 11.48 डॉलर या 12.12% गिरकर 83.21 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 80.56 डॉलर तक पहुंच गया था. हालांकि, कारोबार बंद होने तक क्रूड ऑयल 90.38 डॉलर पर पहुंच गया. तेल की कीमतों में एक दिन में यह सबसे बड़ी गिरावट रही।
गैस की कीमतों पर भी असर
खबर आते ही गैस की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली. एलएनजी की की कीमत 2.624 डॉलर आ गईं. हालांकि ईरानी राष्ट्रपति की ओर से अपडेट आने के बाद यह वायदा बाजार में 2.674 डॉलर पर पहुंच गया. इसका मतलब है कि नेचुरल गैस की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ।
होर्मुज को लेकर फिर बना संकट?
शनिवार की सुबह ईरान के सांसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि होर्मुज को अमेरिका के इशारे पर नहीं, बल्कि ईरान के नियम के आधार पर संचालित किया जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ईरानी पोर्ट पर प्रतिबंध लगाकर रखता है तो होर्मुज बंद कर दिया जाएगा. उन्होंने ट्रंप के बयानों की आलोचना की. इस खबर के बाद सोमवार को तेल की कीमतों पर असर दिखाई दे सकता है. तेल-गैस की कीमतों में फिर से तेजी दिख सकती हैं।
बाजार में क्या होगा असर?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से अमेरिकी बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. अमेरिकी बाजार 2 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया. वहीं भारतीय बाजार का इंडिकेटर गिफ्ट निफ्टी भी शानदार तेजी का संकेत दे रहा है. सोमवार को भारतीय बाजार में करीब 300 अंकों का गैपअप देखने को मिल सकता है।
