ममता की 3 घंटे की मौजूदगी और कार्यकर्ताओं का पहरा, टीएमसी के आरोप पर EC का जवाब

कलकत्ता

पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग ख़त्म होने के एक दिन बाद ईवीएम और पोस्टल बैलट बॉक्स को रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर विवाद हो गया। 

30 अप्रैल की दोपहर से शुरू हुआ ये विवाद शाम तक काफ़ी बढ़ गया और कई जगह तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेताओं, उनके समर्थकों और प्रशासन-पुलिस के लोगों के बीच बहस देखने को मिली। 

तृणमूल कांग्रेस के लोग स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर पुलिस-प्रशासन पर 'धांधली' करने के आरोप लगाते दिखे. वहीं बीजेपी ने कहा कि ममता बनर्जी की पार्टी हार रही है, इसलिए 'धांधली' के आरोप लगाए जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे चरण में विधानसभा की 142 सीटों पर वोटिंग हुई थी. नतीजे 4 मई को आएंगे। 

 टीएमसी ने स्ट्रॉन्गरूम में पोस्टल बैलट से छेड़छाड़ का आरोप लगाया और इसके बाद पार्टी के नेताओं के संबंधित जगह पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भी पहुंच गईं और धरना-प्रदर्शन शुरू हो गया. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इसे राजनीतिक ड्रामा बताया. मामले ने तूल पकड़ा तो चुनाव आयोग को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्थिति साफ करनी पड़ी. इस दौरान क्या-क्या हुआ?

शाम तीन बजे के बाद तक सब सामान्य था, फिर एक ई-मेल आया. ई-मेल में इस बात की सूचना थी कि शाम 4 बजे स्ट्रॉन्गरूम खुलेगा. टीएमसी नेता कुणाल घोष और शशि पांजा मौके पर पहुंचे, लेकिन उनको अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई. टीएमसी ने इस पर शक जताते हुए पार्टी प्रतिनिधियों के बिना पोस्टल बैलट और पिंक पेपर संभालने को लोकतंत्र के खिलाफ बताया. टीएमसी ने इसका वीडियो भी शेयर किया और इसके बाद सियासी पारा चढ़ता ही चला गया. कुणाल घोष और शशि पांजा स्ट्रॉन्गरूम के बाहर धरने पर बैठ गए. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंच गईं। 

सीएम की अपील पर बड़ी तादाद में टीएमसी समर्थक पहले से ही मौके पर थे. सीएम ने समर्थकों से 24 घंटे स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी करने की अपील की थी. ममता सखावत मेमोरियल स्कूल में बने स्ट्रॉन्गरूम में पहुंचीं और करीब तीन घंटे तक रहीं. इस स्कूल में भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम रखी हुई है, जहां से खुद ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं. ममता बनर्जी करीब तीन घंटे तक स्ट्रॉन्गरूम में रहीं. स्ट्रॉन्गरूम से निकलने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने उनको अंदर जाने से रोक दिया. जब कहा कि मुझे जाने का अधिकार है, चुनाव नियमों के मुताबिक उम्मीदवार को सील कक्ष के बाहर तक जाने की अनुमति है, तब मुझे जाने दिया गया। 

उन्होंने कई जगह गड़बड़ी मिलने का दावा करते हुए कहा कि अगर कोई गड़बड़ी हुई, तो हम लड़ेंगे. ईवीएम मशीन लूटने की कोई कोशिश करेगा, तो हम जिंदगी-मौत एक कर देंगे. टीएमसी के आक्रामक रुख, धरना-प्रदर्शन और आरोप के बीच कई घंटे तक माहौल गर्म बना रहा. इस दौरान टीएमसी और बीजेपी समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई. बीजेपी नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ममता बनर्जी का यह नाटकीय रवैया पश्चिम बंगाल के लिए सबसे साफ एग्जिट पोल है। 

टीएमसी के आरोप
टीएमसी ने चुनाव आयोग पर बीजेपी के साथ मिलकर लोकतंत्र से खिलवाड़ का आरोप लगाया और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम के आसपास उनकी जानकारी के बगैर हलचल हो रही है, जो गलत है. कुणाल घोष ने कहा कि तय यह हुआ था कि बिना बताए स्ट्रॉन्गरूम की सील नहीं तोड़ी जाएगी. फिर ऐसा क्यों हुआ? उन्होंने विपक्ष पर भी हमला बोला और कहा कि हम जब गलत का विरोध कर रहे हैं, तब बीजेपी को इतनी मिर्ची क्यों लग रही है। 

चुनाव आयोग का जवाब
टीएमसी के आरोप पर चुनाव आयोग को रात के समय प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जवाब देना पड़ा. चुनाव आयोग ने टीएमसी के आरोप सिरे से खारिज कर दिए और कहा कि स्ट्रॉन्गरूम में रखे बैलट की छंटनी की जा रही थी. यह प्रक्रिया का हिस्सा है. चुनाव आयोग ने दावा किया कि सभी पार्टियों को इसकी जानकारी पहले ही दे दी गई थी. बैलट बॉक्स के साथ किसी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है. खुदीराम अनुशीलन केंद्र के सभी सात स्ट्रॉन्गरूम पूरी तरह से सुरक्षित हैं. पोस्टल बैलट की छंटनी का काम दूसरे कमरे में चल रहा था। 

More From Author

साधारण दाल से बनाएं रेस्टोरेंट स्टाइल शाही दाल, जानें क्रिमी तड़के की ट्रिक

छत्तीसगढ़ की नई नीति: ‘शहरी गैस वितरण नीति-2026’ से अब सीधे किचन तक पहुंचेगी गैस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.