थलापति के विजय रथ के सामने खड़ी हो सकती हैं पिता की दो संतानें: DMK और AIADMK

चेन्नई 

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की टीवीके पार्टी ने जबर्दस्त जीत हासिल कर पूरे देश में कोहराम मचा दिया है. राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में टीवीके को 108 सीटों पर जीत मिली है. देश के इतिहास में यह अपने तरह की अभूतपूर्व घटना है. महज दो साल पुरानी पार्टी अपने दम पर एक बड़े राज्य में इतनी बड़ी जीत हासिल कर सकती है. इस बात का भरोसा अच्छे-अच्छे चुनावी पंडितों को भी नहीं था. टीवीके की स्थापना दो मार्च 2024 को हुई थी. लेकिन, इतनी शानदार जीत हासिल करने के बावजूद टीवीके बहुमत से थोड़ी दूर रह गई है. राज्य में सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए. उसको कम से कम 10 और विधायकों की जरूरत है. लेकिन, उसके लिए यह 10 का नंबर अब भारी पड़ता दिख रहा है। 

एक संभावना यह बन रही है कि टीवीके के विजय रथ को रोकने के लिए राज्य की दोनों प्रमुख पार्टियां डीएमके और एआईएडीएमके पुरानी दुश्मनी भूलकर साथ आ सकती हैं. ऐसा इसलिए भी संभव है कि ये दोनों एक ही पिता की संतानें हैं. इनके बीच एक तरह से खून का रिश्ता है. दरअसल, तमिलनाडु की राजनीति में DMK और AIADMK लंबे समय से दुश्मन के रूप में जानी जाती हैं. लेकिन दोनों का जन्म द्रविड़ आंदोलन से हुआ है. दोनों की विचारधारा लगभग एक समान है. दोनों द्रविड़ संस्कृति, सामाजिक न्याय, भाषाई गौरव और हिंदुत्व की विरोधी रही हैं। 

डीएमके के बंटवारे की कहानी
इस कहानी की शुरुआत 1972 में डीएमके के टूटने से होती है. दरअसल, DMK के संस्थापक सीएन अन्नादुरै की मृत्यु के बाद पार्टी में दो बड़े नेता एम. करुणानिधि और एम.जी. रामचंद्रन (MGR) चेहरा बने. करुणानिधि पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री थे, जबकि MGR पार्टी के सबसे बड़े चेहरे, कोषाध्यक्ष और जनप्रिय अभिनेता थे. सबसे बड़ा विवाद पैसे और पारदर्शिता को लेकर हुआ. MGR ने पार्टी नेताओं से अपनी संपत्ति घोषित करने की मांग की. उन्होंने 1972 के मदुरै सम्मेलन के हिसाब-किताब पर सवाल उठाए और पार्टी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. करुणानिधि इसे अपनी सत्ता पर चुनौती मान बैठे. तनाव पहले से बढ़ रहा था. 1971 में करुणानिधि ने MGR को कैबिनेट में जगह देने से मना कर दिया था. इसके अलावा करुणानिधि ने बेटे एमके मुथु को फिल्मों में MGR का मुकाबला करने के लिए तैयार किया, जो MGR को नागवार गुजरा. यही आग अक्टूबर 1972 में सुलग गई. 10-11 अक्तूबर को MGR को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित कर दिया गया। 

    14 अक्टूबर: DMK की आम परिषद ने उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया। 

    17 अक्टूबर: MGR ने नई पार्टी अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (ADMK) का ऐलान कर दिया. 1976 में इमरजेंसी के दौरान उन्होंने ऑल इंडिया जोड़कर इसे AIADMK बना दिया। 

एक ही पिता की संतानें
DMK और AIADMK में वैचारिक रूप से कोई बड़ी दूरी नहीं है. दोनों ही पेरियार के द्रविड़ आंदोलन की विरासत का दावा करती हैं. दोनों समाज के पिछड़े वर्गों, मंदिर प्रबंधन, जाति विरोध और तमिल गौरव की बात करती हैं. उनका झगड़ा व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा, सत्ता और करुणानिधि-MGR के बीच व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता का था, न कि विचारधारा का। 

जब एमजीआर बने सीएम
वर्ष 1972 नई पार्टी बनने के महज दो महीने में AIADMK में करीब दस लाख सदस्य जुड़ गए, ज्यादातर MGR के फैन क्लबों के जरिए. 1977 के चुनाव में AIADMK ने भारी जीत हासिल की और MGR भारत के पहले अभिनेता मुख्यमंत्री बने. उसके बाद पांच दशक तक तमिलनाडु में DMK और AIADMK के बीच सत्ता की अदला-बदली चलती रही। 

2026 में नया मोड़
2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस लंबे द्वंद्व को नई चुनौती मिली है. थलापति विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन किया है. विजय की लोकप्रियता, युवाओं का समर्थन और सिनेमा की ताकत ने पुरानी दो-दलीय व्यवस्था को हिला दिया है. अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या DMK और AIADMK जो पिछले 50 साल से एक-दूसरे के कट्टर विरोधी रहे, थलापति विजय के बढ़ते विजय रथ को रोकने के लिए एक साथ आ सकती हैं? कई राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह संभव है. दोनों पार्टियां जानती हैं कि अगर वे अलग-अलग रहीं तो विजय की TVK तमिलनाडु की राजनीति को नया आकार दे सकती है। 

एक ही गठबंधन में डीएमके-एआईएडीएमके
ऐतिहासिक रूप से देखें तो दोनों पार्टियों ने राज्य में आपस में कभी गठबंधन नहीं किया. लेकिन, ये दोनों दल एक ही समय में राष्ट्रीय स्तर पर एक ही गठबंधन में साझेदार रह चुके हैं. दिवंगत अटल बिहार वाजपेयी के नेतृत्व वाले एनडीए में 1999 में ये दोनों दल एक ही समय में गठबंधन में साझेदार थे. इसी तरह इन दोनों दलों ने एक समय केंद्र की यूपीए सरकार को समर्थन दिया था. ऐसे में बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में कुछ भी असंभव नहीं कहा जा सकता, क्योंकि इस वक्त टीवीके ने डीएमके और एआईएडीएमके के अस्तित्व को सीधी चुनौती दी है। 

More From Author

10 मई को दमोह में पीएम मोदी, स्वावलंबी गोशाला की आधारशिला रखेंगे

अग्नि-4 मिसाइल का परीक्षण हो सकता है बंगाल की खाड़ी में, NOTAM जारी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RO No. 13783/138

city24x7.news founded in 2021 is India’s leading Hindi News Portal with the aim of reaching millions of Indians in India and significantly worldwide Indian Diaspora who are eager to stay in touch with India based news and stories in Hindi because of the varied contents presented in an eye pleasing design format.