करिश्मा कपूर के बच्चों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, सौतेली मां से छीना गया अधिकार

मुंबई 

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को फिल्म एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों (कियान और समायरा) की तरफ से दायर एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए उन्हें बड़ी राहत दे दी। अदालत ने इन बच्चों की सौतेली मां और दिवंगत कारोबारी संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर को संजय कि संपत्ति से किसी भी तरह का लेन-देन करने से अंतरिम तौर पर रोक दिया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि संजय कपूर के बैंक खाते और विदेश में मौजूद उनकी क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स फिलहाल निष्क्रिय रहेंगी। जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने स्पष्ट किया कि मामले का ट्रायल लंबा चल सकता है, इसलिए इस दौरान संपत्ति को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है और उसे किसी भी तरह से खत्म या स्थानांतरित नहीं किया जाना चाहिए।

..ताकि आखिरी फैसले तक संपत्ति की स्थिति ना बदले
अदालत ने कहा कि संजय कपूर की पूरी संपत्ति को संरक्षित रखा जाना चाहिए, ताकि अंतिम निर्णय तक उसकी स्थिति में कोई बदलाव न हो। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई सभी चिंताओं का जवाब प्रतिवादी (प्रिया कपूर) को देना होगा।

बच्चों ने जताई थी संपत्ति में हेरफेर की आशंका
यह अंतरिम आदेश करिश्मा कपूर के बच्चों द्वारा दायर उस याचिका पर आया है, जिसमें उन्होंने संजय कपूर की संपत्ति से जुड़े मामले में अंतरिम राहत की मांग की थी। करिश्मा कपूर के बच्चों ने कथित वसीयत को चुनौती देते हुए आशंका जताई थी कि संपत्ति में हेरफेर या उसे इधर-उधर किया जा सकता है।

संजय छोड़ गए 30 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति
देश के बड़े कारोबारियों में से एक संजय कपूर का पिछले साल जून में लंदन में निधन हो गया था। वे अपने पीछे करीब 30,000 करोड़ रुपए की संपत्ति छोड़ गए हैं। संजय कपूर और उनकी दूसरी पत्नी करिश्मा कपूर के बच्चों कियान और समायरा का आरोप लगाया है कि संजय की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर ने उनके दिवंगत पिता के नाम पर एक फर्जी वसीयत तैयार की और उनकी संपत्तियों का अधूरा ब्यौरा जमा किया।

इस मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने आगे कहा कि वसीयत की प्रामाणिकता को लेकर उठ रहे संदेहों को दूर करने की जिम्मेदारी प्रिया कपूर पर है। कोर्ट ने यह भी कहा कि करिश्मा कपूर के बच्चों ने पहली नजर में अपना मामला साबित कर दिया है।

संजय की मां ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई है याचिका
इससे पहले इसी परिवार से जुड़े एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीते सोमवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर और अन्य से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें उनकी मां ने पारिवारिक न्यास को 'अमान्य' घोषित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया है।

80 वर्षीय रानी कपूर द्वारा दायर इस याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2017 में उनके नाम पर गठित न्यास को जाली, मनगढ़ंत और धोखाधड़ी वाले दस्तावेजों से बनाया गया है। उनकी याचिका पर कोर्ट ने प्रिया कपूर और अन्य को नोटिस जारी किया है और दोनों पक्षों को मध्यस्थता के विकल्प तलाशने का सुझाव दिया है।

सुनवाई के दौरान, न्यायालय ने सोना ग्रुप फैमिली न्यास को लेकर विवाद में शामिल पक्षों से मध्यस्थता का विकल्प तलाशने को कहा। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने कपूर की तरफ से पेश हुए वकील से कहा, 'आप सब क्यों लड़ रहे हैं? यह आपके मुवक्किल के लड़ने की उम्र नहीं है।'

बेंच ने कहा, 'एक बार मध्यस्थता का रास्ता अपना लें। वरना यह सब व्यर्थ होगा। आपकी उम्र 80 साल है। यह आपके मुवक्किल के लिए लड़ने की उम्र नहीं है।' कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए सात मई की तारीख तय की है।

More From Author

CJI सूर्यकांत का गहरा दर्द, 15 साल की बच्ची के संघर्ष पर भावुक होकर कहा- ‘नागरिकों का सम्मान करिए’

आत्मसमर्पण के बाद बढ़ी अंदरूनी कलह, Naxal Central Committee का देवजी पर बड़ा हमला

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13910/15

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.