बड़ा मंगल 2026: सुंदरकांड की 5 शक्तिशाली चौपाइयां और उनका महत्व

4 मई 2026 को पहला बड़ा मंगल है। ज्येष्ठ माह के मंगलवार पर हनुमान जी की विशेष पूजा- अर्चना की जाती है। बड़ा मंगल पर आप सुंदरकांड की कुछ शक्तिशाली चौपाइयों का पाठ कर हनुमान जी के साथ भगवान राम की भी कृपा पा सकते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से।

बड़ा मंगल हिंदू धर्म में हनुमान जी की विशेष उपासना का दिन है। ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को मनाए जाने वाले इस व्रत में भक्त हनुमान जी के साथ-साथ भगवान राम की कृपा भी प्राप्त करते हैं। साल 2026 में पहला बड़ा मंगल 4 मई 2026 को है। इस दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी की कृपा के साथ राम जी की विशेष अनुकंपा प्राप्त होती है। सुंदरकांड में कुछ खास चौपाइयां ऐसी हैं, जिनका पाठ करने से भक्तों के संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

बड़ा मंगल का महत्व
बड़ा मंगल सामान्य मंगलवार से ज्यादा शक्तिशाली माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा के साथ राम-सीता और लक्ष्मण जी की भी आराधना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन सुंदरकांड पढ़ने या सुनने से भक्त को राम जी की कृपा सीधे प्राप्त होती है। खासकर पहला बड़ा मंगल संकल्प और नई शुरुआत के लिए बहुत शुभ होता है।

सुंदरकांड क्यों पढ़ा जाता है?
सुंदरकांड रामायण का वह हिस्सा है, जिसमें हनुमान जी की वीरता, भक्ति और शक्ति का अद्भुत वर्णन है। यह कांड भक्तों को संकट से मुक्ति, साहस और विश्वास प्रदान करता है। बड़े मंगल के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामना पूरी करते हैं।

हनुमान जी की कृपा पाने वाली 5 खास चौपाइयां
यहां 5 महत्वपूर्ण चौपाइयां दी गई हैं, जिनका पाठ बड़े मंगल के दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है:

1. कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम पाहीं।।
यह चौपाई हनुमान जी की असीम शक्ति को दर्शाती है। सीता माता का पता लगाने के लिए समुद्र लांघकर लंका जाने के लिए हनुमान जी को जब उनके बल की याद जामवंत जी दिला रहे थे, तो उन्होंने बजरंबली से बोला था कि आपके लिए इस संसार में कोई भी कार्य कठिन नहीं है। मान्यता है कि हनुमान जी को उनकी वीरता याद दिलाने वाले इस चौपाई का पाठ करने से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।

2. प्रबिसि नगर कीजे सब काजा। हृदय राखि कोसलपुर राजा।।
यह चौपाई हनुमान जी के लंका प्रवेश की है। इसमें भक्ति और सावधानी का सुंदर मेल दिखता है। हनुमान जी कहते हैं कि राम नाम को हृदय में रखकर कोई भी कार्य किया जाए, तो जहर अमृत बन जाता है, शत्रु मित्र बन जाते हैं और छोटा सा गोपद भी समुद्र के समान हो जाता है। मान्यता है कि इस चौपाई का पाठ करने से कार्य में सफलता और सुरक्षा मिलती है।

3. हनुमान तेहि परसा कर पुनि कीन्ह प्रनाम। राम काजु कीन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम।।
यह चौपाई हनुमान जी के समर्पण को दर्शाती है। जब हनुमान जी समुद्र पार कर रहे थे, तब मैनाक पर्वत ने उन्हें विश्राम करने का आमंत्रण दिया था। हनुमान जी मैनाक पर्वत से कहते हैं कि राम का काम पूरा किए बिना उन्हें विश्राम नहीं है। इसका पाठ करने से लक्ष्य के प्रति समर्पण बढ़ता है।
4. धरइ जो बिबिध देह सुरत्राता। तुम्ह से सठन्ह सिखावनु दाता॥
हर कोदंड कठिन जेहिं भंजा। तेहि समेत नृप दल मद गंजा॥

यह चौपाई हनुमान जी की राम भक्ति का सार है। रावण से श्रीराम जी का गुणगान करते हुए हनुमान जी कहते हैं कि जो अच्छे लोगों की रक्षा के लिए शरीर लेते हैं और अज्ञानियों को शिक्षा देते हैं। जिन्होंने शिवजी के कठोर धनुष को तोड़ डाला और उसी के साथ राजाओं के समूह का घमंड भी चूर कर दिया। वो भगवान हमेशा सच्चे और अच्छे लोगों का साथ देते हैं और बुरे काम करने वालो को सजा देते हैं। पाठ से भक्ति, विश्वास और शुद्धता बढ़ती है।

5. दीन दयाल बिरिदु संभारी। हरहु नाथ मम संकट भारी।।
लंका दहन करने के बाद जब हनुमान जी वापस आने लगे, तो उस समय माता सीता नुमान जी से कहती हैं कि वे प्रभु श्रीराम को यह संदेश दें कि हे दुखियों पर दया करने वाले प्रभु! आप अपने दयालु स्वभाव की मर्यादा को याद रखें और मेरे इस भारी संकट को दूर कर दीजिए। यह चौपाई संकट मोचन हनुमान जी से सीधे प्रार्थना है। संकट के समय इसका पाठ करने से बहुत जल्दी राहत मिलती है।
बड़े मंगल पर इन चौपाइयों का पाठ कैसे करें?

4 मई 2026 को सुबह स्नान के बाद लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें। हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं। सुंदरकांड का पूरा पाठ करने के बाद ऊपर दी गई 5 चौपाइयों का 11, 21 या 108 बार जाप करें। अंत में हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें। प्रसाद में बूंदी के लड्डू या केला चढ़ाएं।

बड़े मंगल के लाभ
    हनुमान जी और राम जी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।
    संकटों से मुक्ति मिलती है।
    साहस, आत्मविश्वास और शक्ति बढ़ती है।
    नौकरी, व्यापार और विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं।
    मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

अगर आप बड़े मंगल पर सुंदरकांड की इन 5 चौपाइयों का श्रद्धा से पाठ करेंगे, तो हनुमान जी की कृपा के साथ भगवान राम की विशेष अनुकंपा प्राप्त होगी। संकटों से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यह सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी उपाय है।

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