डोनाल्ड ट्रंप के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के बीच अमेरिका-ईरान टकराव तेज, होर्मुज में फंसे जहाज

नई दिल्ली

होर्मुज में जारी तनाव की वजह से पैदा हुए ऊर्जा संकट के बीच ईरान ने एक बार फिर यूएई पर अटैक किया है। ईरान ने यूएई पर करीब 15 मिसाइलें और ड्रोन दागे। इसके बाद आपातकालीन सायरन बजाकर लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने का आग्रह किया गया। इससे पहले अमेरिकी सेना ने दो व्यापारिक जहाजों के होर्मुज से होकर गुजरने का दावा किया था। इसके बाद अमेरिका और ईरान में एक बार फिर युद्ध की स्थित बनती दिखाई दे रही है। इसकी शुरुआत ईरान ने यूएई पर हमले करके कर दी है। यह चेतावनी उस समय जारी की गयी, जब कुछ समय पहले हालांकि, तत्काल किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है और बाद में स्थिति को सामान्य घोषित कर दिया गया।

युद्धविराम पर ट्रंप ने साधी चुप्पी
होर्मजु में ईरान ने अमेरिकी नौसेना के पोत पर हमला करने का दावा किया जिसे अमेरिका ने खारिज कर दिया है। वहीं डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम का आगे बढ़ाने को लेकर भी चुप्पी साधे हुए हैं। उधार ईरान और यूएई में तनाव बढ़ने के बाद खाड़ी देश सुरक्षा को लेकर फिर तनाव में आ गए हैं। ईरान और अमेरिका में बातचीत के तमाम प्रयास विफल हो गए। ईरान जितनी बार भी अमेरिका को अपने प्रस्ताव भेजता है उन्हें सिरे से खारिज कर दिया जाता है। ऐसे में भविष्य को लेकर अनिश्चितता बरकरार है।

होर्मुज में फंसे सैकड़ों जहाज
इस बीच, अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों को मार्गदर्शन देने की पेशकश की है। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज में सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं। अमेरिकी सेना की केंद्रीय कमान ने बताया कि अमेरिकी ध्वज वाले दो व्यापारिक जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और फारस की खाड़ी में तैनात नौसेना के गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज व्यापारिक यातायात बहाल करने में मदद कर रहे हैं।

कमान ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये जहाज 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' के तहत जलडमरूमध्य से गुजरे और व्यापारिक जहाज सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि नौसैनिक जहाज कब पहुंचे या व्यापारिक जहाज कब रवाना हुए।वइसी घोषणा के तुरंत बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में संभावित मिसाइल हमले का आपातकालीन सायरन जारी किया गया, जिसमें लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया। अप्रैल की शुरुआत में युद्धविराम लागू होने के बाद यह पहली ऐसी चेतावनी थी। फिलहाल किसी के हताहत होने या नुकसान की खबर नहीं है।

इससे पहले, ईरान की समाचार एजेंसियों ने दावा किया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिण-पूर्व में एक बंदरगाह के पास ईरान ने एक अमेरिकी पोत को निशाना बनाया, जिस पर समुद्री सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया। खबरों में कहा गया कि पोत को वापस लौटने के लिए मजबूर किया गया। हालांकि, अमेरिकी कमान ने स्पष्ट किया कि "अमेरिकी नौसेना के किसी भी जहाज को निशाना नहीं बनाया गया है।"

क्या है ट्रंप का 'प्रोजेक्ट फ्रीडम'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' की घोषणा की थी। इस पहल में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक, 100 से अधिक विमान और करीब 15,000 सैनिक शामिल हो सकते हैं, हालांकि सहायता के स्वरूप को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। अमेरिका के नेतृत्व वाले संयुक्त समुद्री सूचना केंद्र ने जहाजों को ओमान के जलक्षेत्र से गुजरने की सलाह दी है और वहां 'उन्नत सुरक्षा क्षेत्र' बनाया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि शिपिंग कंपनियां और बीमा कंपनियां इस जोखिम को उठाने के लिए तैयार होंगी या नहीं, क्योंकि ईरान पहले भी जहाजों पर हमले कर चुका है और आगे भी ऐसा करने की चेतावनी दे चुका है।

ईरान ने अमेरिकी पहल को तीन सप्ताह से अधिक समय से लागू नाजुक युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। ईरान के सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कोई भी विदेशी सैन्य बल, विशेषकर अमेरिकी सेना, यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में प्रवेश करती है तो उसे निशाना बनाया जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस पर ईरान का नियंत्रण उसे अमेरिका और इजराइल के साथ चल रहे युद्ध में रणनीतिक बढ़त देता है, जिससे वह वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बना रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान जहाजों के आवागमन में बाधा डालता है तो अमेरिका "कड़ा जवाब" देगा। उन्होंने 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' को मानवीय पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य उन नाविकों की मदद करना है, जो युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी ने इस पहल को ट्रंप की "भ्रमपूर्ण सोच" करार दिया है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिकी मांगों में लगातार बदलाव के कारण कूटनीतिक समाधान मुश्किल हो रहा है।

इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने आरोप लगाया है कि ईरान ने जलडमरूमध्य से गुजर रहे उसके एक तेल टैंकर पर ड्रोन से हमला किया, हालांकि इसमें किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। उधर, पाकिस्तान ने सोमवार को बताया कि उसने अमेरिकी कब्जे में लिए गए एक ईरानी जहाज के 22 चालक दल के सदस्यों को अपने यहां स्थानांतरित करने में मदद की है। यह कदम वार्ता बहाल करने के प्रयासों के तहत विश्वास बहाली के रूप में देखा जा रहा है।

More From Author

गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर ने किसानों को बताए बचाव का उपाय

गर्मी में ठंडक और स्वाद का कॉम्बो: अचारी लौकी सलाद बनाने की आसान रेसिपी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.